{"_id":"5a2fe67e4f1c1b95188b95de","slug":"41513088638-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय पर स्कूल नहीं पहुंचे रामपुर-भारापुर के कई गुरूजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय पर स्कूल नहीं पहुंचे रामपुर-भारापुर के कई गुरूजी
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:13 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
निर्धारित समय पर स्कूल न पहुंचने वाले शिक्षकों पर जवाब तलबी की तलवार लटक गई है। शिक्षकों को बताना होगा कि देरी से स्कूल पहुंचने के पीछे क्या कारण हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
दरअसल, शिक्षा उपनिदेशक उच्च सुधाकर शर्मा ने मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर भारापुर का औचक निरीक्षण किया। हालांकि, शिक्षा उपनिदेशक के स्कूल पहुंचने के पीछे कोई भी कारण नहीं था। पांवटा में कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने जाते समय शिक्षा उपनिदेशक ने अचानक रामपुर भारापुर स्कूल का दौरा कर लिया। ठीक 8: 50 पर शिक्षा उपनिदेशक सुधाकर शर्मा स्कूल पहुंचे लेकिन उनके स्कूल पहुंचने के समय कई गुरुजी स्कूल ही नहीं पहुंचे थे। कोई शिक्षक 9 बजकर 10 मिनट पर उपस्थित हुआ तो कोई 9:15 पर। करीब आधा दर्जन शिक्षकों के देरी से आने का सिलसिला शुरू हो गया।
शिक्षा उपनिदेशक ने शिक्षकों से देरी से आने का कारण पूछा तो जवाब मिला खराब मौसम। फिर भी शिक्षा उपनिदेशक ने देरी से स्कूल पहुंचने वाले सभी शिक्षकों से जवाब तलब किया है। इस दौरान डेढ़ घंटे तक शिक्षा उपनिदेशक ने स्कूल का निरीक्षण भी किया। कक्षाओं में जाकर छात्रों से सवाल जवाब भी किए।
विज्ञापन
बाक्स--
यह औचक निरीक्षण था। वह 8:50 पर स्कूल पहुंचे। शिक्षक सवा 9 बजे तक स्कूल आते रहे। करीब डेढ़ घंटे तक स्कूल का निरीक्षण किया। देरी से पहुंचने वाले शिक्षकों से जवाब तलबी की गई है।
- सुधाकर शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा, सिरमौर।
बाक्स--
कई स्कूलों में देरी से पहुंचते हैं शिक्षक
शिक्षकों के देरी से स्कूल पहुंचने का मामला नया नहीं है। बसों से स्कूल जाने वाले शिक्षक अधिकांशत: देरी से ही पहुंचते हैं। 9 बजे लगने वाले स्कूलों में कई शिक्षक साढ़े 9 बजे तक पहुंचते हैं। इस बीच स्कूल में प्रार्थना सभा भी संपन्न हो जाती है लेकिन गुरुजी का स्कूल पहुंचना नहीं होता। शहरों के साथ सटे गांवों व दुर्गम क्षेत्रों में अमूमन यह स्थिति बरकरार है।
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)।
निर्धारित समय पर स्कूल न पहुंचने वाले शिक्षकों पर जवाब तलबी की तलवार लटक गई है। शिक्षकों को बताना होगा कि देरी से स्कूल पहुंचने के पीछे क्या कारण हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
दरअसल, शिक्षा उपनिदेशक उच्च सुधाकर शर्मा ने मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर भारापुर का औचक निरीक्षण किया। हालांकि, शिक्षा उपनिदेशक के स्कूल पहुंचने के पीछे कोई भी कारण नहीं था। पांवटा में कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने जाते समय शिक्षा उपनिदेशक ने अचानक रामपुर भारापुर स्कूल का दौरा कर लिया। ठीक 8: 50 पर शिक्षा उपनिदेशक सुधाकर शर्मा स्कूल पहुंचे लेकिन उनके स्कूल पहुंचने के समय कई गुरुजी स्कूल ही नहीं पहुंचे थे। कोई शिक्षक 9 बजकर 10 मिनट पर उपस्थित हुआ तो कोई 9:15 पर। करीब आधा दर्जन शिक्षकों के देरी से आने का सिलसिला शुरू हो गया।
विज्ञापन
शिक्षा उपनिदेशक ने शिक्षकों से देरी से आने का कारण पूछा तो जवाब मिला खराब मौसम। फिर भी शिक्षा उपनिदेशक ने देरी से स्कूल पहुंचने वाले सभी शिक्षकों से जवाब तलब किया है। इस दौरान डेढ़ घंटे तक शिक्षा उपनिदेशक ने स्कूल का निरीक्षण भी किया। कक्षाओं में जाकर छात्रों से सवाल जवाब भी किए।
विज्ञापन
बाक्स--
यह औचक निरीक्षण था। वह 8:50 पर स्कूल पहुंचे। शिक्षक सवा 9 बजे तक स्कूल आते रहे। करीब डेढ़ घंटे तक स्कूल का निरीक्षण किया। देरी से पहुंचने वाले शिक्षकों से जवाब तलबी की गई है।
- सुधाकर शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा, सिरमौर।
बाक्स--
कई स्कूलों में देरी से पहुंचते हैं शिक्षक
शिक्षकों के देरी से स्कूल पहुंचने का मामला नया नहीं है। बसों से स्कूल जाने वाले शिक्षक अधिकांशत: देरी से ही पहुंचते हैं। 9 बजे लगने वाले स्कूलों में कई शिक्षक साढ़े 9 बजे तक पहुंचते हैं। इस बीच स्कूल में प्रार्थना सभा भी संपन्न हो जाती है लेकिन गुरुजी का स्कूल पहुंचना नहीं होता। शहरों के साथ सटे गांवों व दुर्गम क्षेत्रों में अमूमन यह स्थिति बरकरार है।