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अब सख्ती से होगी गृहकर की वसूली
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
नगर परिषद नाहन, पांवटा और नगर पंचायत राजगढ़ में फंसे गृहकर के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं। होटलों, उद्योगों, दफ्तरों और आवासीय भवनों के मालिक वर्षों से गृह कर जमा नहीं कर रहे। अकेले नगर परिषद नाहन के ही लगभग पौने दो करोड़ रुपये फंसे हैं। प्रशासन ने भी इसे वसूल करने के आदेश दिए हैं।
उपायुक्त ललित जैन ने नगर निकायों को आदेश दिए हैं कि गृह कर की वसूली करना आरंभ कर दें। पांवटा नगर परिषद में भी करोड़ों रुपये की वसूली करनी बाकी है। मंगलवार को उपायुक्त ललित जैन की अध्यक्षता में नगर निकायों की बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में शहर के विकास को लेकर चर्चा की गई। उपायुक्त ने शहरी निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में मीट की दुकानों में काले शीशे लगाए जाने और पिंजरों को दुकान के भीतर रखने के निर्देश जारी किए जाएं।
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उन्होंने कहा कि मीट की खुली दुकानों से गंदगी फैलती है जिससे कई बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। शहर में जन संसाधन सुविधाएं उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी जाए। विशेषकर बस स्टैंड अथवा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में शौचालय होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि गृह कर की वसूली सुनिश्चित की जाए ताकि गृह कर और अन्य संसाधनों से जुटाई गई राशि शहरों के विकास पर खर्च की जा सके। उन्होंने नाहन, पांवटा और राजगढ़ में वाहनों की पार्किंग के लिए भूमि का चयन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में मास्क लाइटें तथा रास्ते अथवा गलियां निर्मित करने के लिए मामला शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। नाहन शहर में निर्धन व्यक्तियों के लिए 90 नए मकान और 51 मकानों को बढ़ाने पर डेढ़ करोड़ की राशि व्यय की जा रही है । जबकि पांवटा में निर्धन व्यक्तियों के लिए 50 मकान निर्मित किए जा रहे हैं।
बॉक्स के लिए---
वैज्ञानिक तकनीक से ठिकाने लगेगा कचरा
उपायुक्त ने कहा कि नाहन और पांवटा नगर परिषद के ठोस एवं तरल कचरा को नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक से ठिकाने लगाया जाएगा। नवीनतम तकनीक से प्रबंध के लिए एक कंपनी से बात चल रही है। कंपनी बिना किसी शुल्क के यह कार्य करने को भी तैयार है। कंपनी को कचरा उठाने के एवज में दो बीघा भूमि और प्रतिदिन आठ टन कचरा चाहिए जिसे बिना किसी धुएं के ठिकाने लगाया जाएगा।
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नाहन (सिरमौर)।
नगर परिषद नाहन, पांवटा और नगर पंचायत राजगढ़ में फंसे गृहकर के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं। होटलों, उद्योगों, दफ्तरों और आवासीय भवनों के मालिक वर्षों से गृह कर जमा नहीं कर रहे। अकेले नगर परिषद नाहन के ही लगभग पौने दो करोड़ रुपये फंसे हैं। प्रशासन ने भी इसे वसूल करने के आदेश दिए हैं।
उपायुक्त ललित जैन ने नगर निकायों को आदेश दिए हैं कि गृह कर की वसूली करना आरंभ कर दें। पांवटा नगर परिषद में भी करोड़ों रुपये की वसूली करनी बाकी है। मंगलवार को उपायुक्त ललित जैन की अध्यक्षता में नगर निकायों की बैठक का आयोजन किया गया।
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बैठक में शहर के विकास को लेकर चर्चा की गई। उपायुक्त ने शहरी निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में मीट की दुकानों में काले शीशे लगाए जाने और पिंजरों को दुकान के भीतर रखने के निर्देश जारी किए जाएं।
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उन्होंने कहा कि मीट की खुली दुकानों से गंदगी फैलती है जिससे कई बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। शहर में जन संसाधन सुविधाएं उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी जाए। विशेषकर बस स्टैंड अथवा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में शौचालय होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि गृह कर की वसूली सुनिश्चित की जाए ताकि गृह कर और अन्य संसाधनों से जुटाई गई राशि शहरों के विकास पर खर्च की जा सके। उन्होंने नाहन, पांवटा और राजगढ़ में वाहनों की पार्किंग के लिए भूमि का चयन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में मास्क लाइटें तथा रास्ते अथवा गलियां निर्मित करने के लिए मामला शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। नाहन शहर में निर्धन व्यक्तियों के लिए 90 नए मकान और 51 मकानों को बढ़ाने पर डेढ़ करोड़ की राशि व्यय की जा रही है । जबकि पांवटा में निर्धन व्यक्तियों के लिए 50 मकान निर्मित किए जा रहे हैं।
बॉक्स के लिए---
वैज्ञानिक तकनीक से ठिकाने लगेगा कचरा
उपायुक्त ने कहा कि नाहन और पांवटा नगर परिषद के ठोस एवं तरल कचरा को नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक से ठिकाने लगाया जाएगा। नवीनतम तकनीक से प्रबंध के लिए एक कंपनी से बात चल रही है। कंपनी बिना किसी शुल्क के यह कार्य करने को भी तैयार है। कंपनी को कचरा उठाने के एवज में दो बीघा भूमि और प्रतिदिन आठ टन कचरा चाहिए जिसे बिना किसी धुएं के ठिकाने लगाया जाएगा।