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क्यारी की नेहा लक्ष्मी शर्मा बनी नर्सिंग लेफ्टिनेंट

Wed, 14 Feb 2018 08:24 PM IST
Updated Wed, 14 Feb 2018 08:24 PM IST
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क्यारी की नेहा लक्ष्मी शर्मा बनी नर्सिंग लेफ्टिनेंट

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क्यारी की नेहा लक्ष्मी शर्मा बनी नर्सिंग लेफ्टिनेंट
26 फरवरी को पश्चिम बंगाल में देंगी ज्वाइनिंग
लक्ष्य के सामने चुनौतियों का किया जटकर सामना
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)।
जीवन में जब कुछ कर गुजरने की इच्छा मन में हो तो बड़ी से बड़ी बाधा भी उसका मनोबल नहीं तोड़ सकती। नेहा लक्ष्मी शर्मा ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए 6 से 7 किलोमीटर का पैदल सफर तय करने वाली नेहा लक्ष्मी शर्मा का चयन बतौर नर्सिंग लेफ्टिनेंट हुआ है। उनके चयन से नाहन तहसील की क्यारी पंचायत में खुशी की लहर दौड़ गई है। नाहन तहसील के तहत आने वाली क्यारी पंचायत की नेहा लक्ष्मी शर्मा का चयन बतौर नर्सिंग लेफ्टिनेंट होने से जिला सिरमौर का नाम रोशन हुआ है।
9 फरवरी को नेहा का नर्सिंग लेफ्टिनेंट में चयन हुआ। उनका चयन पश्चिम बंगाल के बिनागुड़ी मिल्ट्री अस्पताल में हुआ है। नेहा लक्ष्मी शर्मा ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में बताया कि उसने अपनी प्राथमिक शिक्षा खंदा स्कूल से की। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा क्यारी स्कूल से पूरी की। दसवीं की शिक्षा कौलांवालाभूड़ से लेने के बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सराहां से विज्ञान संकाय में जमा एक व दो उत्तीर्ण किया। बडूसाहिब से बीएससी नर्सिंग करने के बाद वह देहरादून मैक्स सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में कार्यरत रही जहां से उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन का टेस्ट पास किया।
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उन्होंने बताया कि 9 फरवरी को ही उन्हें पत्र मिला है कि उसका सिलेक्शन बतौर नर्सिंग लेफ्टिनेंट हुआ है। वह 26 फरवरी को पश्चिम बंगाल के बिनागुड़ी में तैनाती देंगी। उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिक माध्यमिक शिक्षा बड़ी मुश्किल से गुजरी है। स्कूल के समय में करीब छह से सात किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाती थी। पैदल चलना ही उनके लिए चुनौती भरा नहीं था। सबसे बड़ी चुनौती भरा था बरसात के दौरान नदी व नाले पार करना लेकिन लक्ष्य के सामने उन्होंने कभी भी इन चुनौतियों की तरफ नहीं देखा। इस उपलब्धि के लिए नेहा ने अपने माता-पिता व नाना-नानी के साथ अध्यापकों को इसका श्रेय दिया है।
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