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शिलाई के कांडो भटनोल में अज्ञात रोग की चपेट आए पशु
Updated Tue, 13 Mar 2018 08:20 PM IST
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शिलाई के कांडो भटनोल में अज्ञात रोग की चपेट पशु
एक गांव से शुरू हुई अज्ञात बीमारी कई गांवों तक पहुंची
कई पशुओं की मौत, पशु पालकों के चेहरों का उड़ा रंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
शिलाई की कांडो भटनोल पंचायत में कई दुधारू पशु अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से मर गए हैं। एक गांव से शुरू हुई यह बीमारी धीरे-धीरे अन्य गांवों के पशुओं को भी अपनी चपेट में ले रही है जिससे पशु पालकों में खौफ पसरा हुआ है। अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण भयभीत हैं। हालांकि पशु विभाग का फार्मासिस्ट पशुओं में लगी अज्ञात बीमारी को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है लेकिन वह इस कार्य में सफल नहीं हो पा रहा है। यह अज्ञात बीमारी धीरे-धीरे अन्य गांवों के पशुओं को भी अपनी चपेट में ले रही है।
इस समय अज्ञात रोग की चपेट में पंचायत के कामोटा, राउर, पारली, जिलूर, डियांडो, बोहल, टिंबड़ी गांवों के पशु आ चुके हैं। क्षेत्र के इंदर सिंह, बिशन सिंह, जालम सिंह, चमेल सिंह, अत्तर सिंह, रघुबीर सिंह, देवेंद्र ने बताया कि पहले पशुओं को बुखार आना शुरू होता है। उसके बाद उनमें कंपकंपी शुरू होती है। उसके बाद मुंह से सफेद झाग निकली शुरू हो जाती है। उसके बाद पशु के शरीर में सोजिश होने लग रही है। ग्रामीणों ने पशु पालन विभाग व जिला प्रशासन से इस संदर्भ में अतिशीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि पशुओं में तेजी से फैल रहे इस रोग को काबू में किया जा सके।
उधर, संबंधित पशु औषधालय के फार्मासिस्ट भवान सिंह ने बताया कि गांवों में जाकर पशुओं को दवाई व टीके लगाकर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस रोग पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।
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-जगत सिंह-- तन्हा
एक गांव से शुरू हुई अज्ञात बीमारी कई गांवों तक पहुंची
कई पशुओं की मौत, पशु पालकों के चेहरों का उड़ा रंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
शिलाई की कांडो भटनोल पंचायत में कई दुधारू पशु अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से मर गए हैं। एक गांव से शुरू हुई यह बीमारी धीरे-धीरे अन्य गांवों के पशुओं को भी अपनी चपेट में ले रही है जिससे पशु पालकों में खौफ पसरा हुआ है। अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण भयभीत हैं। हालांकि पशु विभाग का फार्मासिस्ट पशुओं में लगी अज्ञात बीमारी को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है लेकिन वह इस कार्य में सफल नहीं हो पा रहा है। यह अज्ञात बीमारी धीरे-धीरे अन्य गांवों के पशुओं को भी अपनी चपेट में ले रही है।
इस समय अज्ञात रोग की चपेट में पंचायत के कामोटा, राउर, पारली, जिलूर, डियांडो, बोहल, टिंबड़ी गांवों के पशु आ चुके हैं। क्षेत्र के इंदर सिंह, बिशन सिंह, जालम सिंह, चमेल सिंह, अत्तर सिंह, रघुबीर सिंह, देवेंद्र ने बताया कि पहले पशुओं को बुखार आना शुरू होता है। उसके बाद उनमें कंपकंपी शुरू होती है। उसके बाद मुंह से सफेद झाग निकली शुरू हो जाती है। उसके बाद पशु के शरीर में सोजिश होने लग रही है। ग्रामीणों ने पशु पालन विभाग व जिला प्रशासन से इस संदर्भ में अतिशीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि पशुओं में तेजी से फैल रहे इस रोग को काबू में किया जा सके।
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उधर, संबंधित पशु औषधालय के फार्मासिस्ट भवान सिंह ने बताया कि गांवों में जाकर पशुओं को दवाई व टीके लगाकर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस रोग पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।
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-जगत सिंह-- तन्हा