{"_id":"5b648f714f1c1b54208b6c66","slug":"181533316977-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिरमौर में कर्मचारियों की सहमति से हो रहे तबादले: महासंघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरमौर में कर्मचारियों की सहमति से हो रहे तबादले: महासंघ
Updated Fri, 03 Aug 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार कर्मचारी हितैषी : महासंघ
नाहन (सिरमौर)। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार ने छह माह के कार्यकाल में प्रदेश के कर्मचारियों को नौ सौ करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए हैं। सिरमौर जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष अजय जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामभगत, महासचिव गितेश, खंड इकाई प्रधान राजीव वालिया, आत्माराम, प्रेमपाल, देविंद्र चौधरी, राजेंद्र, दिनेश, किशन रावत, संजीव, अतुल शर्मा, जगतराम, रजनी और रंजना ने यहां जारी संयुक्त बयान में प्रदेश सरकार को कर्मचारी हितैषी करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं की ओर से कर्मचारियों को परेशान करने का बयान सरासर गलत है। यह सिर्फ सरकार के खिलाफ भ्रामक प्रचार के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में जो तबादले किए जा रहे हैं, वे कर्मचारियों की सहमति से ही हो रहे हैं। स्थानांतरण एक रूटीन प्रक्रिया है, जिस पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार और दूरदराज में वर्षों से फंसे कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनकी स्वेच्छा से स्थानांतरित किया जाना गलत नहीं है। प्रदेश और सिरमौर में नए कर्मचारियों की नियुक्ति से कर्मचारियों पर पड़ रहा कार्य का बोझ कम हुआ है। इसका श्रेय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को जाता है।
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार ने छह माह के कार्यकाल में प्रदेश के कर्मचारियों को नौ सौ करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए हैं। सिरमौर जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष अजय जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामभगत, महासचिव गितेश, खंड इकाई प्रधान राजीव वालिया, आत्माराम, प्रेमपाल, देविंद्र चौधरी, राजेंद्र, दिनेश, किशन रावत, संजीव, अतुल शर्मा, जगतराम, रजनी और रंजना ने यहां जारी संयुक्त बयान में प्रदेश सरकार को कर्मचारी हितैषी करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं की ओर से कर्मचारियों को परेशान करने का बयान सरासर गलत है। यह सिर्फ सरकार के खिलाफ भ्रामक प्रचार के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में जो तबादले किए जा रहे हैं, वे कर्मचारियों की सहमति से ही हो रहे हैं। स्थानांतरण एक रूटीन प्रक्रिया है, जिस पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार और दूरदराज में वर्षों से फंसे कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनकी स्वेच्छा से स्थानांतरित किया जाना गलत नहीं है। प्रदेश और सिरमौर में नए कर्मचारियों की नियुक्ति से कर्मचारियों पर पड़ रहा कार्य का बोझ कम हुआ है। इसका श्रेय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को जाता है।