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मां को दुखी नहीं देख सकता, इसलिए हर रोज करता हूं फोन
Updated Wed, 25 Apr 2018 10:57 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)।
अभी शहीद अजय के माता-पिता अपने छोटे बेटे के निधन को भुला भी नहीं पाए थे कि बड़े बेटे की शहादत ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए अजय कुमार की शहादत पर उनके माता-पिता के साथ पूरा गांव भी बदहवास हो गया है। बीते मंगलवार को जैसे ही मां व पिता को बहादुर बेटे की शहादत की खबर मिली, तभी से दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को भी दोनों सिसकते रहे। पच्छाद क्षेत्र की कोटला पंजोला पंचायत के थुरंग गांव के शहीद अजय कुमार के घर में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। शहीद अजय कुमार की माता कमला देवी व पिता सुरेश कुमार का रुदन किसी से देखा नहीं जा रहा था।
अमर उजाला ने जब शहीद की माता कमला देवी व पिता सुरेश से फोन पर संपर्क किया तो वे सुबकते हुए बोले ‘मंगलवार को अजय के शहीद होने की सूचना मिली।’ उन्होंने बताया कि इस मनहूस सूचना के मिलने से कुछ ही घंटों पहले अजय ने पिता को फोन करके बताया कि वह मां को दुखी नहीं देख सकते, इसलिए वह हर रोज मां को फोन करते हैं। माता कमला देवी ने अजय से पूछा कि बेटा खाना खा लिया है? तो अजय ने बताया कि हां मां मैंने भोजन कर लिया है। मैंने आज खीर खाई है। पिता सुरेश कुमार ने बताया कि उनका बहादुर बेटा जब भी छुट्टी लेकर घर आता था तो उनकी शादी को लेकर बातें होती थीं। कई रिश्ते भी अजय के लिए आए। लेकिन, अजय ने साफ तौर पर कह दिया था कि वह अभी शादी नहीं करेंगे। पिता ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बहादुर बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। लेकिन, अजय का लगाव व उसकी यादें उनकी ताकत को कम कर रही हैं।
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तीन माह पहले ही शहीद के छोटे भाई का हुआ था निधन
शहीद अजय कुमार के माता पिता पर इस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन माह पहले ही अजय के छोटे भाई का देहांत हो गया था। उसके बाद अजय रोजाना अपनी मां से फोन पर बात किया करते थे। छोटे बेटे के बाद बड़े बेटे को खोने से परिवार टूट सा गया है।
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पंचायत के सभी स्कूलों में अवकाश
अजय कुमार की शहादत के बाद बुधवार को कोटला पंजोला पंचायत के हाई स्कूल कोटला पंजोला, मिडिल स्कूल शाया घाट-गड़ासर, प्राइमरी स्कूल महलोग स्कूलों में इस दुखद घड़ी के मौके पर अवकाश रखा गया। पंचायत प्रधान राजकुमार ने बताया कि क्षेत्र में इस दुख की घड़ी को देखते हुए पंचायत के सभी स्कूलों में अवकाश रखा गया है।
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सराहां (सिरमौर)।
अभी शहीद अजय के माता-पिता अपने छोटे बेटे के निधन को भुला भी नहीं पाए थे कि बड़े बेटे की शहादत ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए अजय कुमार की शहादत पर उनके माता-पिता के साथ पूरा गांव भी बदहवास हो गया है। बीते मंगलवार को जैसे ही मां व पिता को बहादुर बेटे की शहादत की खबर मिली, तभी से दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को भी दोनों सिसकते रहे। पच्छाद क्षेत्र की कोटला पंजोला पंचायत के थुरंग गांव के शहीद अजय कुमार के घर में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। शहीद अजय कुमार की माता कमला देवी व पिता सुरेश कुमार का रुदन किसी से देखा नहीं जा रहा था।
अमर उजाला ने जब शहीद की माता कमला देवी व पिता सुरेश से फोन पर संपर्क किया तो वे सुबकते हुए बोले ‘मंगलवार को अजय के शहीद होने की सूचना मिली।’ उन्होंने बताया कि इस मनहूस सूचना के मिलने से कुछ ही घंटों पहले अजय ने पिता को फोन करके बताया कि वह मां को दुखी नहीं देख सकते, इसलिए वह हर रोज मां को फोन करते हैं। माता कमला देवी ने अजय से पूछा कि बेटा खाना खा लिया है? तो अजय ने बताया कि हां मां मैंने भोजन कर लिया है। मैंने आज खीर खाई है। पिता सुरेश कुमार ने बताया कि उनका बहादुर बेटा जब भी छुट्टी लेकर घर आता था तो उनकी शादी को लेकर बातें होती थीं। कई रिश्ते भी अजय के लिए आए। लेकिन, अजय ने साफ तौर पर कह दिया था कि वह अभी शादी नहीं करेंगे। पिता ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बहादुर बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। लेकिन, अजय का लगाव व उसकी यादें उनकी ताकत को कम कर रही हैं।
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तीन माह पहले ही शहीद के छोटे भाई का हुआ था निधन
शहीद अजय कुमार के माता पिता पर इस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन माह पहले ही अजय के छोटे भाई का देहांत हो गया था। उसके बाद अजय रोजाना अपनी मां से फोन पर बात किया करते थे। छोटे बेटे के बाद बड़े बेटे को खोने से परिवार टूट सा गया है।
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पंचायत के सभी स्कूलों में अवकाश
अजय कुमार की शहादत के बाद बुधवार को कोटला पंजोला पंचायत के हाई स्कूल कोटला पंजोला, मिडिल स्कूल शाया घाट-गड़ासर, प्राइमरी स्कूल महलोग स्कूलों में इस दुखद घड़ी के मौके पर अवकाश रखा गया। पंचायत प्रधान राजकुमार ने बताया कि क्षेत्र में इस दुख की घड़ी को देखते हुए पंचायत के सभी स्कूलों में अवकाश रखा गया है।