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सोलन-मीनस, हरिपुरधार-कुपवी सड़क आठ घंटे बंद
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:08 PM IST
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भूस्खलन से सोलन-मीनस, हरिपुरधार-कुपवी सड़क आठ घंटे बंद
बारिश से कई सड़कें खस्ताहाल, सड़कों के डंगे ढहे
भारी बारिश से सुरक्षा दीवारें हुईं क्षतिग्रस्त, मकानों को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार/ शिलाई/ राजगढ़ (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में एक बार फिर चंद घंटों की बारिश ने कहर बरपाया। पांच से छह घंटे की मूसलाधार बारिश के चलते कुछ मार्ग अवरुद्ध हो गए। बारिश के चलते सुरक्षा दीवारें ढहने से घरों को खतरा पैदा हो गया है। सड़कों पर भारी भूस्खलन के कारण लगातार आवाजाही ठप हो रही है।
मंगलवार रात हुई भारी बारिश से सोलन-मीनस चौरास व चुनवी सड़क भारी भूस्खलन से कई 8 घंटे बंद रही। वहीं हरिपुरधार-कुपवी, रोहनाट सड़कों पर भी कई घंटे आवाजाही ठप रही। नौहराधार-पुन्नरधार सड़क दोची के पास बंद पड़ी है। कनिष्ठ अभियंता खजान सिंह ने बताया कि बंद सड़कों को मशीन व लेबर से आवाजाही योग्य किया जा रहा है।
उधर, शिलाई-पंध्याट सड़क भी तेज वर्षा के कारण धंस गई। इस सड़क पर कई डंगे ढह गए हैं। निर्माणाधीन आईटीआई भवन के कुछ दूरी पर सड़क की सुरक्षा दीवार धंसने से सड़क में गहरी खाई बन गई है। इस सड़क को हाल ही में विभाग ने पक्का किया था। लोक निर्माण विभाग शिलाई के अधिशाषी अभियंता प्रमोद उप्रेती ने बताया कि दो माह पहले ही इस सड़क को पक्का किया गया था। उन्होंने बताया कि सड़क को जल्द ठीक किया जाएगा। यह भी जांच की जाएगी कि सड़क कई स्थान से टूटने के क्या कारण हैं।
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बाक्स
सनियो में रसोई व मकान को खतरा
ग्राम पंचायत दीदग के सनियों में नवीन शर्मा के मकान का आंगन भारी बारिश के चलते धंस गया। तहसीलदार विवेक नेगी ने बताया कि हलका पटवारी को मौके पर जाकर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। उधर, नौहराधार के थाचा निवासी जोगिंद्र सिंह के घर के समीप पुुन्नरधार सड़क का डंगा गिरने से मकान को खतरा पैदा हो गया है। इसी तरह उलाना में राजेंद्र सिंह के घर के आगे भूस्खलन होने से मकान को खतरा बना हुआ है।
मटर की फसल तबाह
नौहराधार क्षेत्र में 6 घंटे की भारी बारिश ने मटर की फसल तबाह कर दी है। बारिश से किसानों के खेतों को भी भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के किसान मोहन लाल, अतर सिंह, विजेंद्र सिंह, संजय, सतीश, वेदप्रकाश, प्रकाश चंद, भारत भूषण, रामलाल, यशपाल आदि का कहना है कि क्षेत्र के नौहराधार, उलाना, देवमनल, देवना, चौरास, घंदूरी, चडना, सैर तंदुला, शमरा, भुजोंड, पुन्नर धार, लानाचेता आदि क्षेत्रों में करीब 600 हेक्टेयर भूमि पर किसानों ने कुछ दिन पहले ही मटर की बिजाई की थी। किसानों ने विभाग व सरकार से फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
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बारिश से कई सड़कें खस्ताहाल, सड़कों के डंगे ढहे
भारी बारिश से सुरक्षा दीवारें हुईं क्षतिग्रस्त, मकानों को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार/ शिलाई/ राजगढ़ (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में एक बार फिर चंद घंटों की बारिश ने कहर बरपाया। पांच से छह घंटे की मूसलाधार बारिश के चलते कुछ मार्ग अवरुद्ध हो गए। बारिश के चलते सुरक्षा दीवारें ढहने से घरों को खतरा पैदा हो गया है। सड़कों पर भारी भूस्खलन के कारण लगातार आवाजाही ठप हो रही है।
मंगलवार रात हुई भारी बारिश से सोलन-मीनस चौरास व चुनवी सड़क भारी भूस्खलन से कई 8 घंटे बंद रही। वहीं हरिपुरधार-कुपवी, रोहनाट सड़कों पर भी कई घंटे आवाजाही ठप रही। नौहराधार-पुन्नरधार सड़क दोची के पास बंद पड़ी है। कनिष्ठ अभियंता खजान सिंह ने बताया कि बंद सड़कों को मशीन व लेबर से आवाजाही योग्य किया जा रहा है।
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उधर, शिलाई-पंध्याट सड़क भी तेज वर्षा के कारण धंस गई। इस सड़क पर कई डंगे ढह गए हैं। निर्माणाधीन आईटीआई भवन के कुछ दूरी पर सड़क की सुरक्षा दीवार धंसने से सड़क में गहरी खाई बन गई है। इस सड़क को हाल ही में विभाग ने पक्का किया था। लोक निर्माण विभाग शिलाई के अधिशाषी अभियंता प्रमोद उप्रेती ने बताया कि दो माह पहले ही इस सड़क को पक्का किया गया था। उन्होंने बताया कि सड़क को जल्द ठीक किया जाएगा। यह भी जांच की जाएगी कि सड़क कई स्थान से टूटने के क्या कारण हैं।
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सनियो में रसोई व मकान को खतरा
ग्राम पंचायत दीदग के सनियों में नवीन शर्मा के मकान का आंगन भारी बारिश के चलते धंस गया। तहसीलदार विवेक नेगी ने बताया कि हलका पटवारी को मौके पर जाकर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। उधर, नौहराधार के थाचा निवासी जोगिंद्र सिंह के घर के समीप पुुन्नरधार सड़क का डंगा गिरने से मकान को खतरा पैदा हो गया है। इसी तरह उलाना में राजेंद्र सिंह के घर के आगे भूस्खलन होने से मकान को खतरा बना हुआ है।
मटर की फसल तबाह
नौहराधार क्षेत्र में 6 घंटे की भारी बारिश ने मटर की फसल तबाह कर दी है। बारिश से किसानों के खेतों को भी भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के किसान मोहन लाल, अतर सिंह, विजेंद्र सिंह, संजय, सतीश, वेदप्रकाश, प्रकाश चंद, भारत भूषण, रामलाल, यशपाल आदि का कहना है कि क्षेत्र के नौहराधार, उलाना, देवमनल, देवना, चौरास, घंदूरी, चडना, सैर तंदुला, शमरा, भुजोंड, पुन्नर धार, लानाचेता आदि क्षेत्रों में करीब 600 हेक्टेयर भूमि पर किसानों ने कुछ दिन पहले ही मटर की बिजाई की थी। किसानों ने विभाग व सरकार से फसल का मुआवजा देने की मांग की है।