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निजी स्कूलों में फीस कम करने का लिया फैसला
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अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। ददाहू के निजी स्कूलों में फीस वसूली को लेकर प्रकाशित खबर के बाद हड़कंप मच गया है। वीरवार को कुछ निजी स्कूलों ने बाकायदा बैठक करके फीस वृद्धि को लेकर पुनर्विचार करके अभिभावकों की राय जानने का प्रयास किया जिससे फीस वृद्धि को लेकर मीडिया में हो रही निजी स्कूलों की बदनामी से बचा जा सके। आरवीएन पब्लिक स्कूल ददाहू के प्रधानाचार्य राजेश ठाकुर ने बताया कि अभिभावकों की सहमति से फीस में इस सत्र से पांच से आठ फीसदी की मामूली वृद्धि की गई है जो तर्कसंगत है। उन्होंने अपने स्कूल की फीस तालिका अप्रूवल के लिए शिक्षा उपनिदेशक को भी भेज दी है जो विभाग और न्यायालय के आदेशानुसार नियमों के अनुरूप है। उनका स्कूल बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले गरीब बच्चों को भी मुफ्त शिक्षा प्रदान करता आ रहा है। उल्लेखनीय है कि अभिभावकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए वीरवार के अंक में ही अमर उजाला ने ददाहू में नहीं रुक रही निजी स्कूलों की मनमानी दोगुना कर दी फीस.., शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। इसकी अभिभावकों ने तो सराहना की लेकिन निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ स्कूलों में फीस वृद्धि को कम करने का फैसला ले लिया गया, जिससे अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली।
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ददाहू (सिरमौर)। ददाहू के निजी स्कूलों में फीस वसूली को लेकर प्रकाशित खबर के बाद हड़कंप मच गया है। वीरवार को कुछ निजी स्कूलों ने बाकायदा बैठक करके फीस वृद्धि को लेकर पुनर्विचार करके अभिभावकों की राय जानने का प्रयास किया जिससे फीस वृद्धि को लेकर मीडिया में हो रही निजी स्कूलों की बदनामी से बचा जा सके। आरवीएन पब्लिक स्कूल ददाहू के प्रधानाचार्य राजेश ठाकुर ने बताया कि अभिभावकों की सहमति से फीस में इस सत्र से पांच से आठ फीसदी की मामूली वृद्धि की गई है जो तर्कसंगत है। उन्होंने अपने स्कूल की फीस तालिका अप्रूवल के लिए शिक्षा उपनिदेशक को भी भेज दी है जो विभाग और न्यायालय के आदेशानुसार नियमों के अनुरूप है। उनका स्कूल बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले गरीब बच्चों को भी मुफ्त शिक्षा प्रदान करता आ रहा है। उल्लेखनीय है कि अभिभावकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए वीरवार के अंक में ही अमर उजाला ने ददाहू में नहीं रुक रही निजी स्कूलों की मनमानी दोगुना कर दी फीस.., शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। इसकी अभिभावकों ने तो सराहना की लेकिन निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ स्कूलों में फीस वृद्धि को कम करने का फैसला ले लिया गया, जिससे अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली।