सिरमौर: अवैध खनन रोकने गई टीम पर हमला, तीन घायल
रामपुरघाट में यमुना नदी में अवैध खनन की शिकायत मिलने के बाद खनन निरीक्षक संजीव कुमार, खनन कर्मी नीरज, मुकेश, विकेश, राजेश, मुख्य आरक्षी पुलिस दलीप कुमार व विक्रमजीत रात को मौके पर पहुंचे। इस दौरान संयुक्त टीम ने रेत बजरी भरकर चोर रास्तों से जा रहे ट्रकों को रोका।
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा में यमुना नदी में अवैध खनन रोकने गई टीम पर खनन माफिया ने हमला किया है। घटना बुधवार देर रात 2:00 बजे की है। इस हमले में पुलिस जवान समेत तीन कर्मचारी घायल हुए हैं। माफिया इतना बेखौफ हो चुका है कि पांवटा के खनन निरीक्षक को बंधक बनाकर उत्तराखंड के क्षेत्र में ले गए। हालांकि, खनन निरीक्षक जैसे-तैसे माफिया के चंगुल से छूटकर भाग निकलने में सफल रहे। तीन दिन के भीतर यह दूसरी वारदात है। बताया जा रहा है कि रामपुरघाट में यमुना नदी में अवैध खनन की शिकायत मिलने के बाद खनन निरीक्षक संजीव कुमार, खनन कर्मी नीरज, मुकेश, विकेश, राजेश, मुख्य आरक्षी पुलिस दलीप कुमार व विक्रमजीत रात को मौके पर पहुंचे।
इस दौरान संयुक्त टीम ने रेत बजरी भरकर चोर रास्तों से जा रहे ट्रकों को रोका। पूछताछ कर ही रहे थे कि फिल्मी स्टाइल में एक स्कॉर्पियो पहुंची। इसमें से दर्जन भर हमलावर उतरे और वन रक्षक को उठाने लगे। इसी बीच वन रक्षकों व पुलिस कर्मियों से मारपीट शुरू कर दी गई। हमलावरों ने जबरदस्ती खनन निरीक्षक को स्कॉर्पियो में बैठाया और उत्तराखंड क्षेत्र में ले गए। खनन निरीक्षक संजीव कुमार किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर भाग निकले। मारपीट में विक्रमजीत सिंह, नीरज और मुकेश को चोटें आई हैं।
इन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया गया है। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही रामपुरघाट क्षेत्र में खनन माफिया ने एक वन कर्मी पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया था। इस मामले में भी अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जिला खनन अधिकारी सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पांवटा पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। डीएसपी बीर बहादुर ने कहा कि पांवटा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।