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हरकत में आया आईपीएच विभाग, लिए पानी के नमूने
Updated Fri, 11 May 2018 10:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
रेणुकाजी स्थित कुब्जा पवेलियन में एकल विद्यालय के प्रशिक्षण शिविर में 14 प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ने के बाद आईपीएच महकमा हरकत में आ गया है। शुक्रवार सुबह को विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर कुब्जा पवेलियन में लगे हैंडपंप से पानी के नमूने लिए। विभाग का दावा है कि हैंडपंप का पानी दूषित नहीं है लेकिन पिछले कुछ दिन से हैंडपंप के इस्तेमाल न होने की वजह से पानी बासी रह सकता है। विभाग ने हैंडपंप के साथ-साथ विभाग की उठाऊ पेयजल योजना बढ़ोन से भी भंडारण टैंक से नमूने उठाए। जल्द ही पानी के दोनों नमूनों की रिपोर्ट मिलने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि वीरवार की सुबह हैंडपंप के पानी से पका भोजन खाने से एक साथ 14 प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ गई थी। चिकित्सकों की टीम ने तबीयत बिगड़ने का कारण बासी भोजन या दूषित पानी का इस्तेमाल करना बताया था। इस मामले के बाद आईपीएच विभाग भी नींद से जाग गया। सुबह ही विभाग के कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची जहां टीम ने हैंडपंप से निकलने वाले पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए।
बाक्स....
हैंडपंप का पानी पीने से नहीं बिगड़ी तबीयत
उधर, विभाग के अधिशासी अभियंता अरशद रहमान ने बताया कि एहतियातन तौर पर हैंडपंप के अलावा एक अन्य पेयजल योजना के नमूने लिए गए हैं। यदि जांच रिपोर्ट में हैंडपंप के पानी को खराब पाया गया तो उस हैंडपंप को तत्काल बंद कर दिया जाएगा।
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उधर, एकल विद्यालय की ओर से चलाए जा रहे सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर भी शुक्रवार को संपन्न हो गया। बीमार प्रशिक्षुओं की हालत में भी अब सुधार बताया जा रहा है।
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ददाहू (सिरमौर)।
रेणुकाजी स्थित कुब्जा पवेलियन में एकल विद्यालय के प्रशिक्षण शिविर में 14 प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ने के बाद आईपीएच महकमा हरकत में आ गया है। शुक्रवार सुबह को विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर कुब्जा पवेलियन में लगे हैंडपंप से पानी के नमूने लिए। विभाग का दावा है कि हैंडपंप का पानी दूषित नहीं है लेकिन पिछले कुछ दिन से हैंडपंप के इस्तेमाल न होने की वजह से पानी बासी रह सकता है। विभाग ने हैंडपंप के साथ-साथ विभाग की उठाऊ पेयजल योजना बढ़ोन से भी भंडारण टैंक से नमूने उठाए। जल्द ही पानी के दोनों नमूनों की रिपोर्ट मिलने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि वीरवार की सुबह हैंडपंप के पानी से पका भोजन खाने से एक साथ 14 प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ गई थी। चिकित्सकों की टीम ने तबीयत बिगड़ने का कारण बासी भोजन या दूषित पानी का इस्तेमाल करना बताया था। इस मामले के बाद आईपीएच विभाग भी नींद से जाग गया। सुबह ही विभाग के कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची जहां टीम ने हैंडपंप से निकलने वाले पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए।
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हैंडपंप का पानी पीने से नहीं बिगड़ी तबीयत
उधर, विभाग के अधिशासी अभियंता अरशद रहमान ने बताया कि एहतियातन तौर पर हैंडपंप के अलावा एक अन्य पेयजल योजना के नमूने लिए गए हैं। यदि जांच रिपोर्ट में हैंडपंप के पानी को खराब पाया गया तो उस हैंडपंप को तत्काल बंद कर दिया जाएगा।
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उधर, एकल विद्यालय की ओर से चलाए जा रहे सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर भी शुक्रवार को संपन्न हो गया। बीमार प्रशिक्षुओं की हालत में भी अब सुधार बताया जा रहा है।