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सेहत से खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप डाक्टर
Updated Tue, 20 Feb 2018 10:34 PM IST
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योगेंद्र कपिला
संगड़ाह (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में मुन्नाभाई टाइप के चिकित्सक लोगों के स्वास्थ्य से सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठा है। हालात यह है कि बिना डिग्री-डिप्लोमा वाले यह लोग मरीजों के ऑपरेशन करने तक से पीछे नहीं हट रहे। हाल ही में संगड़ाह क्षेत्र के एक ऐसे ही तथाकथित चिकित्सक ने मासूम बच्ची का अंगूठा हाथ से अलग कर दिया लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक मामले की जांच तक मुनासिब नहीं समझी।
बताया जा रहा है कि इलाके में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। लुधियाना पंचायत के धमास गांव के चेत सिंह को अपनी टांग कटवानी पड़ी है। धमास गांव के चेत सिंह के बेटे दीपराम ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व चेत सिंह के पांव में चोट लग गई थी जिसका इलाज करवाने के लिए वह भी ऐसे ही एक चिकित्सक के पास गए।
10 दिनों तक चले इलाज के दौरान चिकित्सक ने उसके पांव का भी ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद उनकी हालत में सुधार होने की बजाय हालत और बिगड़ती गई। चेतसिंह ने 5 हजार रुपये फीस भी अदा की। हालात में सुधार नहीं होने पर उसे सोलन के एक निजी अस्पताल ले गए जहां पर संक्रमण की वजह से उनकी टांग ही काटनी पड़ी।
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सिरमौर जिले के अन्य इलाकों में भी इस तरह के झोला छाप चिकित्सक अपनी दुकानदारी चला रहे हैं लेकिन विभाग किसी तरह की कार्रवाई नहंीं कर रहा। हालांकि, कभी-कभी छापेमारी भी की जाती है लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आए।
क्षेत्र के भोले-भाले लोग आए दिन इन मुन्ना भाई चिकित्सकों के जाल में फंसकर अपनी जेब तो ढीली कराते ही हैं। कई बार अपनी जान भी जोखिम में डाल देते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य दवा बिक्रेता भी है जो बिना लाइसेंस के दवाई बेच रहे हैं।
उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि संगड़ाह का मामला संज्ञान में आया है। ड्रग इंस्पेक्टर को टीम सहित छानबीन के लिए कहा गया है। यह टीम मौके पर जाकर मामले की छानबीन करेगी।
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संगड़ाह (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में मुन्नाभाई टाइप के चिकित्सक लोगों के स्वास्थ्य से सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठा है। हालात यह है कि बिना डिग्री-डिप्लोमा वाले यह लोग मरीजों के ऑपरेशन करने तक से पीछे नहीं हट रहे। हाल ही में संगड़ाह क्षेत्र के एक ऐसे ही तथाकथित चिकित्सक ने मासूम बच्ची का अंगूठा हाथ से अलग कर दिया लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक मामले की जांच तक मुनासिब नहीं समझी।
बताया जा रहा है कि इलाके में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। लुधियाना पंचायत के धमास गांव के चेत सिंह को अपनी टांग कटवानी पड़ी है। धमास गांव के चेत सिंह के बेटे दीपराम ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व चेत सिंह के पांव में चोट लग गई थी जिसका इलाज करवाने के लिए वह भी ऐसे ही एक चिकित्सक के पास गए।
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10 दिनों तक चले इलाज के दौरान चिकित्सक ने उसके पांव का भी ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद उनकी हालत में सुधार होने की बजाय हालत और बिगड़ती गई। चेतसिंह ने 5 हजार रुपये फीस भी अदा की। हालात में सुधार नहीं होने पर उसे सोलन के एक निजी अस्पताल ले गए जहां पर संक्रमण की वजह से उनकी टांग ही काटनी पड़ी।
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सिरमौर जिले के अन्य इलाकों में भी इस तरह के झोला छाप चिकित्सक अपनी दुकानदारी चला रहे हैं लेकिन विभाग किसी तरह की कार्रवाई नहंीं कर रहा। हालांकि, कभी-कभी छापेमारी भी की जाती है लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आए।
क्षेत्र के भोले-भाले लोग आए दिन इन मुन्ना भाई चिकित्सकों के जाल में फंसकर अपनी जेब तो ढीली कराते ही हैं। कई बार अपनी जान भी जोखिम में डाल देते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य दवा बिक्रेता भी है जो बिना लाइसेंस के दवाई बेच रहे हैं।
उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि संगड़ाह का मामला संज्ञान में आया है। ड्रग इंस्पेक्टर को टीम सहित छानबीन के लिए कहा गया है। यह टीम मौके पर जाकर मामले की छानबीन करेगी।