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बस किराया वृद्धि के फैसले को अविलंब वापस ले सरकार : एबीवीपी
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बस किराया वृद्धि के फैसले को अविलंब वापस ले सरकार : एबीवीपी
किराया बढ़ोतरी से छात्र समुदाय सबसे ज्यादा प्रभावित : वंश भंडारी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पांवटा साहिब इकाई ने जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में न्यूनतम बस किराये में वृद्धि की गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पांवटा साहिब इकाई ने सरकार के इस फैसले पर कड़ा एतराज जताया है। इससे सबसे अधिक प्रभावित छात्र समुदाय हो रहा है। एबीवीपी पांवटा इकाई अध्यक्ष वंश भंडारी ने यहां जारी प्रेस बयान में कहा कि फैसला वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंंगे।
पांवटा कॉलेज इकाई अध्यक्ष वंश भंडारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह कदम पूरी तरह से छात्र विरोधी फैसला है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में छात्र-छात्राएं रोजाना स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं। अधिकांश छात्र आर्थिक रूप से मध्यम या निम्न वर्ग से आते हैं जिनके लिए पहले से ही शिक्षा की लागत वहन करना कठिन है। ऐसे में बस किराये में की गई यह वृद्धि उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
एबीवीपी छात्र नेताओं का कहना है कि जब सरकार एक तरफ तो सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा सबके लिए जैसी नीतियों की बात करती है। वहीं, दूसरी तरफ इस तरह के फैसलों से छात्रों को शिक्षा से दूर धकेलने का काम कर रही है।
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वंश भंडारी ने कहा कि सरकार को इस बात का अंदाजा नहीं है कि एक छात्र को महीने में कितनी बार बस यात्रा करनी पड़ती है। स्कूल-कॉलेज के अलावा कोचिंग, लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आदि के लिए छात्र बसों से जाते हैं। ऐसे में हर दिन की बढ़ी हुई लागत लंबे समय में शिक्षा को और महंगा बना देती है।
एबीवीपी ने मांग की है कि राज्य सरकार तुरंत बस किराया वृद्धि को वापस ले और छात्रों के लिए विशेष रियायत या पास व्यवस्था को और सुलभ तथा प्रभावी बनाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस छात्र विरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया तो प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन होगा।
संवाद
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किराया बढ़ोतरी से छात्र समुदाय सबसे ज्यादा प्रभावित : वंश भंडारी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पांवटा साहिब इकाई ने जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में न्यूनतम बस किराये में वृद्धि की गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पांवटा साहिब इकाई ने सरकार के इस फैसले पर कड़ा एतराज जताया है। इससे सबसे अधिक प्रभावित छात्र समुदाय हो रहा है। एबीवीपी पांवटा इकाई अध्यक्ष वंश भंडारी ने यहां जारी प्रेस बयान में कहा कि फैसला वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंंगे।
पांवटा कॉलेज इकाई अध्यक्ष वंश भंडारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह कदम पूरी तरह से छात्र विरोधी फैसला है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में छात्र-छात्राएं रोजाना स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं। अधिकांश छात्र आर्थिक रूप से मध्यम या निम्न वर्ग से आते हैं जिनके लिए पहले से ही शिक्षा की लागत वहन करना कठिन है। ऐसे में बस किराये में की गई यह वृद्धि उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
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एबीवीपी छात्र नेताओं का कहना है कि जब सरकार एक तरफ तो सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा सबके लिए जैसी नीतियों की बात करती है। वहीं, दूसरी तरफ इस तरह के फैसलों से छात्रों को शिक्षा से दूर धकेलने का काम कर रही है।
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वंश भंडारी ने कहा कि सरकार को इस बात का अंदाजा नहीं है कि एक छात्र को महीने में कितनी बार बस यात्रा करनी पड़ती है। स्कूल-कॉलेज के अलावा कोचिंग, लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आदि के लिए छात्र बसों से जाते हैं। ऐसे में हर दिन की बढ़ी हुई लागत लंबे समय में शिक्षा को और महंगा बना देती है।
एबीवीपी ने मांग की है कि राज्य सरकार तुरंत बस किराया वृद्धि को वापस ले और छात्रों के लिए विशेष रियायत या पास व्यवस्था को और सुलभ तथा प्रभावी बनाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस छात्र विरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया तो प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन होगा।
संवाद