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बेटियों को सक्षम बनाने से होगा महिला सशक्तिकरण
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:29 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। कल्याण भवन में सोमवार को अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल मुहिम के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों की महिलाओं को महिला सशक्तीकरण के संदर्भ में जानकारी दी गई। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि महिलाएं अपनी आवाज स्वयं बनें। बेटियों को सक्षम बनाने से ही महिला सशक्तीकरण का अभियान बुलंद हो सकेगा। उन्होंने आंगनबाड़ी महिलाओं से अपील की कि घर-घर जाकर लोगों को इस संदर्भ में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में कोई अंतर न समझें। आंगनबाड़ी महिलाओं का ग्रास रूट पर हर वर्ग से संपर्क है। लिहाजा, आम जनता को जागरूक करने में इन महिलाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि बेटियों को पढ़ाने के साथ ही बेटों की भांति ही स्किल एजुकेशन, व्यवसायिक ट्रेनिंग आदि देना भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग से बीएमओ डॉ. मोनीषा अग्रवाल ने महिलाओं को स्वास्थ्य के अलावा कन्या भ्रूण हत्या के संदर्भ में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 70 दिन के भीतर गर्भवती महिला का पंजीकरण होने से कन्या भ्रूण हत्या की संभावना लगभग शून्य रह जाती है। लिहाजा, आंगनबाड़ी महिलाएं ही इसे सुनिश्चित कर सकती हैं। उन्होंने एड्स के संदर्भ में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एड्स फैलने के कारणों और इससे बचाव के उपाय बताए। उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य के संदर्भ में भी जानकारी दी। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर धीरज शर्मा ने कहा कि महिलाओं को क्षमता के अनुसार व्यवसाय चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। जिस विषय में बेटी की रुचि है, उसे उसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दिया जाए। महिलाओं को सक्षम बनाना ही महिला सशक्तीकरण का मुख्य आधार है। इस अवसर पर डीपीओ मदन चौहान, सीडीपीओ सुनील दत्त शर्मा, सुपरवाइजर धीरज शर्मा, स्वास्थ्य विभाग की सुपरवाइजर कृष्णा राठौर आदि उपस्थित रहे।
70 दिन में गर्भवती का पंजीकरण जरूरी : मदन
महिला एवं बाल कल्याण विभाग के जिला परियोजना अधिकारी मदन चौहान ने बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी महिलाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जा रहा है। वहीं, बेटियों की आर्थिक मदद करने के लिए सरकार ने अहम योजनाएं चलाई हैं।
विभाग चला रहा विभिन्न कार्यक्रम : सुनील
सीडीपीओ सुनील दत्त शर्मा ने बताया कि विभाग ने बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कई कार्यक्रम चलाए हैं। समय-समय पर उन्हें इस तरह के कार्यक्रमों की जानकारी दी जाती रही है। महिलाओं को जागरूक करने में आंगनबाड़ी केंद्रों की अहम भूमिका है। इसमें महिलाएं बढ़चढ़कर भाग ले रही हैं।
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क्या बोलीं महिलाएं----
धरातल तक ले जाएंगे जानकारी
परमिता ठाकुर ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम बेहद प्रशंसनीय है। महिला सशक्तीकरण को लेकर चलाई जा रही इस मुहिम को वह धरातल तक ले जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान मिली हर तरह की जानकारी को वह समाज में फैलाने का कार्य करेंगी।
महिला सशक्तिकरण विषय काफी रोचक
मीरा जोशी का कहना है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण का विषय काफी रोचक रहा। महिलाओं को अपना आत्मबल, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बनाए रखना है।
आम महिलाओं तक जानकारी पहुंचाना जरूरी
हरप्रीत कौर ने बताया कि आंगनबाड़ी छोटे से लेकर बड़ों तक जानकारी देने का सशक्त माध्यम है। महिला सशक्तीकरण से जुड़ीं जानकारियों को आम महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा। महिलाओं को दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी फायदेमंद रही।
होते रहें इस तरह के कार्यक्रम
अंजना ने कहा कि महिला सशक्तीकरण संबंधी कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए। महिलाओं के उत्थान, उनके स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी का लेन-देन महिलाओं को सशक्त बनाता है। इस जानकारी का और अधिक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
महिलाओं को सोच बदलने की जरूरत
अनुराधा ने बताया कि आज के समय में महिलाओं का जागरूक होना आवश्यक हो गया है। हालांकि, महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं फिर भी महिलाओं को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। महिलाएं सोच बदलेंगी तो खुद-ब-खुद सशक्तीकरण होगा।
बारीकी से मिली जानकारी रही रोचक
सुमित्रा ने बताया कि मुहिम काफी रोचक है। कार्यक्रम के दौरान उन्हें बेहद बारीकी से जानकारी प्रदान करवाई गई है। चाहे वह सशक्तीकरण की बात हो या फिर महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी। महिलाएं सोच बदलेंगी तो समाज भी बदलेगा।
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नाहन (सिरमौर)। कल्याण भवन में सोमवार को अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल मुहिम के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों की महिलाओं को महिला सशक्तीकरण के संदर्भ में जानकारी दी गई। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि महिलाएं अपनी आवाज स्वयं बनें। बेटियों को सक्षम बनाने से ही महिला सशक्तीकरण का अभियान बुलंद हो सकेगा। उन्होंने आंगनबाड़ी महिलाओं से अपील की कि घर-घर जाकर लोगों को इस संदर्भ में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में कोई अंतर न समझें। आंगनबाड़ी महिलाओं का ग्रास रूट पर हर वर्ग से संपर्क है। लिहाजा, आम जनता को जागरूक करने में इन महिलाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि बेटियों को पढ़ाने के साथ ही बेटों की भांति ही स्किल एजुकेशन, व्यवसायिक ट्रेनिंग आदि देना भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग से बीएमओ डॉ. मोनीषा अग्रवाल ने महिलाओं को स्वास्थ्य के अलावा कन्या भ्रूण हत्या के संदर्भ में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 70 दिन के भीतर गर्भवती महिला का पंजीकरण होने से कन्या भ्रूण हत्या की संभावना लगभग शून्य रह जाती है। लिहाजा, आंगनबाड़ी महिलाएं ही इसे सुनिश्चित कर सकती हैं। उन्होंने एड्स के संदर्भ में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एड्स फैलने के कारणों और इससे बचाव के उपाय बताए। उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य के संदर्भ में भी जानकारी दी। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर धीरज शर्मा ने कहा कि महिलाओं को क्षमता के अनुसार व्यवसाय चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। जिस विषय में बेटी की रुचि है, उसे उसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दिया जाए। महिलाओं को सक्षम बनाना ही महिला सशक्तीकरण का मुख्य आधार है। इस अवसर पर डीपीओ मदन चौहान, सीडीपीओ सुनील दत्त शर्मा, सुपरवाइजर धीरज शर्मा, स्वास्थ्य विभाग की सुपरवाइजर कृष्णा राठौर आदि उपस्थित रहे।
70 दिन में गर्भवती का पंजीकरण जरूरी : मदन
महिला एवं बाल कल्याण विभाग के जिला परियोजना अधिकारी मदन चौहान ने बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी महिलाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जा रहा है। वहीं, बेटियों की आर्थिक मदद करने के लिए सरकार ने अहम योजनाएं चलाई हैं।
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विभाग चला रहा विभिन्न कार्यक्रम : सुनील
सीडीपीओ सुनील दत्त शर्मा ने बताया कि विभाग ने बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कई कार्यक्रम चलाए हैं। समय-समय पर उन्हें इस तरह के कार्यक्रमों की जानकारी दी जाती रही है। महिलाओं को जागरूक करने में आंगनबाड़ी केंद्रों की अहम भूमिका है। इसमें महिलाएं बढ़चढ़कर भाग ले रही हैं।
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क्या बोलीं महिलाएं----
धरातल तक ले जाएंगे जानकारी
परमिता ठाकुर ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम बेहद प्रशंसनीय है। महिला सशक्तीकरण को लेकर चलाई जा रही इस मुहिम को वह धरातल तक ले जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान मिली हर तरह की जानकारी को वह समाज में फैलाने का कार्य करेंगी।
महिला सशक्तिकरण विषय काफी रोचक
मीरा जोशी का कहना है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण का विषय काफी रोचक रहा। महिलाओं को अपना आत्मबल, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बनाए रखना है।
आम महिलाओं तक जानकारी पहुंचाना जरूरी
हरप्रीत कौर ने बताया कि आंगनबाड़ी छोटे से लेकर बड़ों तक जानकारी देने का सशक्त माध्यम है। महिला सशक्तीकरण से जुड़ीं जानकारियों को आम महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा। महिलाओं को दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी फायदेमंद रही।
होते रहें इस तरह के कार्यक्रम
अंजना ने कहा कि महिला सशक्तीकरण संबंधी कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए। महिलाओं के उत्थान, उनके स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी का लेन-देन महिलाओं को सशक्त बनाता है। इस जानकारी का और अधिक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
महिलाओं को सोच बदलने की जरूरत
अनुराधा ने बताया कि आज के समय में महिलाओं का जागरूक होना आवश्यक हो गया है। हालांकि, महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं फिर भी महिलाओं को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। महिलाएं सोच बदलेंगी तो खुद-ब-खुद सशक्तीकरण होगा।
बारीकी से मिली जानकारी रही रोचक
सुमित्रा ने बताया कि मुहिम काफी रोचक है। कार्यक्रम के दौरान उन्हें बेहद बारीकी से जानकारी प्रदान करवाई गई है। चाहे वह सशक्तीकरण की बात हो या फिर महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी। महिलाएं सोच बदलेंगी तो समाज भी बदलेगा।