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पांवटा तहसील में सुनवाई न होने पर डीसी से शिकायत
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। पांवटा के तहसीलदार कार्यालय में सुनवाई न होने से खफा कुछ लोगों ने उपायुक्त से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। अपनी शिकायत को लेकर पांवटा ब्लॉक के गोरखुवाला गांव का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को उपायुक्त सिरमौर ललित जैन से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को शिकायत पत्र भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल गोरखुवाला निवासी संतराम पुत्र चुहड़ सिंह, सुखराम, राजेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, ईश्वर सिंह, राम स्वरूप, रघुवीर सिंह और पवन कुमार ने उपायुक्त को बताया कि पांवटा स्थित तहसीलदार कार्यालय में उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। भूमि संबंधित मामलों में उनको लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधित मामले की एक शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी, जिसकी प्रति उन्हें डाक द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली है। मुख्यमंत्री कार्यालय से आए पत्र को वह पांवटा तहसीलदार कार्यालय ले गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। वह एक महीने से पांवटा के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते भूमि संबंधित मामला आज भी लटका है। उन्होंने कहा कि 2 बीघा 4 बिस्वा भूमि में से 1 बीघा 14 बिस्वा भूमि का कोई अता-पता नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। उपायुक्त ललित जैन ने तहसीलदार कार्यालय से रिकॉर्ड तलब करने का आश्वासन दिया है।
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नाहन (सिरमौर)। पांवटा के तहसीलदार कार्यालय में सुनवाई न होने से खफा कुछ लोगों ने उपायुक्त से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। अपनी शिकायत को लेकर पांवटा ब्लॉक के गोरखुवाला गांव का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को उपायुक्त सिरमौर ललित जैन से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को शिकायत पत्र भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल गोरखुवाला निवासी संतराम पुत्र चुहड़ सिंह, सुखराम, राजेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, ईश्वर सिंह, राम स्वरूप, रघुवीर सिंह और पवन कुमार ने उपायुक्त को बताया कि पांवटा स्थित तहसीलदार कार्यालय में उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। भूमि संबंधित मामलों में उनको लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधित मामले की एक शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी, जिसकी प्रति उन्हें डाक द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली है। मुख्यमंत्री कार्यालय से आए पत्र को वह पांवटा तहसीलदार कार्यालय ले गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। वह एक महीने से पांवटा के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते भूमि संबंधित मामला आज भी लटका है। उन्होंने कहा कि 2 बीघा 4 बिस्वा भूमि में से 1 बीघा 14 बिस्वा भूमि का कोई अता-पता नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। उपायुक्त ललित जैन ने तहसीलदार कार्यालय से रिकॉर्ड तलब करने का आश्वासन दिया है।