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प्रदेश के पहले कैंपस रेडियो स्टेशन को मदद की दरकार
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42 months rigorous jail for the guilty in POCSO case
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कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोगीनंद में कैंपस रेडियो स्टेशन को मदद की दरकार है। प्रदेश का पहला और देश का छठा कैंपस रेडियो स्टेशन हेलो मोगीनंद, काफी समय से बंद पड़ा है।
विद्यालय प्रबंधन के पास फिलहाल इसे संचालित करने के लिए कोई फंडिंग नहीं है। लिहाजा प्रदेश के पहले और देश के छठे कैंपस रेडियो स्टेशन हेलो मोगीनंद, को मदद की दरकार है। विद्यालय की प्रधानाचार्य शीबा खन्ना ने बताया कि विद्यालय के सभी अध्यापक मिलकर फंडिंग जुटाकर फिलहाल इस रेडियो स्टेशन को शुरू करने पर विचार विमर्श कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में इसको संचालित करने के लिए फंडिंग का स्थायी स्रोत होना जरूरी है। इसलिए फंडिंग की दरकार है।
2019 में की गई थी स्थापना
इस रेडियो केंद्र की स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी। इस रेडियो स्टेशन को मुंबई की एक ब्रॉड कास्टिंग कंपनी के माध्यम से संचालित किया जाता है, जिसकी सालाना फीस लगभग 18 से 20 हजार रुपये है। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन की घोषणा के बाद से यह रेडियो स्टेशन बंद पड़ा है। विद्यार्थियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके बंद होने का मुख्य कारण फंडिंग की समस्या है।
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प्रदेश का पहला कैंपस रेडियो स्टेशन
एसएमसी प्रधान फजाना, नरेश कुमार, रूबी, इस्लाम मोहम्मद, वीना और संजय गुप्ता ने बताया कि मोगीनंद स्कूल स्थित कैंपस रेडियो स्टेशन प्रदेश का पहला रेडियो स्टेशन है। जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है, लेकिन यह रेडियो स्टेशन वर्तमान में बंद पड़ा है। इसे पुन: प्रारंभ किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
बाक्स
डॉ. संजीव अत्री के प्रयासों से स्थापित हुआ था रेडियो स्टेशन
रावमापा मोगीनंद में 2019 में प्रदेश का पहला और देश का छठा कैंपस रेडियो स्टेशन स्थापित हुआ था। इसे स्थापित करने में विद्यालय के तत्कालीन जीव विज्ञान प्रवक्ता डॉ. संजीव अत्री का सराहनीय प्रयास रहा। उनके मार्गदर्शन में ही इस रेडियो स्टेशन को संचालित किया जाता रहा है। इस पर प्रसारित होने वाली विषय वस्तु/ शैक्षणिक कार्यक्रम को मुंबई की एक ब्रॉड कास्टिंग कंपनी के सहयोग से प्रसारित किया जाता रहा। इसकी सालाना फीस लगभग 20 हजार रुपये है। फिलहाल यहां से डॉ. संजीव अत्री का भी पदोन्नति के बाद तबादला हो चुका है।
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विद्यालय प्रबंधन के पास फिलहाल इसे संचालित करने के लिए कोई फंडिंग नहीं है। लिहाजा प्रदेश के पहले और देश के छठे कैंपस रेडियो स्टेशन हेलो मोगीनंद, को मदद की दरकार है। विद्यालय की प्रधानाचार्य शीबा खन्ना ने बताया कि विद्यालय के सभी अध्यापक मिलकर फंडिंग जुटाकर फिलहाल इस रेडियो स्टेशन को शुरू करने पर विचार विमर्श कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में इसको संचालित करने के लिए फंडिंग का स्थायी स्रोत होना जरूरी है। इसलिए फंडिंग की दरकार है।
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2019 में की गई थी स्थापना
इस रेडियो केंद्र की स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी। इस रेडियो स्टेशन को मुंबई की एक ब्रॉड कास्टिंग कंपनी के माध्यम से संचालित किया जाता है, जिसकी सालाना फीस लगभग 18 से 20 हजार रुपये है। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन की घोषणा के बाद से यह रेडियो स्टेशन बंद पड़ा है। विद्यार्थियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके बंद होने का मुख्य कारण फंडिंग की समस्या है।
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प्रदेश का पहला कैंपस रेडियो स्टेशन
एसएमसी प्रधान फजाना, नरेश कुमार, रूबी, इस्लाम मोहम्मद, वीना और संजय गुप्ता ने बताया कि मोगीनंद स्कूल स्थित कैंपस रेडियो स्टेशन प्रदेश का पहला रेडियो स्टेशन है। जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है, लेकिन यह रेडियो स्टेशन वर्तमान में बंद पड़ा है। इसे पुन: प्रारंभ किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
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डॉ. संजीव अत्री के प्रयासों से स्थापित हुआ था रेडियो स्टेशन
रावमापा मोगीनंद में 2019 में प्रदेश का पहला और देश का छठा कैंपस रेडियो स्टेशन स्थापित हुआ था। इसे स्थापित करने में विद्यालय के तत्कालीन जीव विज्ञान प्रवक्ता डॉ. संजीव अत्री का सराहनीय प्रयास रहा। उनके मार्गदर्शन में ही इस रेडियो स्टेशन को संचालित किया जाता रहा है। इस पर प्रसारित होने वाली विषय वस्तु/ शैक्षणिक कार्यक्रम को मुंबई की एक ब्रॉड कास्टिंग कंपनी के सहयोग से प्रसारित किया जाता रहा। इसकी सालाना फीस लगभग 20 हजार रुपये है। फिलहाल यहां से डॉ. संजीव अत्री का भी पदोन्नति के बाद तबादला हो चुका है।