{"_id":"6ac7845476264440360c6784","slug":"16-families-in-ranguva-jamna-panchayat-lack-regular-water-supply-nahan-news-c-177-1-nhn1011-191008-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: जामना पंचायत के रांगुवा में 16 परिवारों को पानी की नियमित आपूर्ति नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: जामना पंचायत के रांगुवा में 16 परिवारों को पानी की नियमित आपूर्ति नहीं
Fri, 09 Oct 2026 12:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:22 AM IST
विज्ञापन
जामना पंचायत के रांगुवा गांव के लिए बने पानी के स्टोर टैंक की जर्जर हालत। संवाद
सप्ताहभर बाद होती है सप्लाई, मजबूरी में स्टोर करना पड़ रहा पानी
विभाग का दावा, रोजाना हो रही पेयजल आपूर्ति, नई टंकी के लिए ग्रामीणों ने नहीं दी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। जामना पंचायत के रांगुवा गांव में पेयजल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में दो पेयजल स्रोत होने के बावजूद 16 परिवारों को नियमित पानी नहीं मिल रहा है। करीब एक सप्ताह के अंतराल पर आपूर्ति मिलने के कारण ग्रामीणों को पहले से पानी स्टोर करके रखना पड़ रहा है।
ग्रामीण मामराज शर्मा, रति राम शर्मा, लायक राम शर्मा, जगत सिंह, सविता देवी, राजो देवी और सुमित्रा देवी ने बताया कि गांव में शावगा कांडों प्रवाह पेयजल योजना और जामना-माशु उठाऊ पेयजल योजना से पानी आता है। शावगा कांडों वाली लाइन से नाममात्र पानी पहुंच रहा है, जबकि उठाऊ पेयजल योजना से भी नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उठाऊ पेयजल योजना के निर्माण के समय गांव के लिए अलग स्टोरेज टैंक नहीं बनाया गया। कई दशक पुराने टैंक में ही पानी छोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि टैंक में गंदा और झागयुक्त पानी आने के कारण उन्हें मजबूरी में इसका इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नियमित पेयजल आपूर्ति के साथ नया स्टोरेज टैंक बनाने की मांग की है।
विज्ञापन
कोट
जल शक्ति विभाग कफोटा के सहायक अभियंता वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि रांगुवा गांव में रोजाना पेयजल आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि टोंस नदी पर बनी जामना-माशु उठाऊ पेयजल योजना से प्रतिदिन करीब तीन लाख लीटर पानी जामना और माशु पंचायतों की तीन हजार से अधिक आबादी को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के निर्माण के समय ग्रामीणों ने नए टैंक के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करवाई थी, इसलिए पुराने टैंक में ही पानी छोड़ा जा रहा है। उनके अनुसार पुराने टैंक की स्थिति ठीक है। -वीरेंद्र शर्मा, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग कफोटा
विज्ञापन
विभाग का दावा, रोजाना हो रही पेयजल आपूर्ति, नई टंकी के लिए ग्रामीणों ने नहीं दी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। जामना पंचायत के रांगुवा गांव में पेयजल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में दो पेयजल स्रोत होने के बावजूद 16 परिवारों को नियमित पानी नहीं मिल रहा है। करीब एक सप्ताह के अंतराल पर आपूर्ति मिलने के कारण ग्रामीणों को पहले से पानी स्टोर करके रखना पड़ रहा है।
ग्रामीण मामराज शर्मा, रति राम शर्मा, लायक राम शर्मा, जगत सिंह, सविता देवी, राजो देवी और सुमित्रा देवी ने बताया कि गांव में शावगा कांडों प्रवाह पेयजल योजना और जामना-माशु उठाऊ पेयजल योजना से पानी आता है। शावगा कांडों वाली लाइन से नाममात्र पानी पहुंच रहा है, जबकि उठाऊ पेयजल योजना से भी नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि उठाऊ पेयजल योजना के निर्माण के समय गांव के लिए अलग स्टोरेज टैंक नहीं बनाया गया। कई दशक पुराने टैंक में ही पानी छोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि टैंक में गंदा और झागयुक्त पानी आने के कारण उन्हें मजबूरी में इसका इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नियमित पेयजल आपूर्ति के साथ नया स्टोरेज टैंक बनाने की मांग की है।
विज्ञापन
कोट
जल शक्ति विभाग कफोटा के सहायक अभियंता वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि रांगुवा गांव में रोजाना पेयजल आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि टोंस नदी पर बनी जामना-माशु उठाऊ पेयजल योजना से प्रतिदिन करीब तीन लाख लीटर पानी जामना और माशु पंचायतों की तीन हजार से अधिक आबादी को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के निर्माण के समय ग्रामीणों ने नए टैंक के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करवाई थी, इसलिए पुराने टैंक में ही पानी छोड़ा जा रहा है। उनके अनुसार पुराने टैंक की स्थिति ठीक है। -वीरेंद्र शर्मा, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग कफोटा

जामना पंचायत के रांगुवा गांव के लिए बने पानी के स्टोर टैंक की जर्जर हालत। संवाद

जामना पंचायत के रांगुवा गांव के लिए बने पानी के स्टोर टैंक की जर्जर हालत। संवाद