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वन विभाग के पास फंसे मजदूरों के पैसे, आक्रोश
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
वन मंडल रेणुका के शिलाई रेंज में मजदूरी न मिलने से खफा मजदूरों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी है। मजदूरों का कहना है कि एक साल बाद भी उनकी मजदूरी के एक लाख 80 हजार तथा सामग्री के ढुलान के एक लाख 18 हजार रुपये नहीं दिए गए हैं। जबकि सरकारी खजाने से इस राशि को किसी अन्य के नाम से निकाला जा चुका है। काम करने वाले आज भी ठोकरें खा रहे हैं।
मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर उनकी राशि का भुगतान नहीं हुआ तो 20 अप्रैल को वन मंत्री के शिलाई प्रवास के दौरान वह डीएफओ व अन्य अधिकारियों का घेराव कर उनके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
शिरीक्यारी निवासी रघुवीर सिंह, कमनाराम, नरियाराम, अनिल कुमार, चतरसिंह, आत्माराम, भीमसिंह, नरेश कुमार, शुपाराम, सुनील कुमार, टिकमसिंह ने कहा कि वन विभाग ने नैनीधार के नजदीक शिबीयाड़ी में वन विश्राम गृह का निर्माण करवाया है जिसमें उन सभी ने काम किया है। उसकी मजदूरी उन्हें आज तक नहीं दी गई। जब वह विभाग के अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं। जबकि उनका एक लाख 80 हजार रुपये मजदूरी का लंबित है। रघुवीर ने आरोप लगाया कि उन्हें पता चला है कि यह पैसा एक साल पहले सरकारी खजाने से निकाला जा चुका है।
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रेत, बजरी, पत्थर, सरिया ढुलान करने वाले ढाढस निवासी बंसीराम ठाकुर ने कहा कि विभाग ने ढुलाई कार्य के एक लाख 18 हजार रुपये आज तक नहीं दिए। जबकि यह राशि किसी अन्य ट्रांसपोर्टर के बिल लगवा कर सरकारी खजाने से निकाली जा चुकी है।
उधर, डीएफओ रेणुका सुशील राणा ने कहा कि उन्होंने राशि का भुगतान कर दिया है। राशि किसे जारी की यह बताने से उन्होंने इंकार किया।
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शिलाई (सिरमौर)।
वन मंडल रेणुका के शिलाई रेंज में मजदूरी न मिलने से खफा मजदूरों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी है। मजदूरों का कहना है कि एक साल बाद भी उनकी मजदूरी के एक लाख 80 हजार तथा सामग्री के ढुलान के एक लाख 18 हजार रुपये नहीं दिए गए हैं। जबकि सरकारी खजाने से इस राशि को किसी अन्य के नाम से निकाला जा चुका है। काम करने वाले आज भी ठोकरें खा रहे हैं।
मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर उनकी राशि का भुगतान नहीं हुआ तो 20 अप्रैल को वन मंत्री के शिलाई प्रवास के दौरान वह डीएफओ व अन्य अधिकारियों का घेराव कर उनके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
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शिरीक्यारी निवासी रघुवीर सिंह, कमनाराम, नरियाराम, अनिल कुमार, चतरसिंह, आत्माराम, भीमसिंह, नरेश कुमार, शुपाराम, सुनील कुमार, टिकमसिंह ने कहा कि वन विभाग ने नैनीधार के नजदीक शिबीयाड़ी में वन विश्राम गृह का निर्माण करवाया है जिसमें उन सभी ने काम किया है। उसकी मजदूरी उन्हें आज तक नहीं दी गई। जब वह विभाग के अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं। जबकि उनका एक लाख 80 हजार रुपये मजदूरी का लंबित है। रघुवीर ने आरोप लगाया कि उन्हें पता चला है कि यह पैसा एक साल पहले सरकारी खजाने से निकाला जा चुका है।
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रेत, बजरी, पत्थर, सरिया ढुलान करने वाले ढाढस निवासी बंसीराम ठाकुर ने कहा कि विभाग ने ढुलाई कार्य के एक लाख 18 हजार रुपये आज तक नहीं दिए। जबकि यह राशि किसी अन्य ट्रांसपोर्टर के बिल लगवा कर सरकारी खजाने से निकाली जा चुकी है।
उधर, डीएफओ रेणुका सुशील राणा ने कहा कि उन्होंने राशि का भुगतान कर दिया है। राशि किसे जारी की यह बताने से उन्होंने इंकार किया।