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कालाअंब-पांवटा राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर बनी गहरी खाई
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:29 PM IST
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कालाअंब (सिरमौर)। कालाअंब के प्रदेश द्वार से दो सौ मीटर दूर कालाअंब-पांवटा राष्ट्रीय उच्च मार्ग-07 पर भू-कटाव से गहरी खाई बन गई है। जो दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही है। यह खाई इस कदर खतरनाक है कि कभी भी यहां कोई दुर्घटना घट सकती है। गौरतलब हो कि इस मार्ग पर कई ऐसे स्थान हैं जहां पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
इसके चलते बरसात के दिनों में एक दो घंटे की जोरदार बारिश लाखों रुपये का नुकसान कर देती है। जिस स्थान पर अब खाई बनी है, उस जगह विभाग ने एक साल पहले ही पक्की रिटेनिंग वॉल बनाई थी। लेकिन पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया। इसके कारण सड़क और रिटेनिंग वॉल के बीच महज मिट्टी का भराव कर छोड़ दिया गया। जो इस बरसात में भू-कटाव के कारण खाई के रूप में सामने आई है। यही नहीं मैनथापल व ओगली क्षेत्र में भी पानी की निकासी के लिए दोनों ओर ड्रेन नहीं बनाई गई है। इससे पूरे इलाके में पानी बहता रहता है। जो कि मारकंडा नदी में गिरता है। बरसात के दिनों में यहां भी सड़क किनारे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
उधर, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के सहायक अभियंता निर्मल सिंह ने बताया कि जहां भू-कटाव से सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। वहां खाई को भर दिया जाएगा। पानी की निकासी के भी इंतजाम किए जाएंगे।
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इसके चलते बरसात के दिनों में एक दो घंटे की जोरदार बारिश लाखों रुपये का नुकसान कर देती है। जिस स्थान पर अब खाई बनी है, उस जगह विभाग ने एक साल पहले ही पक्की रिटेनिंग वॉल बनाई थी। लेकिन पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया। इसके कारण सड़क और रिटेनिंग वॉल के बीच महज मिट्टी का भराव कर छोड़ दिया गया। जो इस बरसात में भू-कटाव के कारण खाई के रूप में सामने आई है। यही नहीं मैनथापल व ओगली क्षेत्र में भी पानी की निकासी के लिए दोनों ओर ड्रेन नहीं बनाई गई है। इससे पूरे इलाके में पानी बहता रहता है। जो कि मारकंडा नदी में गिरता है। बरसात के दिनों में यहां भी सड़क किनारे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
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उधर, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के सहायक अभियंता निर्मल सिंह ने बताया कि जहां भू-कटाव से सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। वहां खाई को भर दिया जाएगा। पानी की निकासी के भी इंतजाम किए जाएंगे।
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