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गिरि और जलाल नदी में घंटों तक मत्स्य विभाग की दबिश
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:28 PM IST
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गिरि और जलाल नदी में मत्स्य विभाग की दबिश
अवैध शिकार की खबर छपने के बाद टूटी विभाग की नींद
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। स्थानीय गिरि नदी में मछलियों के अवैध शिकार को लेकर मत्स्य पालन विभाग गहरी नींद से जाग उठा है। विभाग के कर्मचारियों ने शुक्रवार को ददाहू की गिरि नदी में दबिश दी, लेकिन इस बीच एक भी शिकारी हत्थे नहीं चढ़ पाया। विभाग के कर्मियों ने कई घंटों तक गिरि नदी में डेरा डाले रखा। इस दौरान कोई भी शिकारी नदी में नहीं पहुंचा। गिरि और जलाल नदी में महाशीर मछली के बढ़ते अवैध शिकार को लेकर अमर उजाला ने 31 अगस्त के अंक में मछलियों का अवैध शिकार शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए मत्स्य विभाग हरकत में आ गया। विभाग ने शुक्रवार को ही नाहन मुख्यालय के मत्स्य गार्ड सतिंद्र सिंह और दर्शनलाल ने गिरि नदी की ओर रुख करते हुए जलाशयों के समीप दबिश दी। इस दौरान कोई भी शिकारी कर्मियों के हाथ नहीं लगा। लिहाजा, विभाग की ओर से किसी भी मत्स्य शिकारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी। उधर, जिला मत्स्य अधिकारी जय सिंह ने बताया कि गार्ड की एक टीम को मौके पर भेजा गया था, लेकिन निरीक्षण के दौरान कोई भी शिकारी नदी में अवैध शिकार करते हुए नहीं पाया गया। विभाग हर सप्ताह इस तरह का निरीक्षण करता रहेगा। सितंबर में कोई भी व्यक्ति मछलियों का शिकार करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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अवैध शिकार की खबर छपने के बाद टूटी विभाग की नींद
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। स्थानीय गिरि नदी में मछलियों के अवैध शिकार को लेकर मत्स्य पालन विभाग गहरी नींद से जाग उठा है। विभाग के कर्मचारियों ने शुक्रवार को ददाहू की गिरि नदी में दबिश दी, लेकिन इस बीच एक भी शिकारी हत्थे नहीं चढ़ पाया। विभाग के कर्मियों ने कई घंटों तक गिरि नदी में डेरा डाले रखा। इस दौरान कोई भी शिकारी नदी में नहीं पहुंचा। गिरि और जलाल नदी में महाशीर मछली के बढ़ते अवैध शिकार को लेकर अमर उजाला ने 31 अगस्त के अंक में मछलियों का अवैध शिकार शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए मत्स्य विभाग हरकत में आ गया। विभाग ने शुक्रवार को ही नाहन मुख्यालय के मत्स्य गार्ड सतिंद्र सिंह और दर्शनलाल ने गिरि नदी की ओर रुख करते हुए जलाशयों के समीप दबिश दी। इस दौरान कोई भी शिकारी कर्मियों के हाथ नहीं लगा। लिहाजा, विभाग की ओर से किसी भी मत्स्य शिकारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी। उधर, जिला मत्स्य अधिकारी जय सिंह ने बताया कि गार्ड की एक टीम को मौके पर भेजा गया था, लेकिन निरीक्षण के दौरान कोई भी शिकारी नदी में अवैध शिकार करते हुए नहीं पाया गया। विभाग हर सप्ताह इस तरह का निरीक्षण करता रहेगा। सितंबर में कोई भी व्यक्ति मछलियों का शिकार करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।