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रिमौर में भारत बंद का मिलाजुला असर
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन/नौहराधार/ संगड़ाह/ राजगढ़ (सिरमौर)।
भारत बंद का सिरमौर जिला में मिलाजुला असर देखने को मिला। जिले के नौहराधार, राजगढ़ और संगड़ाह में बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे। वहीं, लोगों ने जोरदार रैली निकालकर प्रदर्शन भी किया। जबकि नाहन और पांवटा में बंद का कोई असर नहीं दिखा। यहां हर रोज की तरह बाजार पूर्ण रूप से खुले रहे। बाजारों में खूब चहल-पहल देखने को मिली।
नौहराधार में सुबह से ही दुकानें, होटल पूर्ण रूप से बंद रहे। भारत बंद के दौरान नौहराधार में पुलिस प्रशासन का सख्त पहरा रहा। शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकाली गई। लोगों ने कहा कि हम लोग आरक्षण मुक्त समाज चाहते हैं। आरक्षण के चलते सामान्य वर्ग को समस्या झेलनी पड़ रही हैं। रैली के बाद लोगों ने तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर व्यापार मंडल प्रधान जोगिंद्र सिंह चौहान, अशोक चौहान, भगत सिंह, संजय कुमार, अरविंद चौहान, मिंटू ,विवेक चौहान, सुरेश कुमार, बिजेंद्र सिंह आदि सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
आरक्षण के विरोध में भारत बंद का राजगढ़ में पूर्ण असर दिखा। शहर में दिन में एक बजे तक सभी दुकानें, होटल, ढाबे व सभी दुकानें बंद थी। इस दौरान लोगों ने पुराने बगस अड्डे से खैरी रोड, किसान भवन व एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली और आरक्षण विरोधी नारे लगाए। उसके बाद उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन दिया जिसमें जातिगत आरक्षण को समाप्त करने और इसे आर्थिक आधार पर किए जाने की मांग की।
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संगड़ाह में मंगलवार को स्वर्ण समाज ने बंद का आह्वाहन किया तथा शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकाली गई। बंद के दौरान तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। होटल-ढाबे बंद होने के कारण लोगों को खाना तक नसीब नहीं हुआ। रणजीत चौहान ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सभी जाति के लोगों को मान्य होना चाहिए। यह आरक्षण विरोधी नहीं है। केवल उस विषय पर है जिसमें स्वर्ण जाति के लोगों के खिलाफ इस कानून को हथियार बनाकर झूठे मुकद्दमे दायर किए जाते हैं। जनसभा के उपरांत एकत्रित जनसमूह का काफिला एसडीएम कार्यालय तक गया तथा एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री व राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
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नाहन/नौहराधार/ संगड़ाह/ राजगढ़ (सिरमौर)।
भारत बंद का सिरमौर जिला में मिलाजुला असर देखने को मिला। जिले के नौहराधार, राजगढ़ और संगड़ाह में बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे। वहीं, लोगों ने जोरदार रैली निकालकर प्रदर्शन भी किया। जबकि नाहन और पांवटा में बंद का कोई असर नहीं दिखा। यहां हर रोज की तरह बाजार पूर्ण रूप से खुले रहे। बाजारों में खूब चहल-पहल देखने को मिली।
नौहराधार में सुबह से ही दुकानें, होटल पूर्ण रूप से बंद रहे। भारत बंद के दौरान नौहराधार में पुलिस प्रशासन का सख्त पहरा रहा। शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकाली गई। लोगों ने कहा कि हम लोग आरक्षण मुक्त समाज चाहते हैं। आरक्षण के चलते सामान्य वर्ग को समस्या झेलनी पड़ रही हैं। रैली के बाद लोगों ने तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर व्यापार मंडल प्रधान जोगिंद्र सिंह चौहान, अशोक चौहान, भगत सिंह, संजय कुमार, अरविंद चौहान, मिंटू ,विवेक चौहान, सुरेश कुमार, बिजेंद्र सिंह आदि सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
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आरक्षण के विरोध में भारत बंद का राजगढ़ में पूर्ण असर दिखा। शहर में दिन में एक बजे तक सभी दुकानें, होटल, ढाबे व सभी दुकानें बंद थी। इस दौरान लोगों ने पुराने बगस अड्डे से खैरी रोड, किसान भवन व एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली और आरक्षण विरोधी नारे लगाए। उसके बाद उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन दिया जिसमें जातिगत आरक्षण को समाप्त करने और इसे आर्थिक आधार पर किए जाने की मांग की।
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संगड़ाह में मंगलवार को स्वर्ण समाज ने बंद का आह्वाहन किया तथा शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकाली गई। बंद के दौरान तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। होटल-ढाबे बंद होने के कारण लोगों को खाना तक नसीब नहीं हुआ। रणजीत चौहान ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सभी जाति के लोगों को मान्य होना चाहिए। यह आरक्षण विरोधी नहीं है। केवल उस विषय पर है जिसमें स्वर्ण जाति के लोगों के खिलाफ इस कानून को हथियार बनाकर झूठे मुकद्दमे दायर किए जाते हैं। जनसभा के उपरांत एकत्रित जनसमूह का काफिला एसडीएम कार्यालय तक गया तथा एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री व राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
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