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पच्छाद बीडीसी से कांग्रेस आउट, गरमाई सियासत
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:00 PM IST
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सराहां (सिरमौर)। प्रदेश में सत्तासीन होने के बाद पंचायती राज संस्थाओं में भी अपने कब्जा जमाने के लिए भाजपा ने कवायद शुरू कर दी है। कांग्रेस समर्थित पच्छाद पंचायत समिति से कांग्रेस आउट हो गई है। जिला पंचायत अधिकारी को आठ सदस्यों की ओर से भेजे गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए शनिवार को बैठक आयोजित की गई। मतदान के पश्चात आठ सदस्यों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ मतदान कर उन्हें बीडीसी की सत्ता से बाहर कर दिया। नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन के लिए सात दिन के भीतर बैठक बुलाई जाएगी। अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही पच्छाद में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
पंचायतीराज चुनाव में पच्छाद बीडीसी में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का पलड़ा भारी रहा। चुनाव में आठ सदस्य कांग्रेस और छह भाजपा के विजय हुई। उषा तोमर को अध्यक्ष और खुशी राम को इसका उपाध्यक्ष चुना गया। लेकिन, भाजपा के प्रदेश में सत्तासीन होते ही आठ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया यानी पंचायत समिति में भाजपा का कुनबा बढ़ गया है। इनकी संख्या अब छह से आठ हो गई है। इससे अब पच्छाद की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। शनिवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सराहां में बैठक आयोजित की गई थी। जिला पंचायत अधिकारी एमएस नेगी स्वयं बैठक में मौजूद रहे। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के उपरांत अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ, जिसमें आठ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। सात सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव यानी पूर्व अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पक्ष में वोट डाले। जिला पंचायत अधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला पंचायत अधिकारी ने करीब साढे़ ग्यारह बजे बैठक शुरू की। इसके तुरंत बाद जिला पंचायत अधिकारी ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों को पद से हटा दिया। पीठासीन अधिकारी एवं जिला पंचायत अधिकारी एमएस नेगी ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित हुआ है। लिहाजा, अध्यक्ष उषा देवी और उपाध्यक्ष खुशी राम को पद से हटा दिया गया है। जल्द उपायुक्त के समक्ष इसकी फाइल पेश की जाएगी। सात दिन के भीतर बैठक बुलाकर नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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पंचायतीराज चुनाव में पच्छाद बीडीसी में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का पलड़ा भारी रहा। चुनाव में आठ सदस्य कांग्रेस और छह भाजपा के विजय हुई। उषा तोमर को अध्यक्ष और खुशी राम को इसका उपाध्यक्ष चुना गया। लेकिन, भाजपा के प्रदेश में सत्तासीन होते ही आठ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया यानी पंचायत समिति में भाजपा का कुनबा बढ़ गया है। इनकी संख्या अब छह से आठ हो गई है। इससे अब पच्छाद की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। शनिवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सराहां में बैठक आयोजित की गई थी। जिला पंचायत अधिकारी एमएस नेगी स्वयं बैठक में मौजूद रहे। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के उपरांत अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ, जिसमें आठ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। सात सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव यानी पूर्व अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पक्ष में वोट डाले। जिला पंचायत अधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला पंचायत अधिकारी ने करीब साढे़ ग्यारह बजे बैठक शुरू की। इसके तुरंत बाद जिला पंचायत अधिकारी ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों को पद से हटा दिया। पीठासीन अधिकारी एवं जिला पंचायत अधिकारी एमएस नेगी ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित हुआ है। लिहाजा, अध्यक्ष उषा देवी और उपाध्यक्ष खुशी राम को पद से हटा दिया गया है। जल्द उपायुक्त के समक्ष इसकी फाइल पेश की जाएगी। सात दिन के भीतर बैठक बुलाकर नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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