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सिरमौर में गरजे इंद्रदेव, बारिश तो कहीं सूखा
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:05 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में शुक्रवार को तूफानी हवाओं के साथ कई जगह हुई बारिश से गेहूं की पकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। जिले के निचले व ऊपरी क्षेत्रों में इस समय गेहूं की पकी फसल खेतों में खड़ी है तो कई जगह थ्रेसिंग के लिए काटा जा चुका है लेकिन तेज हवाओं के साथ बारिश ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जगह कटी फसल के खेतों में तितर बितर होने की भी खबरें मिली है।
वीरवार की शाम को भी सिरमौर के कई हिस्सों में तूफानी हवाएं चली। वहीं कुछेक जगह बारिश भी हुई। शुक्रवार की शाम भी ऐसी ही स्थिति बनी रही। कई जगह बारिश हुई तो कई हिस्से सूखे रहे गए। जनपद के ऊपरी क्षेत्रों हरिपुरधार, संगड़ाह, राजगढ़, सराहां, शिलाई के कुछ हिस्सों में शुक्रवार की शाम तेज गर्जन के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। कई जगह तेज हवाएं चलने से फलदार पौधों से फल झड़ गए। निचले क्षेत्रों में आम के बोर को भी तूफानी हवाओं से नुकसान पहुंचा।
कई फसलों को संजीवनी--
हल्की बूंदाबांदी से कई फसलों को संजीवनी भी मिली है। खासकर नकदी फसलों अदरक, प्याज, आलू व फ्रासबीन आदि फसलों के लिए बारिश फायदेमंद बताई जा रही है। वहीं जहां गेहूं की फसल की कटाई हो चुकी है वहां खेतों की जुताई करने के लिए भी पर्याप्त नमी है।
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अप्रैल माह में भी शीतलहर--
बीते दो तीन दिन से जगह-जगह बारिश होने से अप्रैल माह में भी शीतलहर चल पड़ी है। निचले क्षेत्रों के लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं ऊपरी क्षेत्र भारी ठंड की चपेट में आ गए हैं। ऊपरी क्षेत्रों में बारिश से निचले क्षेत्रों में ठंडक बढ़ा दी है।
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नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में शुक्रवार को तूफानी हवाओं के साथ कई जगह हुई बारिश से गेहूं की पकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। जिले के निचले व ऊपरी क्षेत्रों में इस समय गेहूं की पकी फसल खेतों में खड़ी है तो कई जगह थ्रेसिंग के लिए काटा जा चुका है लेकिन तेज हवाओं के साथ बारिश ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जगह कटी फसल के खेतों में तितर बितर होने की भी खबरें मिली है।
वीरवार की शाम को भी सिरमौर के कई हिस्सों में तूफानी हवाएं चली। वहीं कुछेक जगह बारिश भी हुई। शुक्रवार की शाम भी ऐसी ही स्थिति बनी रही। कई जगह बारिश हुई तो कई हिस्से सूखे रहे गए। जनपद के ऊपरी क्षेत्रों हरिपुरधार, संगड़ाह, राजगढ़, सराहां, शिलाई के कुछ हिस्सों में शुक्रवार की शाम तेज गर्जन के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। कई जगह तेज हवाएं चलने से फलदार पौधों से फल झड़ गए। निचले क्षेत्रों में आम के बोर को भी तूफानी हवाओं से नुकसान पहुंचा।
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कई फसलों को संजीवनी--
हल्की बूंदाबांदी से कई फसलों को संजीवनी भी मिली है। खासकर नकदी फसलों अदरक, प्याज, आलू व फ्रासबीन आदि फसलों के लिए बारिश फायदेमंद बताई जा रही है। वहीं जहां गेहूं की फसल की कटाई हो चुकी है वहां खेतों की जुताई करने के लिए भी पर्याप्त नमी है।
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अप्रैल माह में भी शीतलहर--
बीते दो तीन दिन से जगह-जगह बारिश होने से अप्रैल माह में भी शीतलहर चल पड़ी है। निचले क्षेत्रों के लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं ऊपरी क्षेत्र भारी ठंड की चपेट में आ गए हैं। ऊपरी क्षेत्रों में बारिश से निचले क्षेत्रों में ठंडक बढ़ा दी है।