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Sirmour News: गैर इरादतन हत्या के मामले के एसडीओ, जेई सहित तीन आरोपी दोषमुक्त
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वर्ष 2021 को संगड़ाह थाना क्षेत्र का मामला, लेंटर डालते समय निर्माणाधीन पुल गिरने से पांच लोग हुए थे घायल
एसडीओ, जेई और ठेकेदार पर पुल के निर्माण में खराब क्वालिटी की शटरिंग के लगे थे आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दो सरकारी कर्मियों सहित तीन आरोपियों को दंडनीय आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को उचित संदेह से परे साबित नहीं कर सका। स्वतंत्र गवाहों ने अदालत के समक्ष बयान दिया कि बाढ़ के कारण जमीन धंस गई, जिससे पुल गिर गया। अदालत में आरोपी व्यक्तियों की तरफ से कोई लापरवाही या गैर जिम्मेदाराना हरकत साबित नहीं हुई।
यह मामला 18 अप्रैल 2021 को संगड़ाह थाना में पंजीकृत है। आरोप थे कि आरोपियों ने डाबुरी टिक्कर पुल के निर्माण में खराब क्वालिटी की शटरिंग, लोहे के गार्डर और अन्य सामग्री का लापरवाही व गैर जिम्मेदाराना तरीके से इस्तेमाल किया। इससे दूसरों की जान की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। इसके परिणामस्वरूप लेंटर डालते समय पुल ढह गया। इस दुर्घटना में एक मजदूर हीरा सिंह की मौत हो गई, जबकि कैलाश, कुशल, रतन सिंह, मदन सिंह और लच्छी राम चोटिल हुए थे।
पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 336, 337, 338, 304-ए और 34 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों व 14 गवाहों के बयानों का विस्तृत परीक्षण किया। लेकिन, सबूतों के अभाव में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन एसडीओ नितेश शर्मा (संगड़ाह), जेई दिनेश कुमार (कुल्लू) और ठेकेदार राजेंद्र सिंह (ददाहू) निवासी को दंडनीय अपराध के आरोपों से बरी किया कर दिया।
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एसडीओ, जेई और ठेकेदार पर पुल के निर्माण में खराब क्वालिटी की शटरिंग के लगे थे आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दो सरकारी कर्मियों सहित तीन आरोपियों को दंडनीय आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को उचित संदेह से परे साबित नहीं कर सका। स्वतंत्र गवाहों ने अदालत के समक्ष बयान दिया कि बाढ़ के कारण जमीन धंस गई, जिससे पुल गिर गया। अदालत में आरोपी व्यक्तियों की तरफ से कोई लापरवाही या गैर जिम्मेदाराना हरकत साबित नहीं हुई।
यह मामला 18 अप्रैल 2021 को संगड़ाह थाना में पंजीकृत है। आरोप थे कि आरोपियों ने डाबुरी टिक्कर पुल के निर्माण में खराब क्वालिटी की शटरिंग, लोहे के गार्डर और अन्य सामग्री का लापरवाही व गैर जिम्मेदाराना तरीके से इस्तेमाल किया। इससे दूसरों की जान की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। इसके परिणामस्वरूप लेंटर डालते समय पुल ढह गया। इस दुर्घटना में एक मजदूर हीरा सिंह की मौत हो गई, जबकि कैलाश, कुशल, रतन सिंह, मदन सिंह और लच्छी राम चोटिल हुए थे।
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पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 336, 337, 338, 304-ए और 34 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों व 14 गवाहों के बयानों का विस्तृत परीक्षण किया। लेकिन, सबूतों के अभाव में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन एसडीओ नितेश शर्मा (संगड़ाह), जेई दिनेश कुमार (कुल्लू) और ठेकेदार राजेंद्र सिंह (ददाहू) निवासी को दंडनीय अपराध के आरोपों से बरी किया कर दिया।
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