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रोहड़ू जाणा मेरी आमिए... गीत पर मचा धमाल
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राजगढ़ (सिरमौर)। उपमंडल राजगढ़ के शिरगुल देवता बैसाखी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली लोक गायक कुलदीप शर्मा ने दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। रोहडू जाणा मेरी आमिए... समेत कई पहाड़ी गानों पर दर्शकों को देर रात तक नचाया। अंतिम सांस्कृतिक संध्या में वॉयस ऑफ हिमालय कार्तिक शर्मा और स्थानीय कलाकार रीना ठाकुर ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अंतिम सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि वर्मा ज्वेलर्स सोलन के अध्यक्ष नरेश वर्मा रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मेला समिति के अध्यक्ष एसडीएम नरेश कुमार वर्मा ने उन्हें शाल, टोपी और स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया। अंतिम संध्या के स्टार कलाकार कुलदीप शर्मा ने गुरु वंदना व शिरगुल देवता का भजन गाकर कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने एक से बढ़कर एक पहाड़ी नाटियों पर दर्शकों को थिरकने पर विवश कर दिया। उन्होंने मुंगड़ी जोगे न रोये कान.., देखना माई छोरा..., ऐसी मुजरे जोगी जवाना.. रोहड़ू जाणा मेरी आमिये..., रूमतीये और इना बड़ियां जो तुड़का लाणा ठेकेदारनीए.. नाटियां प्रस्तुत कीं। इससे पहले कार्तिक शर्मा ने खामोशियां.., मैं तेनू समझावा के.., इक प्यार का नगमा.., यारा तेरी यारी को.., अच्छा चलता हूं दुआओं में याद रखना.. आदि गीतों के साथ नाटियां भी पेश कीं। स्थानीय कलाकार रीना ठाकुर ने बेलुये बुरा आया जमाना.., इक अधिया मंगाई जा रे.. गीतों पर खूब समा बांधा। चूड़ेश्वर कला मंच ने प्राचीन सिंहटू लोकनृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा नवीन शर्मा, सोमदत्त ठाकुर, मनीष ठाकुर, विकास शर्मा, दीपक चौहान, तनूजा चौहान, अनिल मान, कल्पना तोमर, मनमोहन शर्मा, पंकज ठाकुर ने भी कार्यक्रम पेश किया। शशि चौहान ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर एसडीएम नरेश कुमार वर्मा, डीएसपी दुष्यंत सरपाल, तहसीलदार विवेक नेगी, नायब तहसीलदार सतिंद्र जीत, आईएमसी चेयरमैन नरेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे।
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मेला समिति के अध्यक्ष एसडीएम नरेश कुमार वर्मा ने उन्हें शाल, टोपी और स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया। अंतिम संध्या के स्टार कलाकार कुलदीप शर्मा ने गुरु वंदना व शिरगुल देवता का भजन गाकर कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने एक से बढ़कर एक पहाड़ी नाटियों पर दर्शकों को थिरकने पर विवश कर दिया। उन्होंने मुंगड़ी जोगे न रोये कान.., देखना माई छोरा..., ऐसी मुजरे जोगी जवाना.. रोहड़ू जाणा मेरी आमिये..., रूमतीये और इना बड़ियां जो तुड़का लाणा ठेकेदारनीए.. नाटियां प्रस्तुत कीं। इससे पहले कार्तिक शर्मा ने खामोशियां.., मैं तेनू समझावा के.., इक प्यार का नगमा.., यारा तेरी यारी को.., अच्छा चलता हूं दुआओं में याद रखना.. आदि गीतों के साथ नाटियां भी पेश कीं। स्थानीय कलाकार रीना ठाकुर ने बेलुये बुरा आया जमाना.., इक अधिया मंगाई जा रे.. गीतों पर खूब समा बांधा। चूड़ेश्वर कला मंच ने प्राचीन सिंहटू लोकनृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा नवीन शर्मा, सोमदत्त ठाकुर, मनीष ठाकुर, विकास शर्मा, दीपक चौहान, तनूजा चौहान, अनिल मान, कल्पना तोमर, मनमोहन शर्मा, पंकज ठाकुर ने भी कार्यक्रम पेश किया। शशि चौहान ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर एसडीएम नरेश कुमार वर्मा, डीएसपी दुष्यंत सरपाल, तहसीलदार विवेक नेगी, नायब तहसीलदार सतिंद्र जीत, आईएमसी चेयरमैन नरेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे।
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