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10 तारीख से पहले ही डिपुओं से रिफाइंड गायब
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:13 PM IST
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दस तारीख से पहलेे ही डिपुओं से रिफाइंड गायब
दूसरे माह भी नहीं हो पाई सरसों तेल की आपूर्ति
पर्याप्त राशन उपलब्ध करवाने को सरकार नाकाम
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकारी डिपुओं में पर्याप्त राशन उपलब्ध करवाने में सरकार बैकफुट पर है। डिपुओं में भले ही सरकार दालों और चीनी की दरें कम करके उपभोक्ताओं को लुभाने का प्रयास कर रही है लेकिन डिपुओं में आज भी राशन की भारी कमी है। इस माह दस जुलाई को ही सरकारी डिपुओं से रिफाइंड गायब हो गया। पांच से दस फीसदी उपभोक्ताओं को ही रिफाइंड की आपूर्ति हो सकी है। यहां तक कि रिफाइंड के बदले मिलने वाला सरसों का तेल भी अभी तक गोदामों में पहुंच नहीं पाया है। जून में भी अधिकतर उपभोक्ताओं को सरसों का तेल नहीं मिला था लेकिन इस माह तेल के स्थान पर रिफाइंड की आपूर्ति तो की गई लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं रही। सात दिनों में ही रिफाइंड डिपुओं में खत्म हो गया है। इससे उपभोक्ताओं को सरसों के तेल और रिफाइंड की आपूर्ति से वंचित रहना पड़ा। सरकार रिफाइंड और सरसों के तेल की आपूर्ति में उपभोक्ताओं से भेदभाव कर रही है। बीस फीसदी लोगों को रिफाइंड दिया जाता है। 80 फीसदी उपभोक्ताओं को सरसों का तेल, वह भी पर्याप्त मात्रा में डिपुओं में पहुंच ही नहीं पा रहा है। अधिकतर उपभोक्ता रिफाइंड और सरसों के तेल से वंचित रह रहे हैं। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक मिलाप शांडिल ने बताया कि रेशो के मुताबिक सरकारी डिपुओं में 20 फीसदी रिफाइंड और 80 फीसदी सरसों का तेल मुहैया करवाया जाता है। इस माह रिफाइंड की आपूर्ति पहले कर दी गई थी जो डिपुओं में खत्म हो गई है। जबकि, सरसों का तेल इसी सप्ताह आने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को दो माह का तेल एक साथ मुहैया करवाया जाएगा।
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दूसरे माह भी नहीं हो पाई सरसों तेल की आपूर्ति
पर्याप्त राशन उपलब्ध करवाने को सरकार नाकाम
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकारी डिपुओं में पर्याप्त राशन उपलब्ध करवाने में सरकार बैकफुट पर है। डिपुओं में भले ही सरकार दालों और चीनी की दरें कम करके उपभोक्ताओं को लुभाने का प्रयास कर रही है लेकिन डिपुओं में आज भी राशन की भारी कमी है। इस माह दस जुलाई को ही सरकारी डिपुओं से रिफाइंड गायब हो गया। पांच से दस फीसदी उपभोक्ताओं को ही रिफाइंड की आपूर्ति हो सकी है। यहां तक कि रिफाइंड के बदले मिलने वाला सरसों का तेल भी अभी तक गोदामों में पहुंच नहीं पाया है। जून में भी अधिकतर उपभोक्ताओं को सरसों का तेल नहीं मिला था लेकिन इस माह तेल के स्थान पर रिफाइंड की आपूर्ति तो की गई लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं रही। सात दिनों में ही रिफाइंड डिपुओं में खत्म हो गया है। इससे उपभोक्ताओं को सरसों के तेल और रिफाइंड की आपूर्ति से वंचित रहना पड़ा। सरकार रिफाइंड और सरसों के तेल की आपूर्ति में उपभोक्ताओं से भेदभाव कर रही है। बीस फीसदी लोगों को रिफाइंड दिया जाता है। 80 फीसदी उपभोक्ताओं को सरसों का तेल, वह भी पर्याप्त मात्रा में डिपुओं में पहुंच ही नहीं पा रहा है। अधिकतर उपभोक्ता रिफाइंड और सरसों के तेल से वंचित रह रहे हैं। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक मिलाप शांडिल ने बताया कि रेशो के मुताबिक सरकारी डिपुओं में 20 फीसदी रिफाइंड और 80 फीसदी सरसों का तेल मुहैया करवाया जाता है। इस माह रिफाइंड की आपूर्ति पहले कर दी गई थी जो डिपुओं में खत्म हो गई है। जबकि, सरसों का तेल इसी सप्ताह आने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को दो माह का तेल एक साथ मुहैया करवाया जाएगा।