{"_id":"6223a43b8fe3cc56b119f344","slug":"adalat-give-jamanat-to-two-victims-of-haryana-police-in-furgery-ig-case-nahan-news-sml401644424","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी आईजी मामले में हरियाणा पुलिस के आरोपियों को जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी आईजी मामले में हरियाणा पुलिस के आरोपियों को जमानत
विज्ञापन
adalat give jamanat to two victims of haryana police in furgery ig case
नाहन (सिरमौर)। फर्जी आईजी मामले में सीआईडी की विशेष टीम (एसआईटी) ने हरियाणा पुलिस के दोनों आरोपियों को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी नाहन (जेएमएफसी) की अदालत में पेश किया।
अभियुक्त जसवीर और रविंद्र की न्यायिक हिरासत अवधि पूरी होने के बाद अदालत में पेश किए गए, जो 20 फरवरी से न्यायिक हिरासत में थे। इन दोनों आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से जमानत मिली।
सूत्रों के अनुसार इस फर्जीवाड़े में शामिल कथित आईजी विनय अग्रवाल को उच्च न्यायालय शिमला से अग्रिम जमानत मिली है जिस पर अभी सुनवाई शेष है। बताया जा रहा है कि विनय अग्रवाल का संपर्क हरियाणा पुलिस के एक उच्च पद पर आसीन अधिकारी के साथ पाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसआईटी आरोपी विनय अग्रवाल की पुलिस हिरासत में पूछताछ के बाद ही इस बात को साफ कर सकती है। एसआईटी के अनुसार अभी इस मामले में गिरोह से जुड़े और सदस्यों की गिरफ्तारी की जानी शेष है। बता दें कि जसवीर और रविंद्र हरियाणा पुलिस के कर्मचारी हैं।
सूत्रों का कहना है कि फर्जी आईजी मामले में दोनों आरोपी भी शामिल थे। दोनों आरोपी फर्जी आईजी विनय अग्रवाल के साथ वर्दी मेें हथियारों के साथ रहते थे। इस गिरोह में और भी बड़े लोग शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि अवैध वसूली का यह पैसा कई लोगों में बंटा है। एसआईटी के मुताबिक रविंद्र जिला सोनीपत, जसवीर जगाधरी में तैनात है। इन पर आरोप है कि यह दोनों फर्जी आईजी के साथ मिलकर कालाअंब, नालागढ़ व बद्दी में उद्योगपतियों से अवैध वसूली करते थे।
विज्ञापन
अभियुक्त जसवीर और रविंद्र की न्यायिक हिरासत अवधि पूरी होने के बाद अदालत में पेश किए गए, जो 20 फरवरी से न्यायिक हिरासत में थे। इन दोनों आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से जमानत मिली।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार इस फर्जीवाड़े में शामिल कथित आईजी विनय अग्रवाल को उच्च न्यायालय शिमला से अग्रिम जमानत मिली है जिस पर अभी सुनवाई शेष है। बताया जा रहा है कि विनय अग्रवाल का संपर्क हरियाणा पुलिस के एक उच्च पद पर आसीन अधिकारी के साथ पाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसआईटी आरोपी विनय अग्रवाल की पुलिस हिरासत में पूछताछ के बाद ही इस बात को साफ कर सकती है। एसआईटी के अनुसार अभी इस मामले में गिरोह से जुड़े और सदस्यों की गिरफ्तारी की जानी शेष है। बता दें कि जसवीर और रविंद्र हरियाणा पुलिस के कर्मचारी हैं।
सूत्रों का कहना है कि फर्जी आईजी मामले में दोनों आरोपी भी शामिल थे। दोनों आरोपी फर्जी आईजी विनय अग्रवाल के साथ वर्दी मेें हथियारों के साथ रहते थे। इस गिरोह में और भी बड़े लोग शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि अवैध वसूली का यह पैसा कई लोगों में बंटा है। एसआईटी के मुताबिक रविंद्र जिला सोनीपत, जसवीर जगाधरी में तैनात है। इन पर आरोप है कि यह दोनों फर्जी आईजी के साथ मिलकर कालाअंब, नालागढ़ व बद्दी में उद्योगपतियों से अवैध वसूली करते थे।