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सिरमौर में बरसे बंपर वोट
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मुख्य खबर---
सिरमौर में बरसे बंपर वोट
जिला में 74.72 प्रतिशत हुआ मतदान
नाहन सर्वाधिक, रेणुका में सबसे कम वोट
19 मई
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
लोकसभा चुनाव के लिए सिरमौर में बंपर मतदान हुआ है। मतदाताओं ने पिछले दो लोकसभा चुनाव के रिकार्ड तोड़ते हुए करीब दस फीसदी अधिक मतदान किया। मतदान करने को उत्साहित युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, नए मतदाता सुबह छह बजे ही मतदान केंद्रों में पहुंचना शुरू हो गए थे। जिले में कुल 74.72 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। जो वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावसे करीब दस फीसदी अधिक है। वर्ष 2014 में सिरमौर में 65 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि 2009 में 61.35 प्रतिशत मतदान हुआ था।
विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के हलके नाहन में सर्वाधिक 79.60 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 69.09 प्रतिशत मतदान हुआ। भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप की विधानसभा पच्छाद (आरक्षित ) में 76.10 प्रतिशत, रेणुका (आरक्षित ) में 70.09 प्रतिशत, पांवटा में 77.07 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान को लेकर निर्वाचन विभाग की ओर से की गई तैयारियां बेहतर थी। लेकिन, ईवीएम मशीनों में आई खराबी की वजह से देरी से मतदान हुआ। इस वजह से शाम को तय समय के बाद कई बूथों में मतदान होता रहा। शिलाई के कोटी उतरोऊ पोलिंग बूथ में देर तक मतदान हुआ। छह बजे के बाद करीब 30 मतदाताओं को मतदान करवाया गया। जबकि नाहन विधानसभा क्षेत्र में भी कई जगहों पर ऐसी स्थिति देखने को मिली। सुबह से ही मतदान केंद्रों में लोगों की लंबी-लंबी लाइनें देख गई। कई पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए लोगों को पैदल रास्ते भी तय करने पड़े। शहरी क्षेत्र में दिनभर खूब गहमागहमी रही। गौरतलब है कि जनपद सिरमौर में महिलाओं की अपेक्षा पुरूष मतदाताओं की संख्या अधिक है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ललित जैन ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है।
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बॉक्स के लिए---
सुबह उमड़ी भीड़, बाद में चलता रहा मतदान
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर में मतदान को लेकर सुबह और शाम अधिक भीड़ देखने को मिली। सुबह 11 बजे मतदान को भीड़ उमड़ी। 11 बजे तक करीब 31 फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद भी मतदान जारी रहा जो एक बजे 46 प्रतिशत पहुंचा। तीन बजे तक 62 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। जबकि शाम पांच बजे 69.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। छह बजे तक कुल 74.72 फीसदी लोग मतदान कर चुके
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थे।
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जू जितला तेसिक ही दिया
--शिलाई हलके के ददाहू मतदान केंद्र में मतदान करने के बाद एक व्यक्ति बाहर आया। बाहर खड़े उसके मित्र ने कहा तोबे रे आपणा बोट कुणजे नेता के दिया? अर्थात तुमने किसे वोट दिया। दूसरे ने कहा कि यार भाई, जू जितला तेसिक ही दिया। अर्थात जो जीतेगा उसी को दिया। वह सार्वजनिक नहीं करना चाहता कि किसे मत दिया।
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ई नेता कोसरे न हूंदे
----संगड़ाह हलके में मतदान करने के बाद बाहर बाजार में एक चौपाल सजी थी। चार लोग आपस में बात कर रहे थे। एक ने कहा दे पाया बोट ? यानि वोट दे दिया क्या ? जवाब मिला हांजी, भाई बोट तो दे दिया पर हामो का मिलणे वाला, ई नेता कोसरे न हूंदे। चुनाव जीतणे दे बाद सोबे कुछ भूल जांदे। यानि वोट तो दे दिया भाई पर हमे कुछ नहीं मिलने वाला। ये नेता किसी के नहीं होते। चुनाव जीतने के बाद सब कुछ भूल जाते हैं।
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बटण दबाणा था, दबा दिया।
गिरिपार क्षेत्र से मतदान करने के बाद कुछ लोग शाम को नाहन पहुंच गए। पांवटा की दुकान पर चाय की चुस्की लेते हुए एक युवक ने चुनावी चर्चा शुरू कर दी। एक ने दूसरे से पूछा हां, भाई तोबे, कोसरी सरकार बोणरी लागी ? यानि भाई साहब, सरकार किसकी बन रही है? दूसरे ने फटाक से जवाब दिया अरे, जेसरी बी बोणली, हामो का मिलणा, बटण दबाणा था, दबा दिया। यानि अरे, भाई जिसकी भी बनेगी, हमें क्या मिलेगा, बटन दबाना था, दबा दिया।
--------संजय भारद्वाज
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सिरमौर में बरसे बंपर वोट
जिला में 74.72 प्रतिशत हुआ मतदान
नाहन सर्वाधिक, रेणुका में सबसे कम वोट
19 मई
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
लोकसभा चुनाव के लिए सिरमौर में बंपर मतदान हुआ है। मतदाताओं ने पिछले दो लोकसभा चुनाव के रिकार्ड तोड़ते हुए करीब दस फीसदी अधिक मतदान किया। मतदान करने को उत्साहित युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, नए मतदाता सुबह छह बजे ही मतदान केंद्रों में पहुंचना शुरू हो गए थे। जिले में कुल 74.72 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। जो वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावसे करीब दस फीसदी अधिक है। वर्ष 2014 में सिरमौर में 65 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि 2009 में 61.35 प्रतिशत मतदान हुआ था।
विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के हलके नाहन में सर्वाधिक 79.60 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 69.09 प्रतिशत मतदान हुआ। भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप की विधानसभा पच्छाद (आरक्षित ) में 76.10 प्रतिशत, रेणुका (आरक्षित ) में 70.09 प्रतिशत, पांवटा में 77.07 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान को लेकर निर्वाचन विभाग की ओर से की गई तैयारियां बेहतर थी। लेकिन, ईवीएम मशीनों में आई खराबी की वजह से देरी से मतदान हुआ। इस वजह से शाम को तय समय के बाद कई बूथों में मतदान होता रहा। शिलाई के कोटी उतरोऊ पोलिंग बूथ में देर तक मतदान हुआ। छह बजे के बाद करीब 30 मतदाताओं को मतदान करवाया गया। जबकि नाहन विधानसभा क्षेत्र में भी कई जगहों पर ऐसी स्थिति देखने को मिली। सुबह से ही मतदान केंद्रों में लोगों की लंबी-लंबी लाइनें देख गई। कई पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए लोगों को पैदल रास्ते भी तय करने पड़े। शहरी क्षेत्र में दिनभर खूब गहमागहमी रही। गौरतलब है कि जनपद सिरमौर में महिलाओं की अपेक्षा पुरूष मतदाताओं की संख्या अधिक है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ललित जैन ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है।
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सुबह उमड़ी भीड़, बाद में चलता रहा मतदान
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर में मतदान को लेकर सुबह और शाम अधिक भीड़ देखने को मिली। सुबह 11 बजे मतदान को भीड़ उमड़ी। 11 बजे तक करीब 31 फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद भी मतदान जारी रहा जो एक बजे 46 प्रतिशत पहुंचा। तीन बजे तक 62 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। जबकि शाम पांच बजे 69.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। छह बजे तक कुल 74.72 फीसदी लोग मतदान कर चुके
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जू जितला तेसिक ही दिया
--शिलाई हलके के ददाहू मतदान केंद्र में मतदान करने के बाद एक व्यक्ति बाहर आया। बाहर खड़े उसके मित्र ने कहा तोबे रे आपणा बोट कुणजे नेता के दिया? अर्थात तुमने किसे वोट दिया। दूसरे ने कहा कि यार भाई, जू जितला तेसिक ही दिया। अर्थात जो जीतेगा उसी को दिया। वह सार्वजनिक नहीं करना चाहता कि किसे मत दिया।
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ई नेता कोसरे न हूंदे
----संगड़ाह हलके में मतदान करने के बाद बाहर बाजार में एक चौपाल सजी थी। चार लोग आपस में बात कर रहे थे। एक ने कहा दे पाया बोट ? यानि वोट दे दिया क्या ? जवाब मिला हांजी, भाई बोट तो दे दिया पर हामो का मिलणे वाला, ई नेता कोसरे न हूंदे। चुनाव जीतणे दे बाद सोबे कुछ भूल जांदे। यानि वोट तो दे दिया भाई पर हमे कुछ नहीं मिलने वाला। ये नेता किसी के नहीं होते। चुनाव जीतने के बाद सब कुछ भूल जाते हैं।
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बटण दबाणा था, दबा दिया।
गिरिपार क्षेत्र से मतदान करने के बाद कुछ लोग शाम को नाहन पहुंच गए। पांवटा की दुकान पर चाय की चुस्की लेते हुए एक युवक ने चुनावी चर्चा शुरू कर दी। एक ने दूसरे से पूछा हां, भाई तोबे, कोसरी सरकार बोणरी लागी ? यानि भाई साहब, सरकार किसकी बन रही है? दूसरे ने फटाक से जवाब दिया अरे, जेसरी बी बोणली, हामो का मिलणा, बटण दबाणा था, दबा दिया। यानि अरे, भाई जिसकी भी बनेगी, हमें क्या मिलेगा, बटन दबाना था, दबा दिया।
--------संजय भारद्वाज