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बुजुर्ग महिला के जीवन पर भारी पड़ी हड़ताल
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:21 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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नाहन (सिरमौर)। मेडिकल कॉलेज नाहन में भर्ती एक बुजुर्ग महिला पर 108 एंबुलेंस की हड़ताल भारी पड़ गई। हार्ट पेशेंट 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 108 एंबुलेंस की सेवा नहीं मिलने के कारण मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपनी वैन एंबुलेंस में पीजीआई के लिए भेजा। लेकिन, पीजीआई पहुंचने से पहले रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि 108 एंबुलेंस के कर्मचारी काम पर नहीं लौटे हैं। बुधवार को नाहन मेडिकल कॉलेज में हार्ट पेशेंट लेकर परिजन पहुंचे। हालांकि, रात को उनकी तबीयत ठीक थी लेकिन, वीरवार तड़के उसकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। चिकित्सकों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर किया। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को संपर्क किया तो उन्हें एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाई। इसके बाद उसे वैन एंबुलेंस में पीजीआई ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि 108 एंबुलेंस में आधुनिक उपकरणों की सुविधा के अलावा फार्मासिस्ट की भी सुविधा रहती है लेकिन, मारुति वैन एंबुलेंस में एक सिलिंडर
के अलावा दूसरी सुविधा नहीं मिल पाती। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके पराशर ने बताया कि बुजुर्ग महिला को कॉलेज ने अपनी एंबुलेंस में पीजीआई भेजा था। उन्होंने 108 को संपर्क किया या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वह हार्ट पेशेंट थीं। 108 एंबुलेंस सेवा के शिमला जोन के प्रभारी आकाश ने बताया कि हड़ताल पर गए कर्मचारी वापस नहीं लौटे हैं। सरकार के दिशा-निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों को सुबह आठ बजे तक का समय दिया गया है। उसके बाद भी यदि कोई ड्यूटी पर नहीं लौटा तो टर्मिनेट कर नई भर्ती की जाएगी।
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गौरतलब है कि 108 एंबुलेंस के कर्मचारी काम पर नहीं लौटे हैं। बुधवार को नाहन मेडिकल कॉलेज में हार्ट पेशेंट लेकर परिजन पहुंचे। हालांकि, रात को उनकी तबीयत ठीक थी लेकिन, वीरवार तड़के उसकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। चिकित्सकों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर किया। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को संपर्क किया तो उन्हें एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाई। इसके बाद उसे वैन एंबुलेंस में पीजीआई ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि 108 एंबुलेंस में आधुनिक उपकरणों की सुविधा के अलावा फार्मासिस्ट की भी सुविधा रहती है लेकिन, मारुति वैन एंबुलेंस में एक सिलिंडर
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के अलावा दूसरी सुविधा नहीं मिल पाती। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके पराशर ने बताया कि बुजुर्ग महिला को कॉलेज ने अपनी एंबुलेंस में पीजीआई भेजा था। उन्होंने 108 को संपर्क किया या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वह हार्ट पेशेंट थीं। 108 एंबुलेंस सेवा के शिमला जोन के प्रभारी आकाश ने बताया कि हड़ताल पर गए कर्मचारी वापस नहीं लौटे हैं। सरकार के दिशा-निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों को सुबह आठ बजे तक का समय दिया गया है। उसके बाद भी यदि कोई ड्यूटी पर नहीं लौटा तो टर्मिनेट कर नई भर्ती की जाएगी।
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