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डबल हेलमेट की सख्ती ने बढ़ाई दुश्वारियां

Tue, 03 Jul 2018 07:12 PM IST
Updated Tue, 03 Jul 2018 07:12 PM IST
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डबल हेलमेट की सख्ती ने बढ़ाई दुश्वारियां
सचित्र परिचर्चा- 1 से 5
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डबल हेलमेट की सख्ती ने बढ़ाईं दुश्वारियां
महिलाओं और बुजुर्गों को लिफ्ट भी नहीं दे रहे कोई
परेशान लोग बोले- शहर में छूट दे पुलिस विभाग
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन समेत जिलेभर में पुलिस ने दोपहिया वाहन चालक समेत वाहन पर सफर करने वाले अन्य के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी कर दिया है। दोपहिया वाहन के पीछे सवार महिला हो या पुरुष, दोनों के लिए हेलमेट पहनना अब आवश्यक है। ऐसा नहीं करने पर चालान काटे जा रहे हैं। इस फैसले का लोगों ने स्वागत किया है लेकिन, शहर में इस मामले में छूट देने की भी मांग उठ रही है।
लोगों का कहना है कि सड़क हादसों में अधिकतर मौतें दोपहिया वाहन सवारों की ही होती हैं। उनमें से अधिकतर वे होते हैं, जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता है लेकिन लोगों का यह भी कहना है कि मुख्य शहरों में इस फैसले को लागू नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि अधिकतर हादसे नेशनल हाईवे पर ही होते हैं। जिला मुख्यालय नाहन के बाशिंदे शहर में इस फैसले को लागू किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका तर्क है कि इससे कई तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं। शहर में इसे लागू किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर इसका विरोध भी शुरू हो चुका है। डबल हेलमेट को लेकर अमर उजाला ने लोगों की राय जानी।
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1. शहर के वरिष्ठ नागरिक ओम प्रकाश सरीन ने कहा कि नाहन छोटे से एरिया में सिमटा हुआ है। यहां कभी इस तरह के हादसे नहीं हुए कि डबल हेलमेट लागू किया जाए। उल्टा अब इमरजेंसी में उन्हें कोई लिफ्ट तक नहीं दे रहा।
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2. सेवानिवृत्त अध्यापक बलवंत सिंह बिंद्रा ने कहा कि पुलिस पहले भी अपने स्तर पर नाहन में डबल हेलमेट में छूट दे रही थी। अब भी देनी चाहिए। वह किसी से अब लिफ्ट लेना चाहते हैं तो सब मना कर देते हैं।
3. युवा शिवम मित्तल ने कहा कि पुलिस को शहर में डबल हेलमेट पहनने में छूट देनी चाहिए। अधिकतर हादसे हाइवे पर होते हैं। वहां इसे जारी रखना चाहिए। पुलिस को चाहिए कि वह तेजरफ्तार वाहन चालकों पर अंकुश लगाए, जो हादसों की असली वजह है।
4. युवा शालिनी खड़का ने कहा कि महिलाओं को तो चंडीगढ़ में भी हाईकोर्ट ने छूट दी है। महिलाएं कभी तेजरफ्तार वाहन नहीं चलातीं। ऐसे में उन्हें छूट दी जानी चाहिए।

5. अर्चना शर्मा ने कहा कि यदि पुलिस महिला चालक को छूट नहीं दे सकती तो कम से कम पीछे बैठी महिला को छूट दी जानी चाहिए। वैसे भी महिला सवार के पीछे बैठे होने पर वाहन का चालक पूरी चौकसी से वाहन चलाता है।
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