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निजी डॉक्टर के पांवटा सिविल अस्पताल में सेवाएं देने के आरोप
Updated Sun, 28 Jan 2018 11:07 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
सिविल अस्पताल पांवटा में निजी डॉक्टर द्वारा सेवाएं देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। निजी एमडीएस डॉक्टर के मरीजों को स्वास्थ्य जांच सेवा की बात कही जा रही है। इसकी शिकायत सीएमओ को भी कर दी है। हालांकि सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. केएल भगत नेे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
बता दें कि रविवार को सुबह पांवटा के गोंदपुर में सड़क हादसा हुआ। इस दौरान हादसे में जान गंवाने वाले के परिजनों ने पोस्टमार्टम को लेकर हंगामा कर दिया जिससे अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर व स्टाफ के साथ परिजनों ने बहस की। अस्पताल का एक कर्मी घायल भी हुआ है। कुछ लोगों ने आपातकाल कक्ष में कथित निजी डॉक्टर के सेवा देने की वीडियो वायरल कर दी जिसमें यह दिखाया गया है कि अस्पताल में निजी डॉक्टर मरीजों को चेक कर रहा है। सरकारी पर्चियों पर दवा तक लिख रहा है जिससे अस्पताल प्रबंधन में दिन भर हड़कंप मचा रहा।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि इस तरह की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। कोई निजी डॉक्टर सरकारी अस्पताल में मरीज चेकअप नहीं कर सकता है। फिर भी इस मामले की जांच होगी। यदि शिकायत सही में पाई जाती है तो फिर विभागीय कार्रवाई होगी। इस मामले में पांवटा अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव सहगल को रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
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बाक्स...
लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं : डॉ. केएल भगत
पांवटा साहिब(सिरमौर)। सिविल अस्पताल के कार्यकारी प्रभारी डॉ. केएल भगत ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। जिन पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे, वह एमडीएस डॉक्टर इंटर्नशिप है। केवल अस्पताल के आपातकाल कक्ष में मिलने पहुंचे थे। रविवार को मरीजों को लिखी व दी जाने वाली दवाइयों की जानकारी ले रहे थे। इस बीच बाहर अस्पताल परिसर में गोंदपुर में सड़क हादसे में एक मौत मामले में विवाद हो गया। इसके चलते इमरजेंसी कक्ष से तुरंत बाहर जाना पड़ गया था। इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
सिविल अस्पताल पांवटा में निजी डॉक्टर द्वारा सेवाएं देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। निजी एमडीएस डॉक्टर के मरीजों को स्वास्थ्य जांच सेवा की बात कही जा रही है। इसकी शिकायत सीएमओ को भी कर दी है। हालांकि सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. केएल भगत नेे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
बता दें कि रविवार को सुबह पांवटा के गोंदपुर में सड़क हादसा हुआ। इस दौरान हादसे में जान गंवाने वाले के परिजनों ने पोस्टमार्टम को लेकर हंगामा कर दिया जिससे अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर व स्टाफ के साथ परिजनों ने बहस की। अस्पताल का एक कर्मी घायल भी हुआ है। कुछ लोगों ने आपातकाल कक्ष में कथित निजी डॉक्टर के सेवा देने की वीडियो वायरल कर दी जिसमें यह दिखाया गया है कि अस्पताल में निजी डॉक्टर मरीजों को चेक कर रहा है। सरकारी पर्चियों पर दवा तक लिख रहा है जिससे अस्पताल प्रबंधन में दिन भर हड़कंप मचा रहा।
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उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि इस तरह की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। कोई निजी डॉक्टर सरकारी अस्पताल में मरीज चेकअप नहीं कर सकता है। फिर भी इस मामले की जांच होगी। यदि शिकायत सही में पाई जाती है तो फिर विभागीय कार्रवाई होगी। इस मामले में पांवटा अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव सहगल को रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
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लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं : डॉ. केएल भगत
पांवटा साहिब(सिरमौर)। सिविल अस्पताल के कार्यकारी प्रभारी डॉ. केएल भगत ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। जिन पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे, वह एमडीएस डॉक्टर इंटर्नशिप है। केवल अस्पताल के आपातकाल कक्ष में मिलने पहुंचे थे। रविवार को मरीजों को लिखी व दी जाने वाली दवाइयों की जानकारी ले रहे थे। इस बीच बाहर अस्पताल परिसर में गोंदपुर में सड़क हादसे में एक मौत मामले में विवाद हो गया। इसके चलते इमरजेंसी कक्ष से तुरंत बाहर जाना पड़ गया था। इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।