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उद्योगों को चाहिए पैकेज, कारोबारियों को टैक्स में छूट
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:05 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब/ नाहन (सिरमौर)।
केंद्र सरकार के आम बजट से लोगों को उम्मीदें हैं। जीएसटी लगने के बाद भारी-भरकम टैक्स के बोझ तले दबे कारोबारियों को छूट मिलने की उम्मीद है, तो उद्योगपति उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल को विशेष औद्योगिक पैकेज की आस लगा बैठे हैं। आम बजट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
सिरमौर जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के मद्देनजर अभी काफी कुछ करना बाकी है। पांवटा साहिब और कालाअंब मुख्य औद्योगिक क्षेत्र है लेकिन आर्थिक तंगहाली की वजह से उद्योगपति अपना कारोबार समेटने को विवश हो रहे हैं। कई बड़ी औद्योगिक इकाइयां बंद हो चली हैं। लिहाजा, केंद्र सरकार को उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए खास पग उठाने की जरूरत है। उद्योगपतियों की मानें तो हिमाचल में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मिलना चाहिए। वहीं, विभिन्न टैक्सों में भी छूट मिलनी चाहिए। तभी यहां पर बड़े एवं छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
उधर, कारोबारी भी टैक्स छूट की आस लगाए बैठे हैं। ‘अमर उजाला’ ने केंद्र सरकार के बजट को लेकर लोगों से राय ली तो सभी ने अपनी उम्मीदें बताईं।
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क्या कहते हैं लोग
1. ट्रांसपोर्टर संजय कुमार का कहना है कि बजट जनहितैषी होना चाहिए जो निम्न से लेकर उच्च वर्ग तक सभी के लिए उपयुक्त हो। व्यवसायियों को ज्यादा करों के बोझ तले दबाने वाला न हो। महंगाई की दर कम करने वाला हो।
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2 होटल व्यवसायी सुभाष चौधरी का कहना है कि केंद्र को पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए टैक्सों का बोझ कम करना चाहिए। तभी हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को और बढ़ावा मिल सकता है। केंद्र सरकार के बजट से उन्हें काफी उम्मीदें हैं।
3. सर्विस स्टेशन संचालक अशोक कुमार ने कहा कि अभी तक बजट में उद्यमियों को कोई खास लाभ नहीं मिले हैं। उद्योग मात्र टैक्स अदायगी के साधन ही बनकर रह जाते हैं। सरकार को चाहिए कि लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाई जाएगी। इससे स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।
4. उद्योगपति विजय बंसल ने बताया कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक पैकेज की दरकार है। उद्योगपति लंबे अरसे से इसकी मांग कर रहे हैं। केंद्र से हिमाचल के लिए विशेष आर्थिक पैकेज मिला तो बड़े-बड़े उद्योगपति हिमाचल में निवेश करने के लिए आएंगे। इससे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
5. वात्सल्य चाइल्ड केयर नाहन के एमडी अनुपम चतुर्वेदी का कहना है कि लघु उद्योगों का वर्चस्व दांव पर लगा हुआ है। बजट में इन्हें बचाने के लिए कोई कारगर उपाय किया जाना चाहिए। लघु उद्योग भी रोजगार के साथ-साथ राजस्व देते हैं। इसलिए इनकी तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
6. दुकानदार राकेश गर्ग का कहना है कि उन्हें केंद्र सरकार से उम्मीद है कि इस बार का बजट हर वर्ग के लिए फायदेमंद रहेगा। कारोबारियों को राहत प्रदान करने वाला होगा। कारोबारियों को जीएसटी में और छूट की उम्मीद है।
7. सर्विस स्टेशन संचालक मनीष जैन का कहना है कि इस साल के बजट से उन्हें उम्मीदें हैं। सरकार का बजट महंगाई से निजात दिलाने वाला होना चाहिए। खास कर पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ रहे दामों पर नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। तभी लोगों को महंगाई से राहत मिल सकती है।
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कालाअंब/ नाहन (सिरमौर)।
केंद्र सरकार के आम बजट से लोगों को उम्मीदें हैं। जीएसटी लगने के बाद भारी-भरकम टैक्स के बोझ तले दबे कारोबारियों को छूट मिलने की उम्मीद है, तो उद्योगपति उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल को विशेष औद्योगिक पैकेज की आस लगा बैठे हैं। आम बजट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
सिरमौर जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के मद्देनजर अभी काफी कुछ करना बाकी है। पांवटा साहिब और कालाअंब मुख्य औद्योगिक क्षेत्र है लेकिन आर्थिक तंगहाली की वजह से उद्योगपति अपना कारोबार समेटने को विवश हो रहे हैं। कई बड़ी औद्योगिक इकाइयां बंद हो चली हैं। लिहाजा, केंद्र सरकार को उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए खास पग उठाने की जरूरत है। उद्योगपतियों की मानें तो हिमाचल में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मिलना चाहिए। वहीं, विभिन्न टैक्सों में भी छूट मिलनी चाहिए। तभी यहां पर बड़े एवं छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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उधर, कारोबारी भी टैक्स छूट की आस लगाए बैठे हैं। ‘अमर उजाला’ ने केंद्र सरकार के बजट को लेकर लोगों से राय ली तो सभी ने अपनी उम्मीदें बताईं।
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क्या कहते हैं लोग
1. ट्रांसपोर्टर संजय कुमार का कहना है कि बजट जनहितैषी होना चाहिए जो निम्न से लेकर उच्च वर्ग तक सभी के लिए उपयुक्त हो। व्यवसायियों को ज्यादा करों के बोझ तले दबाने वाला न हो। महंगाई की दर कम करने वाला हो।
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2 होटल व्यवसायी सुभाष चौधरी का कहना है कि केंद्र को पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए टैक्सों का बोझ कम करना चाहिए। तभी हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को और बढ़ावा मिल सकता है। केंद्र सरकार के बजट से उन्हें काफी उम्मीदें हैं।
3. सर्विस स्टेशन संचालक अशोक कुमार ने कहा कि अभी तक बजट में उद्यमियों को कोई खास लाभ नहीं मिले हैं। उद्योग मात्र टैक्स अदायगी के साधन ही बनकर रह जाते हैं। सरकार को चाहिए कि लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाई जाएगी। इससे स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।
4. उद्योगपति विजय बंसल ने बताया कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक पैकेज की दरकार है। उद्योगपति लंबे अरसे से इसकी मांग कर रहे हैं। केंद्र से हिमाचल के लिए विशेष आर्थिक पैकेज मिला तो बड़े-बड़े उद्योगपति हिमाचल में निवेश करने के लिए आएंगे। इससे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
5. वात्सल्य चाइल्ड केयर नाहन के एमडी अनुपम चतुर्वेदी का कहना है कि लघु उद्योगों का वर्चस्व दांव पर लगा हुआ है। बजट में इन्हें बचाने के लिए कोई कारगर उपाय किया जाना चाहिए। लघु उद्योग भी रोजगार के साथ-साथ राजस्व देते हैं। इसलिए इनकी तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
6. दुकानदार राकेश गर्ग का कहना है कि उन्हें केंद्र सरकार से उम्मीद है कि इस बार का बजट हर वर्ग के लिए फायदेमंद रहेगा। कारोबारियों को राहत प्रदान करने वाला होगा। कारोबारियों को जीएसटी में और छूट की उम्मीद है।
7. सर्विस स्टेशन संचालक मनीष जैन का कहना है कि इस साल के बजट से उन्हें उम्मीदें हैं। सरकार का बजट महंगाई से निजात दिलाने वाला होना चाहिए। खास कर पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ रहे दामों पर नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। तभी लोगों को महंगाई से राहत मिल सकती है।