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इंटरनल विवि बडूसाहिब में नशा मुक्त समाज पर हुआ मंथन
Updated Sun, 29 Oct 2017 10:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)।
इंटरनल विश्वविद्यालय बडूसाहिब में रविवार को सेंटर फॉर पब्लिक हेल्थ एवं हेल्थ केयर एड्मिनिस्ट्रेशन द्वारा संयुक्त रूप से अकाल मनोरोग सेवाएं एवं डी एडिक्शन सेंटर द्वारा नशा मुक्त समाज की स्थापना के लिए ‘एनविजनिंग एडिक्शन फ्री सोसायटी’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें अकाल ड्रग डी एडिक्शन एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के निदेशक डॉ (कर्नल) राजिंद्र सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
डॉ. राजिंद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में 30 प्रतिशत युवा पीढ़ी नशे के चुंगल में आ गई है। पीजीआई के हैड मनोचिकित्सक परमानंद कुल्हारा ने कहा कि नशा मुक्त समाज के लिए जागरूक व शिक्षा बेहद जरूरी है।
भोजिया डेंटल कॉलेज बद्दी के प्रोफेसर बलजीत सिंह ने कहा कि गम (पेरिओडोन्टल) रोग मसूड़ों के संक्रमण से होता है। जबकि तंबाकू का सेवन इसे गंभीर मोड़ देता है। इस दौरान डॉ. शुभ मोहन सिंह, डॉ. एनएल गुप्ता, डॉ. एसआर माजता, डीएवी सोलन के प्रधानाचार्य डॉ. विनोद कपूर, डॉ. माधव पखारे ने भी नशे पर अपने विचार प्रकट किए।
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कार्यशाला के दौरान डॉ. गौरव ज्याणी, डॉ. ओंकार सिंह, डॉ. संजय सोनी, डॉ. सुखविंदर सिंह ने नशे की समस्या का समाधान करने की अपील की। कार्यक्रम का समापन कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक तबाह के माध्यम से किया। इस नाटिका में नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश ड़ाला गया।
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राजगढ़ (सिरमौर)।
इंटरनल विश्वविद्यालय बडूसाहिब में रविवार को सेंटर फॉर पब्लिक हेल्थ एवं हेल्थ केयर एड्मिनिस्ट्रेशन द्वारा संयुक्त रूप से अकाल मनोरोग सेवाएं एवं डी एडिक्शन सेंटर द्वारा नशा मुक्त समाज की स्थापना के लिए ‘एनविजनिंग एडिक्शन फ्री सोसायटी’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें अकाल ड्रग डी एडिक्शन एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के निदेशक डॉ (कर्नल) राजिंद्र सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
डॉ. राजिंद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में 30 प्रतिशत युवा पीढ़ी नशे के चुंगल में आ गई है। पीजीआई के हैड मनोचिकित्सक परमानंद कुल्हारा ने कहा कि नशा मुक्त समाज के लिए जागरूक व शिक्षा बेहद जरूरी है।
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भोजिया डेंटल कॉलेज बद्दी के प्रोफेसर बलजीत सिंह ने कहा कि गम (पेरिओडोन्टल) रोग मसूड़ों के संक्रमण से होता है। जबकि तंबाकू का सेवन इसे गंभीर मोड़ देता है। इस दौरान डॉ. शुभ मोहन सिंह, डॉ. एनएल गुप्ता, डॉ. एसआर माजता, डीएवी सोलन के प्रधानाचार्य डॉ. विनोद कपूर, डॉ. माधव पखारे ने भी नशे पर अपने विचार प्रकट किए।
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कार्यशाला के दौरान डॉ. गौरव ज्याणी, डॉ. ओंकार सिंह, डॉ. संजय सोनी, डॉ. सुखविंदर सिंह ने नशे की समस्या का समाधान करने की अपील की। कार्यक्रम का समापन कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक तबाह के माध्यम से किया। इस नाटिका में नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश ड़ाला गया।
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