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ट्रक मालिकों को किस्त चुकाने के पड़े लाले
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:49 PM IST
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। देशव्यापी अनिश्चितकालीन ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल 7वें दिन भी जारी रही। इससे नए ट्राले और ट्रक मालिकों के समक्ष किस्त की अदायगी की चिंता भी साफ झलकने लगी है। ऐसे में वाहन मालिकों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। हालांकि, देशव्यापी हड़ताल में वे यूनियन के साथ डट कर खड़े हैं। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान बलजीत सिंह नागरा ने कहा कि हड़ताल जारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य इकाइयों के साथ मिल कर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने माना कि कई ट्रक-ट्राले ऐसे हैं, जिनकी भारी भरकम किस्तें हर माह मालिकों को जमा करवानी पड़ती हैं। इन ट्रांसपोर्टरों की चिंता स्वाभाविक है। लेकिन, संघर्ष में इन ट्रक मालिकों ने साथ खड़े होने का दम दिखाया है। उन्होंने कहा कि पांवटा के करीब 900 ट्रक देश के विभिन्न राज्यों में खड़े हैं। इनमें कई सामग्री से लदे ट्रक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पांवटा यूनियन को ही रोज करीब 30 लाख का नुकसान हो रहा है। सतौन, खोड़ोंवाला सहित अन्य यूनियनों को मिलाकर रोज करीब 50 लाख का नुकसान ट्रांसपोर्टरों को हो रहा है। इससे जिले में साढ़े तीन करोड़ से अधिक की क्षति केवल ट्रांसपोर्टरों को हीहो चुकी है। इसमें पांवटा ट्रक यूनियन को ही करीब ढाई करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है।
हड़ताल से हर रोज दस करोड़ की चपत
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स की पांवटा इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल का कहा कि हड़ताल पर केंद्र सरकार की चुप्पी हैरानजनक है। यदि शीघ्र हड़ताल नहीं टूटी तो दर्जनों लघु इकाइयों की कमर टूट कर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि पांवटा की इकाइयों से रोजाना 30 करोड़ का माल डिस्पैच होता है। इस हड़ताल से उद्यमियों को रोज करीब 10 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि माल से लदे सैकड़ों वाहन विभिन्न राज्यों में खड़े है। इससे चोरी होने और माल खराब होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फूड प्रोडेक्टस भेजने वाली इकाइयों समेत दर्जनों इकाइयों को क्षति हो रही है। दो दर्जन से अधिक इकाइयों में करीब दो हजार अतिरिक्त लेबर कार्य करती थी। प्रोडेक्शन ठप होने पर अब इन मजदूरों को कार्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार समय रहते इस हड़ताल को खत्म करने के लिए कदम उठाए।
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हड़ताल से हर रोज दस करोड़ की चपत
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स की पांवटा इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल का कहा कि हड़ताल पर केंद्र सरकार की चुप्पी हैरानजनक है। यदि शीघ्र हड़ताल नहीं टूटी तो दर्जनों लघु इकाइयों की कमर टूट कर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि पांवटा की इकाइयों से रोजाना 30 करोड़ का माल डिस्पैच होता है। इस हड़ताल से उद्यमियों को रोज करीब 10 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि माल से लदे सैकड़ों वाहन विभिन्न राज्यों में खड़े है। इससे चोरी होने और माल खराब होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फूड प्रोडेक्टस भेजने वाली इकाइयों समेत दर्जनों इकाइयों को क्षति हो रही है। दो दर्जन से अधिक इकाइयों में करीब दो हजार अतिरिक्त लेबर कार्य करती थी। प्रोडेक्शन ठप होने पर अब इन मजदूरों को कार्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार समय रहते इस हड़ताल को खत्म करने के लिए कदम उठाए।
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