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नौरा खड्ड में सड़क बहने से किसान-बागवान परेशान
Updated Mon, 30 Jul 2018 10:36 PM IST
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बारिश में बही नेरीपुल-पुलबाहल सड़क
किसानों को उत्पाद ढोने में हो रही परेशानी
चार साल पहले बादल फटने से बही थी
अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)। विकास खंड राजगढ़ में नेरीपुल-पुलबाहल सड़क चार साल पहले नौरा खड्ड में बह गई है। पच्छाद इलाके के टाली भुज्जल क्षेत्र को आपस में जोड़ने वाली सड़क के नौरा खड्ड में बह जाने से क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी हो रही है। यहां वाहन तो दूर, पैदल चलने में भी लोगों को मुश्किल हो रही है। हालांकि, लोनिवि जेसीबी लगाकर सड़क को बहाल करने का प्रयास कर रहा है लेकिन स्थायी समाधान न होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
गौरतलब है कि चार साल पहले बादल फटने से सड़क का कुछ हिस्सा बह गया था। विभाग ने बड़ी मुश्किल से इसे दुरुस्त भी किया था लेकिन इस बार हुई बारिश में फिर से सड़क बह गई। इन दिनों कृषि और बागवानी उत्पाद बाजार भेजने का सीजन है, जिससे किसानों और बागवानों को दिक्कत हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उधर, सहायक अभियंता रजनीश बंसल ने कहा कि सड़क की बहाली का प्रयास किया जा रहा है। इसके स्थायी समाधान के लिए 62 मीटर का पुल प्रस्तावित है। यदि स्वीकृति मिलती है तो इसका स्थायी समाधान हो जाएगा।
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किसानों को उत्पाद ढोने में हो रही परेशानी
चार साल पहले बादल फटने से बही थी
अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)। विकास खंड राजगढ़ में नेरीपुल-पुलबाहल सड़क चार साल पहले नौरा खड्ड में बह गई है। पच्छाद इलाके के टाली भुज्जल क्षेत्र को आपस में जोड़ने वाली सड़क के नौरा खड्ड में बह जाने से क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी हो रही है। यहां वाहन तो दूर, पैदल चलने में भी लोगों को मुश्किल हो रही है। हालांकि, लोनिवि जेसीबी लगाकर सड़क को बहाल करने का प्रयास कर रहा है लेकिन स्थायी समाधान न होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
गौरतलब है कि चार साल पहले बादल फटने से सड़क का कुछ हिस्सा बह गया था। विभाग ने बड़ी मुश्किल से इसे दुरुस्त भी किया था लेकिन इस बार हुई बारिश में फिर से सड़क बह गई। इन दिनों कृषि और बागवानी उत्पाद बाजार भेजने का सीजन है, जिससे किसानों और बागवानों को दिक्कत हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उधर, सहायक अभियंता रजनीश बंसल ने कहा कि सड़क की बहाली का प्रयास किया जा रहा है। इसके स्थायी समाधान के लिए 62 मीटर का पुल प्रस्तावित है। यदि स्वीकृति मिलती है तो इसका स्थायी समाधान हो जाएगा।
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