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जनवादी महिला समिति का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:32 PM IST
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ददाहू अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करती जनवादी महिला समिति से जुड़ी महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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ददाहू (सिरमौर)। सिविल अस्पताल ददाहू में व्याप्त खामियों और महिला हिंसा को लेकर जनवादी महिला समिति की जिला इकाई ने शनिवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही प्रदेश सरकार की नाकामियों को लेकर रोष भी जाहिर किया।
महिलाओं ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में समस्याओं के निराकरण को लेकर नौ अगस्त तक का अल्मीमेटम दिया गया है। महिलाओं ने सिविल अस्पताल ददाहू में रिक्त पदों को भरने के साथ ही अल्ट्रासाउंड, तकनीशियन उपलब्ध कराने, स्त्री और बाल रोग विशेषज्ञ तैनात करने की गुहार लगाई। क्षेत्र में बढ़ती महिला हिंसा पर रोक लगाने के साथ-साथ कोलर में हुए ऑनर किलिंग और किडनैपिंग मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की भी मांग की गई। महिलाओं के रोष प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष संतोष कपूर ने कहा कि समिति अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से ही धरने और प्रदर्शन कर आवाज बुलंद करती आ रही है लेकिन समिति की ओर से रखी गई एक भी मांग को आज तक पूरा नहीं किया गया। इसको लेकर आगामी नौ अगस्त को उग्र प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन को चेताने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध घटने की बजाय बढ़ते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोकसभा चुनाव के दौरान किए वायदों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के सभी नारे खोखले साबित हो रहे हैं। अब बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अपराधों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सरकारी तंत्र मूकदर्शक बने बैठा है। इस अवसर पर हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा, एसएफआई के जिला महासचिव सचिन कुमार ने भी अपने विचार रख कर सरकार की नीतियों को विफल करार दिया। इस अवसर पर कुब्जा देवी, नीरू, रेणु, शकुंतला, मधु, सीमा, प्रोमिला, माया, सुमन और धनवंती सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित रहीं।
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महिलाओं ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में समस्याओं के निराकरण को लेकर नौ अगस्त तक का अल्मीमेटम दिया गया है। महिलाओं ने सिविल अस्पताल ददाहू में रिक्त पदों को भरने के साथ ही अल्ट्रासाउंड, तकनीशियन उपलब्ध कराने, स्त्री और बाल रोग विशेषज्ञ तैनात करने की गुहार लगाई। क्षेत्र में बढ़ती महिला हिंसा पर रोक लगाने के साथ-साथ कोलर में हुए ऑनर किलिंग और किडनैपिंग मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की भी मांग की गई। महिलाओं के रोष प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष संतोष कपूर ने कहा कि समिति अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से ही धरने और प्रदर्शन कर आवाज बुलंद करती आ रही है लेकिन समिति की ओर से रखी गई एक भी मांग को आज तक पूरा नहीं किया गया। इसको लेकर आगामी नौ अगस्त को उग्र प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन को चेताने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध घटने की बजाय बढ़ते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोकसभा चुनाव के दौरान किए वायदों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के सभी नारे खोखले साबित हो रहे हैं। अब बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अपराधों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सरकारी तंत्र मूकदर्शक बने बैठा है। इस अवसर पर हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा, एसएफआई के जिला महासचिव सचिन कुमार ने भी अपने विचार रख कर सरकार की नीतियों को विफल करार दिया। इस अवसर पर कुब्जा देवी, नीरू, रेणु, शकुंतला, मधु, सीमा, प्रोमिला, माया, सुमन और धनवंती सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित रहीं।
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