{"_id":"5c659923bdec22094a2c85a7","slug":"91550162211-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएंडपी रूल्स में किए संशोधन को तत्काल वापिस ले सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरएंडपी रूल्स में किए संशोधन को तत्काल वापिस ले सरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरएंडपी नियमों में किए संशोधन
को तत्काल वापस ले प्रदेश सरकार
तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
सरकार के निणर्य से प्रदेश के लाखों युवाओं को भविष्य अधर में : संघ
शिमला में मुख्यमंत्री से भेंट कर अपनी मांगों से करवाया अवगत
अमर उजाला बयूरो
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संघ ने सरकार से जूनियर असिस्टेंट भर्ती एवं पदोन्नति नियम में किए गए संशोधन को तुरंत वापस लेने की मांग की है। इस संशोधन के विरोध में संघ का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को शिमला में विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल एवं वन निगम के अध्यक्ष विनय गुप्ता की अगुवाई में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अपनी मांग को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिला सिरमौर के प्रकाश चंद बंसल, सुमित्रा सिंगटा, पंकज जसवाल, चतर सिंह, सोलन की आकांक्षा, राजेश, कांगड़ा के डी राना, हमीरपुर के इंद्रजीत, अनिल डोगरा, संजय आर्यन, कांगड़ा के कृष्ण ठाकुर, कुल्लू के लोतराम, नंद लाल, मुरलीधर ठाकुर, बिलासपुर के अमृत लाल, मंडी के यदुपति राणा, केवल कुमार, गुमान सिंह, विजय सूद, वीरेंद्र शर्मा, शिमला के गुमान सिंह वर्मा ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया कि सरकार ने सरकारी विभागों और बोर्डों तथा निगमों में होने वाली क्लर्क की भर्ती के लिए आरएंडपी नियम में संशोधन किए हैं। जिसके चलते इस नौकरी के लिए प्राइवेट संस्थानों से डिप्लोमा करने वाले युवाओं को अमान्य करार दिया है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं और कंप्यूटर सेंटर के संचालकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट संस्थानों के डिप्लोमा को अमान्य करार देना उचित नहीं है। क्योंकि प्रदेश में दसवीं और जमा दो के बाद कोई भी ऐसी यूनिवर्सिटी और बोर्ड नहीं है, जो डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स कराती है। प्रदेश के अंतर्गत पांच हजार निजी शिक्षण संस्थान हैं जो प्रदेश और भारत सरकार के विभिन निगमों/ परिषदों एवं संस्थाओं से संबद्ध हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की कि युवाओं एवं उद्यमियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आरएंडपी नियम में किए गए संशोधनों को वापस लिया जाए। संघ की इस मांग पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
को तत्काल वापस ले प्रदेश सरकार
तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
सरकार के निणर्य से प्रदेश के लाखों युवाओं को भविष्य अधर में : संघ
शिमला में मुख्यमंत्री से भेंट कर अपनी मांगों से करवाया अवगत
अमर उजाला बयूरो
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संघ ने सरकार से जूनियर असिस्टेंट भर्ती एवं पदोन्नति नियम में किए गए संशोधन को तुरंत वापस लेने की मांग की है। इस संशोधन के विरोध में संघ का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को शिमला में विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल एवं वन निगम के अध्यक्ष विनय गुप्ता की अगुवाई में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अपनी मांग को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिला सिरमौर के प्रकाश चंद बंसल, सुमित्रा सिंगटा, पंकज जसवाल, चतर सिंह, सोलन की आकांक्षा, राजेश, कांगड़ा के डी राना, हमीरपुर के इंद्रजीत, अनिल डोगरा, संजय आर्यन, कांगड़ा के कृष्ण ठाकुर, कुल्लू के लोतराम, नंद लाल, मुरलीधर ठाकुर, बिलासपुर के अमृत लाल, मंडी के यदुपति राणा, केवल कुमार, गुमान सिंह, विजय सूद, वीरेंद्र शर्मा, शिमला के गुमान सिंह वर्मा ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया कि सरकार ने सरकारी विभागों और बोर्डों तथा निगमों में होने वाली क्लर्क की भर्ती के लिए आरएंडपी नियम में संशोधन किए हैं। जिसके चलते इस नौकरी के लिए प्राइवेट संस्थानों से डिप्लोमा करने वाले युवाओं को अमान्य करार दिया है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं और कंप्यूटर सेंटर के संचालकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट संस्थानों के डिप्लोमा को अमान्य करार देना उचित नहीं है। क्योंकि प्रदेश में दसवीं और जमा दो के बाद कोई भी ऐसी यूनिवर्सिटी और बोर्ड नहीं है, जो डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स कराती है। प्रदेश के अंतर्गत पांच हजार निजी शिक्षण संस्थान हैं जो प्रदेश और भारत सरकार के विभिन निगमों/ परिषदों एवं संस्थाओं से संबद्ध हैं।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की कि युवाओं एवं उद्यमियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आरएंडपी नियम में किए गए संशोधनों को वापस लिया जाए। संघ की इस मांग पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विज्ञापन