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शिलाई में चाइल्ड लाइन कर्मियों से अभद्र व्यवहार
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई में बाल विवाह के मामलों में हस्तक्षेप करने पहुंची चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम की कार्रवाई से लोग भड़क गए। इस दौरान कुछ लोगों ने टीम से अभद्र व्यवहार किया। टीम पर गुस्साए लोगों पर चाइल्ड लाइन की टीम ने धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। टीम सदस्यों ने इस मामले की शिकायत उपायुक्त और पुलिस से की है। जानकारी के मुताबिक चाइल्ड लाइन की टीम को 1098 नंबर पर उपमंडल शिलाई और पांवटा साहिब में चार बाल विवाह के मामलों की सूचना मिली थी। इस पर चाइल्डलाइन की काउंसलर विनीता ठाकुर और सदस्य सुंदर सिंह पहले पांवटा साहिब पहुंचे। यहां पर युवती की आयु स्कूल प्रमाण पत्र के अनुसार 16 साल पाई गई। कार्रवाई के दौरान नाबालिग युवती अपने माता-पिता के घर नहीं मिली। शिलाई में बाल विवाह के मामलों में हस्तक्षेप करने से पूर्व टीम ने पुलिस थाना में डीडी एंट्री करवाई। इसके बाद टीम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के साथ तीन मामलों में हस्तक्षेप किया। शिलाई इलाके में टीम ने पाया कि 16 साल की एक नाबालिग के पास सात माह का नवजात भी है। दूसरे मामले में एक नाबालिग किशोर के घर का दौरा किया गया। हालांकि, इस दौरान नाबालिग किशोर के घर में कथित तौर पर ब्याही युवती नहीं मिली। पूछताछ पर पता चला कि शादी नाबालिग किशोर की नहीं बल्कि उसके बड़े भाई की हुई है, जो शिमला में रहता है लेकिन, उसके बड़े भाई की शादी भी पंचायत रिकॉर्ड में रजिस्टर नहीं पाई गई। इसी तरह तीसरे मामले में एक नाबालिग बच्ची की आयु 12 साल पाई गई। यह नाबालिग भी टीम को उसके घर पर नहीं मिली। चाइल्ड लाइन की काउंसलर विनीता ठाकुर ने बताया कि मामलों में हस्तक्षेप के बाद जब टीम के सदस्य पंचायत प्रधान और आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ पुलिस थाना में शिकायत देने जा रहे थे तो कुछ लोगों ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। साथ ही धमकी भी दी। उन्होंने बताया कि विवाह के मामलों की शिकायत उपायुक्त सिरमौर और पुलिस को भेजी गई है। विनीता ने बताया कि बाल विवाह के मामलों की शिकायत पर टीम सदस्यों ने पांवटा और शिलाई में दौरा किया। इस दौरान टीम सदस्यों ने बाल विवाह के मामलों में हस्तक्षेप किया। बाल विवाह पहले हो चुके थे। इस दौरान अभिभावकों की काउंसलिंग भी कराई गई है।
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शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई में बाल विवाह के मामलों में हस्तक्षेप करने पहुंची चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम की कार्रवाई से लोग भड़क गए। इस दौरान कुछ लोगों ने टीम से अभद्र व्यवहार किया। टीम पर गुस्साए लोगों पर चाइल्ड लाइन की टीम ने धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। टीम सदस्यों ने इस मामले की शिकायत उपायुक्त और पुलिस से की है। जानकारी के मुताबिक चाइल्ड लाइन की टीम को 1098 नंबर पर उपमंडल शिलाई और पांवटा साहिब में चार बाल विवाह के मामलों की सूचना मिली थी। इस पर चाइल्डलाइन की काउंसलर विनीता ठाकुर और सदस्य सुंदर सिंह पहले पांवटा साहिब पहुंचे। यहां पर युवती की आयु स्कूल प्रमाण पत्र के अनुसार 16 साल पाई गई। कार्रवाई के दौरान नाबालिग युवती अपने माता-पिता के घर नहीं मिली। शिलाई में बाल विवाह के मामलों में हस्तक्षेप करने से पूर्व टीम ने पुलिस थाना में डीडी एंट्री करवाई। इसके बाद टीम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के साथ तीन मामलों में हस्तक्षेप किया। शिलाई इलाके में टीम ने पाया कि 16 साल की एक नाबालिग के पास सात माह का नवजात भी है। दूसरे मामले में एक नाबालिग किशोर के घर का दौरा किया गया। हालांकि, इस दौरान नाबालिग किशोर के घर में कथित तौर पर ब्याही युवती नहीं मिली। पूछताछ पर पता चला कि शादी नाबालिग किशोर की नहीं बल्कि उसके बड़े भाई की हुई है, जो शिमला में रहता है लेकिन, उसके बड़े भाई की शादी भी पंचायत रिकॉर्ड में रजिस्टर नहीं पाई गई। इसी तरह तीसरे मामले में एक नाबालिग बच्ची की आयु 12 साल पाई गई। यह नाबालिग भी टीम को उसके घर पर नहीं मिली। चाइल्ड लाइन की काउंसलर विनीता ठाकुर ने बताया कि मामलों में हस्तक्षेप के बाद जब टीम के सदस्य पंचायत प्रधान और आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ पुलिस थाना में शिकायत देने जा रहे थे तो कुछ लोगों ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। साथ ही धमकी भी दी। उन्होंने बताया कि विवाह के मामलों की शिकायत उपायुक्त सिरमौर और पुलिस को भेजी गई है। विनीता ने बताया कि बाल विवाह के मामलों की शिकायत पर टीम सदस्यों ने पांवटा और शिलाई में दौरा किया। इस दौरान टीम सदस्यों ने बाल विवाह के मामलों में हस्तक्षेप किया। बाल विवाह पहले हो चुके थे। इस दौरान अभिभावकों की काउंसलिंग भी कराई गई है।