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बारिश-बफबारी से किसानों के चेहरे पर आई रौनक
Updated Wed, 12 Dec 2018 10:07 PM IST
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बारिश-बफबारी से खिले किसानों के चेहरे
राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ क्षेत्र में मंगलवार रात को हुई बारिश और बर्फबारी से किसानों और बागवानों के चेहरों पर रौनक आ गई है। क्षेत्र के किसान-बागवान डेढ़ महीने से बारिश का इंतजार कर रहे थे। देर रात हुई बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। यह बारिश और बर्फबारी लहसुन, मटर और गेहूं की फसलों के लिए लाभदायक रहेगी। प्रगतिशील किसान सुरेंद्र तोमर, अनिल शर्मा, रघुनाथ सिंह और सुंदर सिंह ने बताया कि दिसंबर में बारिश का होना उनके लिए काफी फायदेमंद रहता है। बारिश से जहां फसलों को संजीवनी मिलती है, वहीं बर्फबारी लंबे समय तक बगीचों में नमी बनाए रखने में सहायक होती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी भाषा में कहावत है कि मोशिर बोशा, परमेश्वर होसा., जिसका अर्थ है कि मार्गशीर्ष माह में यदि बारिश होती है तो ईश्वर प्रसन्न होकर हंसता है। किसानों का कहना है कि काफी लंबे सूखे के बाद पहाड़ी इलाकों बनालीधार, बथाऊधार, खेडाधार व दीदग में हल्की बर्फवारी और निचले इलाकों में जो बारिश हुई है, जो किसानों-बागवानों के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी।
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राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ क्षेत्र में मंगलवार रात को हुई बारिश और बर्फबारी से किसानों और बागवानों के चेहरों पर रौनक आ गई है। क्षेत्र के किसान-बागवान डेढ़ महीने से बारिश का इंतजार कर रहे थे। देर रात हुई बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। यह बारिश और बर्फबारी लहसुन, मटर और गेहूं की फसलों के लिए लाभदायक रहेगी। प्रगतिशील किसान सुरेंद्र तोमर, अनिल शर्मा, रघुनाथ सिंह और सुंदर सिंह ने बताया कि दिसंबर में बारिश का होना उनके लिए काफी फायदेमंद रहता है। बारिश से जहां फसलों को संजीवनी मिलती है, वहीं बर्फबारी लंबे समय तक बगीचों में नमी बनाए रखने में सहायक होती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी भाषा में कहावत है कि मोशिर बोशा, परमेश्वर होसा., जिसका अर्थ है कि मार्गशीर्ष माह में यदि बारिश होती है तो ईश्वर प्रसन्न होकर हंसता है। किसानों का कहना है कि काफी लंबे सूखे के बाद पहाड़ी इलाकों बनालीधार, बथाऊधार, खेडाधार व दीदग में हल्की बर्फवारी और निचले इलाकों में जो बारिश हुई है, जो किसानों-बागवानों के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी।