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सिरमौर में जलवायु परिवर्तन परियोजना पर खर्च होंगे 20 करोड़
Updated Sat, 01 Sep 2018 09:32 PM IST
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जलवायु परिवर्तन परियोजना पर खर्च होंगे 20 करोड़
सूखे से निपटने को जल, जंगल और जमीन संरक्षण पर कार्य जारी
डीसी ने परियोजना के कार्यों को दिए जल्द पूरा करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिले के तीन विकास खंडों पच्छाद, संगड़ाह और पांवटा में राष्ट्रीय अनुकूलन जलवायु परिवर्तन परियोजना के तहत 20 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। यह जानकारी उपायुक्त ललित जैन ने राष्ट्रीय अनुकूलन जलवायु परिवर्तन परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सिरमौर मात्र एक ऐसा जिला है, जहां पर इस परियोजना को कार्यान्वित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नाबार्ड के तहत इस परियोजना के लिए स्वीकृत राशि पूर्णतया अनुदान है, जिसका उपयोग जिले के तीन विकास खंडों में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर किया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण जिले के तीन विकास खंडों में सूखे की स्थिति पैदा हुई है। इस परियोजना के तहत डेढ़-डेढ़ करोड़ की लागत से तीन सिंचाई टैंक पच्छाद विकास खंड के बागथन, संगड़ाह विकास खंड के चाढना और पांवटा विकास खंड के पड़दूनी में निर्मित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके। डीसी ने कहा कि इस परियोजना के तहत किसानों को जलवायु के आधार पर फसलें उगाने के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। फसलों की आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक ढंग से फसलों के उत्पादन के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने के लिए किसानों को पारंपरिक फसलों को अपनाने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत जिले के तीन विकास खंडों के चयनित क्षेत्रों में लघु सिंचाई योजनाओं, चल रही सिंचाई योजनाओं के संवर्धन और तालाबों के निर्माण पर बल दिया जाएगा। पांवटा विकास के ओडर पुडला में उठाऊ सिंचाई योजना निर्मित की जा रही है, जिसका पचास प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसी प्रकार उठाऊ सिंचाई योजना चाढना-देवलिया योजना का अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुका है और शीघ्र इसे क्रियाशील बना दिया जाएगा। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना के तहत चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाएं। बैठक में अधिशासी अभियंता आईपीएच नाहन, नौहराधार और पांवटा, डीएफओ मिड हिमालय सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
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सूखे से निपटने को जल, जंगल और जमीन संरक्षण पर कार्य जारी
डीसी ने परियोजना के कार्यों को दिए जल्द पूरा करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिले के तीन विकास खंडों पच्छाद, संगड़ाह और पांवटा में राष्ट्रीय अनुकूलन जलवायु परिवर्तन परियोजना के तहत 20 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। यह जानकारी उपायुक्त ललित जैन ने राष्ट्रीय अनुकूलन जलवायु परिवर्तन परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सिरमौर मात्र एक ऐसा जिला है, जहां पर इस परियोजना को कार्यान्वित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नाबार्ड के तहत इस परियोजना के लिए स्वीकृत राशि पूर्णतया अनुदान है, जिसका उपयोग जिले के तीन विकास खंडों में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर किया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण जिले के तीन विकास खंडों में सूखे की स्थिति पैदा हुई है। इस परियोजना के तहत डेढ़-डेढ़ करोड़ की लागत से तीन सिंचाई टैंक पच्छाद विकास खंड के बागथन, संगड़ाह विकास खंड के चाढना और पांवटा विकास खंड के पड़दूनी में निर्मित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके। डीसी ने कहा कि इस परियोजना के तहत किसानों को जलवायु के आधार पर फसलें उगाने के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। फसलों की आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक ढंग से फसलों के उत्पादन के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने के लिए किसानों को पारंपरिक फसलों को अपनाने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत जिले के तीन विकास खंडों के चयनित क्षेत्रों में लघु सिंचाई योजनाओं, चल रही सिंचाई योजनाओं के संवर्धन और तालाबों के निर्माण पर बल दिया जाएगा। पांवटा विकास के ओडर पुडला में उठाऊ सिंचाई योजना निर्मित की जा रही है, जिसका पचास प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसी प्रकार उठाऊ सिंचाई योजना चाढना-देवलिया योजना का अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुका है और शीघ्र इसे क्रियाशील बना दिया जाएगा। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना के तहत चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाएं। बैठक में अधिशासी अभियंता आईपीएच नाहन, नौहराधार और पांवटा, डीएफओ मिड हिमालय सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
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