फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   42 months rigorous jail for the guilty in POCSO case

प्रदेश के पहले कैंपस रेडियो स्टेशन को मदद की दरकार

Thu, 16 Sep 2021 11:20 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 11:20 PM IST
विज्ञापन
42 months rigorous jail for the guilty in POCSO case
42 months rigorous jail for the guilty in POCSO case
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोगीनंद में कैंपस रेडियो स्टेशन को मदद की दरकार है। प्रदेश का पहला और देश का छठा कैंपस रेडियो स्टेशन हेलो मोगीनंद, काफी समय से बंद पड़ा है।
विज्ञापन

विद्यालय प्रबंधन के पास फिलहाल इसे संचालित करने के लिए कोई फंडिंग नहीं है। लिहाजा प्रदेश के पहले और देश के छठे कैंपस रेडियो स्टेशन हेलो मोगीनंद, को मदद की दरकार है। विद्यालय की प्रधानाचार्य शीबा खन्ना ने बताया कि विद्यालय के सभी अध्यापक मिलकर फंडिंग जुटाकर फिलहाल इस रेडियो स्टेशन को शुरू करने पर विचार विमर्श कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में इसको संचालित करने के लिए फंडिंग का स्थायी स्रोत होना जरूरी है। इसलिए फंडिंग की दरकार है।
विज्ञापन

2019 में की गई थी स्थापना
इस रेडियो केंद्र की स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी। इस रेडियो स्टेशन को मुंबई की एक ब्रॉड कास्टिंग कंपनी के माध्यम से संचालित किया जाता है, जिसकी सालाना फीस लगभग 18 से 20 हजार रुपये है। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन की घोषणा के बाद से यह रेडियो स्टेशन बंद पड़ा है। विद्यार्थियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके बंद होने का मुख्य कारण फंडिंग की समस्या है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश का पहला कैंपस रेडियो स्टेशन
एसएमसी प्रधान फजाना, नरेश कुमार, रूबी, इस्लाम मोहम्मद, वीना और संजय गुप्ता ने बताया कि मोगीनंद स्कूल स्थित कैंपस रेडियो स्टेशन प्रदेश का पहला रेडियो स्टेशन है। जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है, लेकिन यह रेडियो स्टेशन वर्तमान में बंद पड़ा है। इसे पुन: प्रारंभ किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

बाक्स
डॉ. संजीव अत्री के प्रयासों से स्थापित हुआ था रेडियो स्टेशन
रावमापा मोगीनंद में 2019 में प्रदेश का पहला और देश का छठा कैंपस रेडियो स्टेशन स्थापित हुआ था। इसे स्थापित करने में विद्यालय के तत्कालीन जीव विज्ञान प्रवक्ता डॉ. संजीव अत्री का सराहनीय प्रयास रहा। उनके मार्गदर्शन में ही इस रेडियो स्टेशन को संचालित किया जाता रहा है। इस पर प्रसारित होने वाली विषय वस्तु/ शैक्षणिक कार्यक्रम को मुंबई की एक ब्रॉड कास्टिंग कंपनी के सहयोग से प्रसारित किया जाता रहा। इसकी सालाना फीस लगभग 20 हजार रुपये है। फिलहाल यहां से डॉ. संजीव अत्री का भी पदोन्नति के बाद तबादला हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed