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जनपद सिरमौर में भारी बारिश का कहर, कई सड़कें बंद
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:27 PM IST
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नाहन/सतौन/ राजपुर (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बुधवार की रात हुई भारी बारिश के साथ आए मलबे व चट्टानों से एक दर्जन के करीब मार्ग बंद हो गए। निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जिले की मुख्य सड़कों के साथ-साथ एनएच भी कई घंटों तक बाधित रहे। ऐसे में लोगों को गंतव्य स्थानों तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी।
जिले के विभिन्न रूटों पर आधा दर्जन फंसी रहीं। नाहन-ददाहू मार्ग वीरवार सुबह 5 बजे बंद हो गया। पहाड़ी से गिरी बड़ी चट्टानों ने कई घंटों तक यातायात रोके रखा। इसके अलावा नाहन-कौलांवालाभूड़, पांवटा-शिलाई एचएच 707, सतौन-रेणुका, मानल-कोडग़ा, चौकी मृगवाल, जमटा-ददाहू, पांवटा-नघेता आदि कई मार्ग बंद रहे।
उधर, एचआरटीसी के आरएम रसीद शेख ने बताया कि बलसार में पहले ही दो बसें फंसी हैं। वीरवार को बारिश के चलते बंद हुए मार्गों से देवका, अजौली, कौलांवालाभूड़ व पांवटा आदि क्षेत्रों में निगम की आधा दर्जन के करीब बसें फंसी हैं।
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घरों में घुसा पानी, फसलें तबाह
टौंरु भैला-पांवटा-डाकपत्थर मुख्य सड़क स्थित अंबोया-पुरुवाला-खोड़ोवाला में दोपहरिया और धौलीरोह खड्ड ने तबाही मचाई। पुरुवाला चौक में खड्ड का पानी लोगों के घरों, दुकानों व खेतों में घुस आया। इससे धान, मक्की व गन्ना की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा।
वहीं, शिलाई क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जामना में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। स्कूल, खेल मैदान, शौचालयों और कमरों में भी पानी भर गया। प्रधानाचार्य जोगीराम शर्मा ने बताया कि स्कूल के दो कमरों, शौचालय और स्टाफ रूम में पानी भर गया था। इस कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इसके अलावा बरसात से सतौन में एक कृत्रिम तालाब बन गया। इस कारण पानी उद्योगों में घुस गया। सतौन पंचायत का अधिकतर पानी एक जगह हरिजन बस्ती के समीप एंगल स्टेशन में इकट्ठा हो रहा है। वीरवार को झील बनने से स्थानीय किसानों की 20 बीघा जमीन पानी की चपेट में आ गई। इससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। सतौन पंचायत प्रधान रजनीश चौहान ने बताया कि इस बारे में पंचायत ने मास्टर प्लान भेजा है। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के साथ जमीन को लेकर सहमति न बनने से परियोजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है।
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जिले की मुख्य सड़कों के साथ-साथ एनएच भी कई घंटों तक बाधित रहे। ऐसे में लोगों को गंतव्य स्थानों तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी।
जिले के विभिन्न रूटों पर आधा दर्जन फंसी रहीं। नाहन-ददाहू मार्ग वीरवार सुबह 5 बजे बंद हो गया। पहाड़ी से गिरी बड़ी चट्टानों ने कई घंटों तक यातायात रोके रखा। इसके अलावा नाहन-कौलांवालाभूड़, पांवटा-शिलाई एचएच 707, सतौन-रेणुका, मानल-कोडग़ा, चौकी मृगवाल, जमटा-ददाहू, पांवटा-नघेता आदि कई मार्ग बंद रहे।
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उधर, एचआरटीसी के आरएम रसीद शेख ने बताया कि बलसार में पहले ही दो बसें फंसी हैं। वीरवार को बारिश के चलते बंद हुए मार्गों से देवका, अजौली, कौलांवालाभूड़ व पांवटा आदि क्षेत्रों में निगम की आधा दर्जन के करीब बसें फंसी हैं।
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घरों में घुसा पानी, फसलें तबाह
टौंरु भैला-पांवटा-डाकपत्थर मुख्य सड़क स्थित अंबोया-पुरुवाला-खोड़ोवाला में दोपहरिया और धौलीरोह खड्ड ने तबाही मचाई। पुरुवाला चौक में खड्ड का पानी लोगों के घरों, दुकानों व खेतों में घुस आया। इससे धान, मक्की व गन्ना की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा।
वहीं, शिलाई क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जामना में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। स्कूल, खेल मैदान, शौचालयों और कमरों में भी पानी भर गया। प्रधानाचार्य जोगीराम शर्मा ने बताया कि स्कूल के दो कमरों, शौचालय और स्टाफ रूम में पानी भर गया था। इस कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इसके अलावा बरसात से सतौन में एक कृत्रिम तालाब बन गया। इस कारण पानी उद्योगों में घुस गया। सतौन पंचायत का अधिकतर पानी एक जगह हरिजन बस्ती के समीप एंगल स्टेशन में इकट्ठा हो रहा है। वीरवार को झील बनने से स्थानीय किसानों की 20 बीघा जमीन पानी की चपेट में आ गई। इससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। सतौन पंचायत प्रधान रजनीश चौहान ने बताया कि इस बारे में पंचायत ने मास्टर प्लान भेजा है। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के साथ जमीन को लेकर सहमति न बनने से परियोजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है।