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बहनों ने मांगी भाइयों की लंबी उम्र की दुआ
Updated Sat, 21 Oct 2017 07:16 PM IST
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नाहन (सिरमौर)।जिला मुख्यालय नाहन समेत पूरे सिरमौर जिले में भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित भैयादूज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इस मुबारक मौके पर बहनों ने भाई को तिलक कर भगवान से उनकी लंबी उम्र, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, भाइयों ने भी बहन को रक्षा का वचन देते हुए उन्हें शगुन के रूप में उपहार दिए।
विवाहिता महिलाएं इस पावन पर्व पर मायके आईं और भाइयों को तिलक किया। उधर, इस मौके पर बसों में काफी भीड़ रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां इक्का-दुक्का बसें ही चलती हैं वहां महिलाओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
भैयादूज के चलते शहर के बाजारों में खासी चहल-पहल रही। लोगों ने जमकर मिठाइयों की खरीदारी की। सबके घरों पर मेहमानों का आना-जाना लगा रहा। मेहमानों के स्वागत के लिए पकवान बनाए गए। बच्चों ने भी घर में खूब आनंद उठाया। इस खास पर्व पर सुबह से ही तिलक लगवाने के लिए भाई-बहनों का एक दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। इस वजह से बसों में खासी भीड़ रही। ज्यादातर सरकारी कार्यालयों से कर्मचारी भी अवकाश पर रहे।
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जिला के धारटीधार, सैनधार व गिरिपार क्षेत्र में भैयादूज पर्व पुरानी परंपराओं का निर्वाह करते हुए मनाया गया। भैयादूज के अवसर पर धारटीधार व सैनधार क्षेत्र के सभी दामाद अपने सास व ससुर के लिए दिवाली की भेंट लेकर अपने ससुराल पहुंचें, जहां दामादों का सास-ससुर के द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया।
गौरतलब है कि भैयादूज के दिन का ससुराल वालों व उनके दामादों के लिए विशेष महत्व होता है। इस दिन सभी दामाद चावल व अखरोट की भेंट लेकर अपने-अपने ससुराल पहुंचते हैं। शाम को भोजन करने से पूर्व दामाद अपनी परंपरा का निर्वाह करता है। इसके बाद ही खील-बताशे व मूड़ी का आनंद लिया जाता है।
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विवाहिता महिलाएं इस पावन पर्व पर मायके आईं और भाइयों को तिलक किया। उधर, इस मौके पर बसों में काफी भीड़ रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां इक्का-दुक्का बसें ही चलती हैं वहां महिलाओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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भैयादूज के चलते शहर के बाजारों में खासी चहल-पहल रही। लोगों ने जमकर मिठाइयों की खरीदारी की। सबके घरों पर मेहमानों का आना-जाना लगा रहा। मेहमानों के स्वागत के लिए पकवान बनाए गए। बच्चों ने भी घर में खूब आनंद उठाया। इस खास पर्व पर सुबह से ही तिलक लगवाने के लिए भाई-बहनों का एक दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। इस वजह से बसों में खासी भीड़ रही। ज्यादातर सरकारी कार्यालयों से कर्मचारी भी अवकाश पर रहे।
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जिला के धारटीधार, सैनधार व गिरिपार क्षेत्र में भैयादूज पर्व पुरानी परंपराओं का निर्वाह करते हुए मनाया गया। भैयादूज के अवसर पर धारटीधार व सैनधार क्षेत्र के सभी दामाद अपने सास व ससुर के लिए दिवाली की भेंट लेकर अपने ससुराल पहुंचें, जहां दामादों का सास-ससुर के द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया।
गौरतलब है कि भैयादूज के दिन का ससुराल वालों व उनके दामादों के लिए विशेष महत्व होता है। इस दिन सभी दामाद चावल व अखरोट की भेंट लेकर अपने-अपने ससुराल पहुंचते हैं। शाम को भोजन करने से पूर्व दामाद अपनी परंपरा का निर्वाह करता है। इसके बाद ही खील-बताशे व मूड़ी का आनंद लिया जाता है।
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