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जनजातीय मांग पूरी होते ही गिरिपार के आएंगे अच्छे दिन : अमीचंद
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गिरिपार के कमरऊ में हाटी महाखुमली में संबोधित करते केंद्रीय हाटी समिति के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : NAHAN
पांवटा साहिब/शिलाई (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र के तीन लाख लोगों का संघर्ष अब अंतिम चरण में हैं। हक मिलते ही गिरिपार को केंद्र से अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित क्षेत्र का विशेष आर्थिक लाभ और युवाओं को नौकरी मिलना शुरू होगी।
ये बात शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कमरऊ गांव में सोमवार को आयोजित हुई हाटियों की महाखुमली के दौरान केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद कमल ने अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि सही ढंग से प्रयास किए गए होते तो 1967 में साथ लगते तत्कालीन उत्तरप्रदेश के जौनसार क्षेत्र की तरह उन्हें भी अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिल गया होता।
इस मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने जातिवाद और क्षेत्रवाद को भी समाप्त किया। अगर ये मांग पहले पूरी होती तो पिछले चार दशकों से आज तक हजारों युवाओं को नौकरी मिल गई होती लेकिन हैरानी की बात है कि क्षेत्र में जाति तक बदल दी गई थी।
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महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने कहा कि सभी भाई और जाति के लोग आपस में एकजुट हैं। बेवजह आपस में उलझाने वालों से सतर्क रहें। जागरूक लोग अच्छे से समझते हैं कि चार दशकों से चली आ रही तीन लाख लोगों की मांग की कितनी अहमियत है। उन्होंने अब तक की गतिविधियों और आगामी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हाटी समुदाय पर उन्होंने ‘हाटी ओस्सो आमे दाई भाई’ पहाड़ी कविता भी सुनाई। कहा कि इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, सांसद सुरेश कश्यप समेत चयनित प्रतिनिधियों के प्रयास सराहनीय रहे हैं।
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ग्रामीण बोले, इस मुद्दे पर इतना समय क्यों लगा
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कई सवाल भी पूछे कि इस मुद्दे पर इतना समय क्यों लगा? कुंदन शास्त्री ने कहा कि आरजीआई से हर बार कोई न कोई कमी बता फाइल वापस होती रही। अब आरजीआई से सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। समिति के शिवचंद, दिलावर सिंह और जोगी राम ने कहा कि कुछ शरारती तत्व आज अनुसूचित जाति वर्ग को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें वह सफल नहीं होंगेे। कई कुरीतियां अब समाप्त हो रही हैं।
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विधानसभा चुनाव से पहले मिलेगा जनजातीय दर्जा : बलदेव
राज्य खाद्य एवं आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले ये मुद्दा पूरा होगा। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो चुनाव में लोग वोट न दें। उन्होंने कहा कि चार दशकों से संघर्ष जारी है।
गृहमंत्री के आश्वासन के बाद कुछ लोग मुद्दे को लेकर दूरी बनाए हुए हैं। इसमें श्रेय की राजनीति नहीं होनी चाहिए। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस मुहिम में हमेशा साथ रहे हैं। इस मुद्दे को अंतिम छोर तक पहुंचा कर ही दम लेंगे। इस मुद्दे के लिए राजनीतिक नफा या नुकसान नहीं देखेंगे। पांच दशकों का दर्द हम अच्छे से समझते हैं।
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ये बात शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कमरऊ गांव में सोमवार को आयोजित हुई हाटियों की महाखुमली के दौरान केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद कमल ने अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि सही ढंग से प्रयास किए गए होते तो 1967 में साथ लगते तत्कालीन उत्तरप्रदेश के जौनसार क्षेत्र की तरह उन्हें भी अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिल गया होता।
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इस मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने जातिवाद और क्षेत्रवाद को भी समाप्त किया। अगर ये मांग पहले पूरी होती तो पिछले चार दशकों से आज तक हजारों युवाओं को नौकरी मिल गई होती लेकिन हैरानी की बात है कि क्षेत्र में जाति तक बदल दी गई थी।
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महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने कहा कि सभी भाई और जाति के लोग आपस में एकजुट हैं। बेवजह आपस में उलझाने वालों से सतर्क रहें। जागरूक लोग अच्छे से समझते हैं कि चार दशकों से चली आ रही तीन लाख लोगों की मांग की कितनी अहमियत है। उन्होंने अब तक की गतिविधियों और आगामी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हाटी समुदाय पर उन्होंने ‘हाटी ओस्सो आमे दाई भाई’ पहाड़ी कविता भी सुनाई। कहा कि इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, सांसद सुरेश कश्यप समेत चयनित प्रतिनिधियों के प्रयास सराहनीय रहे हैं।
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ग्रामीण बोले, इस मुद्दे पर इतना समय क्यों लगा
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कई सवाल भी पूछे कि इस मुद्दे पर इतना समय क्यों लगा? कुंदन शास्त्री ने कहा कि आरजीआई से हर बार कोई न कोई कमी बता फाइल वापस होती रही। अब आरजीआई से सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। समिति के शिवचंद, दिलावर सिंह और जोगी राम ने कहा कि कुछ शरारती तत्व आज अनुसूचित जाति वर्ग को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें वह सफल नहीं होंगेे। कई कुरीतियां अब समाप्त हो रही हैं।
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विधानसभा चुनाव से पहले मिलेगा जनजातीय दर्जा : बलदेव
राज्य खाद्य एवं आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले ये मुद्दा पूरा होगा। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो चुनाव में लोग वोट न दें। उन्होंने कहा कि चार दशकों से संघर्ष जारी है।
गृहमंत्री के आश्वासन के बाद कुछ लोग मुद्दे को लेकर दूरी बनाए हुए हैं। इसमें श्रेय की राजनीति नहीं होनी चाहिए। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस मुहिम में हमेशा साथ रहे हैं। इस मुद्दे को अंतिम छोर तक पहुंचा कर ही दम लेंगे। इस मुद्दे के लिए राजनीतिक नफा या नुकसान नहीं देखेंगे। पांच दशकों का दर्द हम अच्छे से समझते हैं।