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जिला सिरमौर के पर्यटन को लगेंगे पंख
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर के ऊपरी इलाकों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए 10.46 करोड़ रुपये की कार्य परियोजना तैयार हो गई है। जिले के हरिपुरधार, नौहराधार, चूड़धार, राजगढ़ और हाब्बन आदि हिस्सों में पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। इन स्थलों का एशियन विकास बैंक निरीक्षण भी कर चुका है। उपायुक्त सिरमौर ललित जैन ने बताया कि पर्यटन विभाग के सौजन्य से तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नौहराधार से चूड़धार तक पैदल रास्ते के निर्माण के लिए एक करोड़ 81 लाख और राजगढ़-हरिपुधार सड़क पर आने वाले मनोहारी दृष्य देखने के लिए चयनित स्थलों के विकास के लिए 28 लाख का प्राक्कलन तैयार किया गया है, जिससे इस सड़क पर यात्रा करने के दौरान पर्यटक प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद ले सकें। माता भंगायणी मंदिर हरिपुरधार में पर्यटकों के लिए सुविधाओं के सृजन के लिए दो करोड़ की कार्य योजना तैयार की गई है। इनमें एक करोड़ 80 लाख की लागत से मंदिर परिसर में सांस्कृतिक मंच, शौचालय, रेलिंग, पार्किंग आदि, 20 लाख की राशि हरिपुरधार स्थित प्राचीन किला तक रास्ते के निर्माण पर खर्च होगी। शिरगुल महाराज की जन्म स्थली शाया छबरोन में स्थित प्राचीन शिरगुल मंदिर के सौंदर्यीकरण, संग्रहालय और मंदिर की आवश्यक मरम्मत को एक करोड़ रुपये, हाब्बन से बनालीधार के लिए ट्रैकिंग रूट के निर्माण को 25 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राजगढ़ शहर के सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत राजगढ़ शहर में पैदल रास्ते, पार्किंग, साइन बोर्ड और रोशनी आदि विकास कार्य करवाना प्रस्तावित है। राजगढ़ के समीप करगानू में गिरि नदी पर कृत्रिम झील निर्मित करने के अतिरिक्त कैफेटेरिया, परिदृष्य, जल क्रीड़ाओं इत्यादि गतिविधियों के लिए परियोजना में दो करोड़ का प्रावधान किया गया है। डीसी ने बताया कि राजगढ़ के समीप सैर-जगास में पैराग्लाइडिंग के लिए उपयुक्त स्थल पाए जाने पर इस क्षेत्र को नई मंजिल-नई राहें नामक योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लिए इस परियोजना में दो करोड़ का प्रावधान किया गया है। पैराग्लाइडिंग स्थल तक सड़क का निर्माण, कैफेटेरिया, चेंजिंग रूम, लैंड-स्केपिंग सहित कई विकास प्रस्तावित हैं। इन चयनित क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।
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नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर के ऊपरी इलाकों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए 10.46 करोड़ रुपये की कार्य परियोजना तैयार हो गई है। जिले के हरिपुरधार, नौहराधार, चूड़धार, राजगढ़ और हाब्बन आदि हिस्सों में पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। इन स्थलों का एशियन विकास बैंक निरीक्षण भी कर चुका है। उपायुक्त सिरमौर ललित जैन ने बताया कि पर्यटन विभाग के सौजन्य से तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नौहराधार से चूड़धार तक पैदल रास्ते के निर्माण के लिए एक करोड़ 81 लाख और राजगढ़-हरिपुधार सड़क पर आने वाले मनोहारी दृष्य देखने के लिए चयनित स्थलों के विकास के लिए 28 लाख का प्राक्कलन तैयार किया गया है, जिससे इस सड़क पर यात्रा करने के दौरान पर्यटक प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद ले सकें। माता भंगायणी मंदिर हरिपुरधार में पर्यटकों के लिए सुविधाओं के सृजन के लिए दो करोड़ की कार्य योजना तैयार की गई है। इनमें एक करोड़ 80 लाख की लागत से मंदिर परिसर में सांस्कृतिक मंच, शौचालय, रेलिंग, पार्किंग आदि, 20 लाख की राशि हरिपुरधार स्थित प्राचीन किला तक रास्ते के निर्माण पर खर्च होगी। शिरगुल महाराज की जन्म स्थली शाया छबरोन में स्थित प्राचीन शिरगुल मंदिर के सौंदर्यीकरण, संग्रहालय और मंदिर की आवश्यक मरम्मत को एक करोड़ रुपये, हाब्बन से बनालीधार के लिए ट्रैकिंग रूट के निर्माण को 25 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राजगढ़ शहर के सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत राजगढ़ शहर में पैदल रास्ते, पार्किंग, साइन बोर्ड और रोशनी आदि विकास कार्य करवाना प्रस्तावित है। राजगढ़ के समीप करगानू में गिरि नदी पर कृत्रिम झील निर्मित करने के अतिरिक्त कैफेटेरिया, परिदृष्य, जल क्रीड़ाओं इत्यादि गतिविधियों के लिए परियोजना में दो करोड़ का प्रावधान किया गया है। डीसी ने बताया कि राजगढ़ के समीप सैर-जगास में पैराग्लाइडिंग के लिए उपयुक्त स्थल पाए जाने पर इस क्षेत्र को नई मंजिल-नई राहें नामक योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लिए इस परियोजना में दो करोड़ का प्रावधान किया गया है। पैराग्लाइडिंग स्थल तक सड़क का निर्माण, कैफेटेरिया, चेंजिंग रूम, लैंड-स्केपिंग सहित कई विकास प्रस्तावित हैं। इन चयनित क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।