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सर्जन के अभाव में पांवटा से रेफर हो रहे मरीज

Sat, 07 Jul 2018 10:34 PM IST
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:34 PM IST
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सर्जन के अभाव में पांवटा से रेफर हो रहे मरीज
- फोटो : amar ujala
पांवटा साहिब (सिरमौर)। प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर पांवटा साहिब में सिविल अस्पताल का आलीशान भवन तो बना दिया लेकिन स्टाफ की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोग निजी अस्पतालों या फिर बाहरी राज्यों का रुख करने को विवश हो गए हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को सरकार की मुफ्त सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला सिरमौर का पांवटा सिविल अस्पताल तीन विस क्षेत्र को को सुविधा दे रहा है। हर रोज यहां 500 से 700 तक ओपीडी रहती है। प्रत्येक चिकित्सक के केेबिन के बाहर मरीजों की लाइन लगी रहती है। हालात यह है कि पिछले दो वर्षों से यहां रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है, जिससे गर्भवती महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सुविधा कागजों में ही सिमट कर रह गई है। पांवटा सिविल अस्पताल में गायनी और अन्य डॉक्टरों के पास अल्ट्रासाउंड के प्रतिदिन पचास से अधिक मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ नहीं है। इससे अधिकतर मामले नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर किए जा रहे हैं। शिशु रोग विशेषज्ञों के पास 150 से अधिक ओपीडी, गायनी व महिला रोग विशेषज्ञ के पास 150 से 200 ओपीडी, एमडी और हड्डी रोग विशेषज्ञ समेत अन्य डॉक्टरों के पास सौ तक ओपीडी रहती है। डॉक्टरों के चार पद रिक्त हैं। उधर, अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव सहगल ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन बेहतर स्वास्थ्य मुहैया करवाने को प्रयासरत है। स्टाफ की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
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ट्रामा सेंटर, डायलिसिस जैसी सुविधा की जरूरत
सड़क हादसों में से 50 फीसदी मामले केवल पांवटा उप मंडल क्षेत्र में होते हैं, जो सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचते है। लंबे समय से स्थानीय अस्पताल में ट्रामा सेंटर खोलने की मांग की जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले वर्ष एक कार्यक्रम में ट्रामा सेंटर को पांवटा में खोलने की बात भी कही थी। लेकिन, अभी तक इसकी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। यहां आईसीयू, डायलिसिस, ब्लड बैंक जैसी सुविधा तक नहीं है।
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स्टॉफ अभाव में मरीज किए जा रहे रेफर
पांवटा निवासी अतर सिंह, अशरफ अली, जीवन सिंह, अखिल शर्मा, कपिल शर्मा और सुरेंद्र ठाकुर का कहना है कि बेहतरीन अस्पताल भवन है। अब सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट और एनेस्थीसिया का विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को रेफर किया जा रहा है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कतें गरीब ग्रामीण परिवारों के मरीजों और तीमारदारों को होती है।
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अस्पताल में 4 डाक्टरों समेत 18 पद खाली
सिविल अस्पताल पांवटा में कुल 86 स्वीकृत पद हैं। इनमें चार विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत कुल 18 पद रिक्त हैं। इनमें चीफ फार्मासिस्ट का एक, स्टॉफ नर्स के तीन, सीनियर लैब टेक्नीशियन, लैब अटेंडेंट, डेंटल हाईजेनिस्ट, डेंटल मैकेनिक और न्यूटरेशनल काउंसलर का 1-1 पद, क्लीनर, कुक, मिड वाइफ, नर्सिंग आर्डर्ली और डेली वेजिज स्वीपर का 1-1 पद रिक्त पड़ा है।
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