{"_id":"62cb17f7154c2d3a626e3e64","slug":"17-crore-rupees-will-spent-on-bridge-in-markanda-river-nahan-nahan-news-sml414822812","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बरसात में शहर से नहीं कटेंगे आधा दर्जन गांव, मारकंडा नदी पर बनेगा पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बरसात में शहर से नहीं कटेंगे आधा दर्जन गांव, मारकंडा नदी पर बनेगा पुल
विज्ञापन
शंभूवाला-कून-नेहरला सड़क में मारकंडा नदी पर बन रहे पुल का नक्शा। संवाद
- फोटो : NAHAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाहन (सिरमौर)। नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शंभूवाला-कून-नेहरला सड़क में मारकंडा नदी पर जल्द पुल तैयार होगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल का निर्माण कार्य तीव्र गति से करवाया जा रहा है। इसका कार्य बरसात से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इस पुल की लंबाई 80 मीटर, जबकि चौड़ाई साढ़े सात मीटर होगी। इसका निर्माण 17 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। फिलहाल, पुल के पिल्लर का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
इसके बनने से बनकला पंचायत के आधा दर्जन गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें मुख्य रूप से गुरुद्वारा, भूड़, कून, नेहरला, मक्कड़वाली, भेड़ीवाला आदि शामिल हैं। इसके अलावा धौण और कनेवण गांव को जाने के लिए भी यह सुगम रास्ता रहेगा जहां पर पुल का निर्माण किया जा रहा है, वहां से कालाअंब-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे करीब 300 मीटर दूरी पर है। ऐसे में पुल बनने के बाद लोगों को निर्बाध आवागमन की सुविधा रहेगी।
गौरतलब है कि पुल न होने से बरसात के दिनों में लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात में उक्त गांवों को संपर्क जिले के अन्य क्षेत्रों से कट जाता है। लोगों को जोखिम उठाकर मारकंडा नदी पार कर नाहन और अन्य स्थानों पर पहुंचना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल के बच्चों को होती है। लोग ट्रैक्टर और अन्य माध्यमों से नदी पार करवाकर उन्हें स्कूल पहुंचाते हैं। गांवों का संपर्क कट जाने से किसान अपने उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंचा पाते और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग नाहन उपमंडल के सहायक अभियंता दलबीर राणा ने बताया कि शंभूवाला-कून-नेहरला सड़क में मारकंडा नदी पुल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुल के पिल्लर और धरातल का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। 17 करोड़ रुपये की लागत से नदी पर 80 मीटर लंबा और साढ़े सात मीटर चौड़ा पुल बनाया जाएगा। आगामी बरसात से पहले पुल का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
बनकला पंचायत की प्रधान रजनी देवी ने बताया कि इस पुल के बनने से पंचायत के करीब छह गांवों के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में इन गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से कट जाता था। अब लोगों और खासकर स्कूल के बच्चों को बरसात में समस्या नहीं आएगी। इसके अलावा गांवों के किसानों के उत्पाद भी समय पर बाजार पहुंच पाएंगे। इसके लिए वे सरकार और विभाग का आभार प्रकट करतीं हैं।
---
विज्ञापन
इसके बनने से बनकला पंचायत के आधा दर्जन गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें मुख्य रूप से गुरुद्वारा, भूड़, कून, नेहरला, मक्कड़वाली, भेड़ीवाला आदि शामिल हैं। इसके अलावा धौण और कनेवण गांव को जाने के लिए भी यह सुगम रास्ता रहेगा जहां पर पुल का निर्माण किया जा रहा है, वहां से कालाअंब-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे करीब 300 मीटर दूरी पर है। ऐसे में पुल बनने के बाद लोगों को निर्बाध आवागमन की सुविधा रहेगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पुल न होने से बरसात के दिनों में लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात में उक्त गांवों को संपर्क जिले के अन्य क्षेत्रों से कट जाता है। लोगों को जोखिम उठाकर मारकंडा नदी पार कर नाहन और अन्य स्थानों पर पहुंचना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल के बच्चों को होती है। लोग ट्रैक्टर और अन्य माध्यमों से नदी पार करवाकर उन्हें स्कूल पहुंचाते हैं। गांवों का संपर्क कट जाने से किसान अपने उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंचा पाते और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग नाहन उपमंडल के सहायक अभियंता दलबीर राणा ने बताया कि शंभूवाला-कून-नेहरला सड़क में मारकंडा नदी पुल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुल के पिल्लर और धरातल का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। 17 करोड़ रुपये की लागत से नदी पर 80 मीटर लंबा और साढ़े सात मीटर चौड़ा पुल बनाया जाएगा। आगामी बरसात से पहले पुल का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
बनकला पंचायत की प्रधान रजनी देवी ने बताया कि इस पुल के बनने से पंचायत के करीब छह गांवों के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में इन गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से कट जाता था। अब लोगों और खासकर स्कूल के बच्चों को बरसात में समस्या नहीं आएगी। इसके अलावा गांवों के किसानों के उत्पाद भी समय पर बाजार पहुंच पाएंगे। इसके लिए वे सरकार और विभाग का आभार प्रकट करतीं हैं।
---

मारकंडा नदी पर बने पुल के पिल्लर के निर्माण कार्य में लगे कामगार। संवाद- फोटो : NAHAN

मारकंडा नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य में जुटे कामगार। संवाद- फोटो : NAHAN