{"_id":"5c659916bdec2273ed39bda1","slug":"91550162198-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर शिमला में रैली आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर शिमला में रैली आज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरानी पेंशन योजना बहाली के लिए शिमला में रैली आज
शिक्षक महासंघ ने एनपीएस कर्मचारियों के सुर में मिलाए सुर
रैली को समर्थन, स्कूल प्रवक्ता संघ पहले ही दे चुका समर्थन
विधायकों-सांसदों को मिलने वाली पेंशन पर भी उठ रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। एनपीएस कर्मचारी महासंघ की ओर से पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर शिमला में 15 फरवरी को निकाले जाने वाली रैली को हिमाचल शिक्षक महासंघ ने अपना समर्थन दिया है। यही नहीं महासंघ ने इस रैली में शामिल होने का भी ऐलान किया है। इससे पूर्व स्कूल प्रवक्ता संघ ने भी इस रैली को अपने समर्थन की घोषणा की थी।
प्रेस को दिए बयान में संघ के राज्य प्रधान डॉ. प्रेम शर्मा, जिला प्रधान अमर जीत सिंह परमार, राज्य महासचिव लायम राम शर्मा, मुख्य संरक्षक प्रो. यशवंत सिंह राणा, मुख्यालय सचिव महेंद्र चौहान, संगठन सचिव रमैश सरैक, कर्मचारी प्रधान पवन शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 15 मई 2003 के बाद लगे कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी गई। ऐसे कर्मचारियों के लिए शुरू की गई नई पेंशन योजना कर्मचारियों की हित में नहीं है। इस पेंशन नीति से कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की हितों की रक्षा और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना अविलंब बहाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों की ओर से शिमला में शुक्रवार को निकाली जाने वाली रैली में उनकी पूरी कार्यकारिणी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएगी। शिमला में 15 फरवरी को होने वाली एनपीएस कर्मचारियों की रैली में राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा हरियाणा और पंजाब से आए पदाधिकारी भी अपने विचार प्रकट रखेंगे। बता दें कि देश के दो राज्यों पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों में एनपीएस पेंशन स्कीम शुरू की गई है। इसका देश भर के एनपीएस कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में देश भर से आए लाखों एनपीएस कर्मचारी अपना विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इनके दबाव में आकर केंद्र सरकार ने पेंशन में अपना शेयर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है, लेकिन एनपीएस कर्मचारी इसे नाकाफी बताकर पुरानी पेंशन को लागू करने की मांग पर अड़ गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नेता, विधायक बनते ही जब वे शपथ लेते हैं, तभी से पेंशन के हकदार हो जाते हैं। जबकि एक कर्मचारी सारी जिंदगी नौकरी करता है उसे तब भी पेंशन से वंचित रखा जा रहा है।
ऐसे में प्रदेश के कर्मचारियों ने अब पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर शिमला में 15 फरवरी को विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। जिसे शिक्षक महासंघ एवं स्कूल प्रवक्ता संघ ने अपना समर्थन दिया है।
विज्ञापन
--------पंकज तन्हा
विज्ञापन
शिक्षक महासंघ ने एनपीएस कर्मचारियों के सुर में मिलाए सुर
रैली को समर्थन, स्कूल प्रवक्ता संघ पहले ही दे चुका समर्थन
विधायकों-सांसदों को मिलने वाली पेंशन पर भी उठ रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। एनपीएस कर्मचारी महासंघ की ओर से पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर शिमला में 15 फरवरी को निकाले जाने वाली रैली को हिमाचल शिक्षक महासंघ ने अपना समर्थन दिया है। यही नहीं महासंघ ने इस रैली में शामिल होने का भी ऐलान किया है। इससे पूर्व स्कूल प्रवक्ता संघ ने भी इस रैली को अपने समर्थन की घोषणा की थी।
प्रेस को दिए बयान में संघ के राज्य प्रधान डॉ. प्रेम शर्मा, जिला प्रधान अमर जीत सिंह परमार, राज्य महासचिव लायम राम शर्मा, मुख्य संरक्षक प्रो. यशवंत सिंह राणा, मुख्यालय सचिव महेंद्र चौहान, संगठन सचिव रमैश सरैक, कर्मचारी प्रधान पवन शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 15 मई 2003 के बाद लगे कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी गई। ऐसे कर्मचारियों के लिए शुरू की गई नई पेंशन योजना कर्मचारियों की हित में नहीं है। इस पेंशन नीति से कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की हितों की रक्षा और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना अविलंब बहाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों की ओर से शिमला में शुक्रवार को निकाली जाने वाली रैली में उनकी पूरी कार्यकारिणी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएगी। शिमला में 15 फरवरी को होने वाली एनपीएस कर्मचारियों की रैली में राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा हरियाणा और पंजाब से आए पदाधिकारी भी अपने विचार प्रकट रखेंगे। बता दें कि देश के दो राज्यों पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों में एनपीएस पेंशन स्कीम शुरू की गई है। इसका देश भर के एनपीएस कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में देश भर से आए लाखों एनपीएस कर्मचारी अपना विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इनके दबाव में आकर केंद्र सरकार ने पेंशन में अपना शेयर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है, लेकिन एनपीएस कर्मचारी इसे नाकाफी बताकर पुरानी पेंशन को लागू करने की मांग पर अड़ गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नेता, विधायक बनते ही जब वे शपथ लेते हैं, तभी से पेंशन के हकदार हो जाते हैं। जबकि एक कर्मचारी सारी जिंदगी नौकरी करता है उसे तब भी पेंशन से वंचित रखा जा रहा है।
विज्ञापन
ऐसे में प्रदेश के कर्मचारियों ने अब पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर शिमला में 15 फरवरी को विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। जिसे शिक्षक महासंघ एवं स्कूल प्रवक्ता संघ ने अपना समर्थन दिया है।
विज्ञापन
--------पंकज तन्हा