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सिरमौर की फिजाओं में गूंजा... जय राम जी की
Updated Sun, 24 Dec 2017 10:56 PM IST
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संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)। छोटी काशी की सिराज विधानसभा के जय राम ठाकुर की मुख्यमंत्री पर ताजपोशी से सिरमौर जिला जय राम जी की...से गूंज उठा। बाजार में जो यार-दोस्त आपस में मिले हाथ मिलाने और नमस्ते करने की बजाय जय राम जी की...कहते हुए देखे गए। भाजपाइयों की टोली में यह प्रचलन अधिक दिखा, यानि जय राम की ताजपोशी के बाद सिरमौर की राजनीतिक फिजाएं बदली-बदली सी नजर आई।
मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलें खत्म होने के बाद अब मंत्रिमंडल पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
नाहन हलके से विजयी हुए डॉ. राजीव बिंदल का मंत्री बनना तय माना जा रहा है लेकिन कई और नेता भी जयराम से नजदीकियों का फायदा उठा सकते हैं। नड्डा-जयराम के साथ नजदीकियां रखने वाले नेताओं के लिए यह ताजपोशी संजीवनी बन सकती है। सिरमौर की सियासी फिजाओं में यह आम चरचा है कि डॉ. राजीव बिंदल अब हिमाचल सरकार के पावरफुल मंत्री बनकर उभरेंगे। नाहन विधानसभा के लिए उनका मंत्री बनना खास मायने रखता है।
हालांकि अभी तक मंत्रिमंडल को लेकर किसी तरह की घोषणा नहीं हुई है लेकिन पूर्व मंत्री होने का तजुर्बा और पांचवीं बार विधानसभा में पहुंचना बिंदल के मंत्री बनने का रास्ता साफ कर रहे हैं। वह मंत्री बने तो नाहन विधानसभा क्षेत्र से पहले कैबिनेट मंत्री होंगे। इससे पहले यहां श्यामा शर्मा मंत्री पद हासिल कर चुकी हैं लेकिन उन्हें भी राज्यमंत्री का दर्जा मिला था।
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उधर, जय राम की ताजपोशी के बाद कई नेताओं को अब राम (जय राम ठाकुर) का ही सहारा है। चुनावी वैतरणी पार नहीं लगने के बावजूद वह अपना राजनीतिक रसूब वापस पाने के लिए निगम-बोर्ड की कुर्सी पाने में कामयाब हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और जय राम ठाकुर से ताल्लुकात इसमें मददगार बन सकते हैं लेकिन सिरमौर के कई अन्य नेताओं को भी जय राम की ताजपोशी का फायदा मिल सकता है।
चुनावी मैदान में जीत का सेहरा बंधने से चूके शिलाई के बलदेव तोमर और रेणुका विधानसभा क्षेत्र से बलबीर सिंह इनमें शुमार है। बलदेव तोमर की जय राम ठाकुर के साथ नजदीकियां हैं। ऐसे में चुनाव हारने के बावजूद बलदेव तोमर निगम या बोर्ड की कुर्सी पाने में कामयाब हो सकते हैं। जबकि जगत प्रकाश नड्डा के करीबी माने जाने वाले बलवीर चौहान के लिए भी जय राम की ताजपोशी फायदेमंद साबित हो सकती है। बहरहाल, अब 27 दिसंबर को संभावित शपथ ग्रहण समारोह पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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नाहन (सिरमौर)। छोटी काशी की सिराज विधानसभा के जय राम ठाकुर की मुख्यमंत्री पर ताजपोशी से सिरमौर जिला जय राम जी की...से गूंज उठा। बाजार में जो यार-दोस्त आपस में मिले हाथ मिलाने और नमस्ते करने की बजाय जय राम जी की...कहते हुए देखे गए। भाजपाइयों की टोली में यह प्रचलन अधिक दिखा, यानि जय राम की ताजपोशी के बाद सिरमौर की राजनीतिक फिजाएं बदली-बदली सी नजर आई।
मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलें खत्म होने के बाद अब मंत्रिमंडल पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
नाहन हलके से विजयी हुए डॉ. राजीव बिंदल का मंत्री बनना तय माना जा रहा है लेकिन कई और नेता भी जयराम से नजदीकियों का फायदा उठा सकते हैं। नड्डा-जयराम के साथ नजदीकियां रखने वाले नेताओं के लिए यह ताजपोशी संजीवनी बन सकती है। सिरमौर की सियासी फिजाओं में यह आम चरचा है कि डॉ. राजीव बिंदल अब हिमाचल सरकार के पावरफुल मंत्री बनकर उभरेंगे। नाहन विधानसभा के लिए उनका मंत्री बनना खास मायने रखता है।
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हालांकि अभी तक मंत्रिमंडल को लेकर किसी तरह की घोषणा नहीं हुई है लेकिन पूर्व मंत्री होने का तजुर्बा और पांचवीं बार विधानसभा में पहुंचना बिंदल के मंत्री बनने का रास्ता साफ कर रहे हैं। वह मंत्री बने तो नाहन विधानसभा क्षेत्र से पहले कैबिनेट मंत्री होंगे। इससे पहले यहां श्यामा शर्मा मंत्री पद हासिल कर चुकी हैं लेकिन उन्हें भी राज्यमंत्री का दर्जा मिला था।
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उधर, जय राम की ताजपोशी के बाद कई नेताओं को अब राम (जय राम ठाकुर) का ही सहारा है। चुनावी वैतरणी पार नहीं लगने के बावजूद वह अपना राजनीतिक रसूब वापस पाने के लिए निगम-बोर्ड की कुर्सी पाने में कामयाब हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और जय राम ठाकुर से ताल्लुकात इसमें मददगार बन सकते हैं लेकिन सिरमौर के कई अन्य नेताओं को भी जय राम की ताजपोशी का फायदा मिल सकता है।
चुनावी मैदान में जीत का सेहरा बंधने से चूके शिलाई के बलदेव तोमर और रेणुका विधानसभा क्षेत्र से बलबीर सिंह इनमें शुमार है। बलदेव तोमर की जय राम ठाकुर के साथ नजदीकियां हैं। ऐसे में चुनाव हारने के बावजूद बलदेव तोमर निगम या बोर्ड की कुर्सी पाने में कामयाब हो सकते हैं। जबकि जगत प्रकाश नड्डा के करीबी माने जाने वाले बलवीर चौहान के लिए भी जय राम की ताजपोशी फायदेमंद साबित हो सकती है। बहरहाल, अब 27 दिसंबर को संभावित शपथ ग्रहण समारोह पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।