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भयंकर सूखा, गेहूं, दालें और सब्जियां हो गई तबाह
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:03 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
हितेश शर्मा
नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में बारिश नहीं होने से किसान बैकफुट पर आ गए हैं। गेहूं, दालें और सब्जियां सूखे की चपेट में आने से तबाह हो गई। जबकि सेब, आड़ू, नाशपाती, प्लम, खुमानी आदि की फसल पर भी संकट के बादल मंडरा गए हैं।
कृषि और बागवानी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। अकेले गेहूं की फसल को ही 20 करोड़ से अधिक के नुकसान का आकलन है। जल्द बारिश नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है। गेहूं की करीब 50 फीसदी फसल तबाह हो गई है। गेहूं फसल पीली पड़ने के साथ सूखने नगी है। विभाग फील्ड से सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है।
सिरमौर में लगभग 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की गई है। अब तक विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन किया है। विभाग के मुताबिक गेहूं को 20 करोड़, लहसुन व अन्य सब्जियों को 2.83 करोड़ का नुकसान आंका है। जबकि, 1.16 करोड़ की दलहनी फसलें प्रभावित हो चुकी हैं।
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सूखे से जिला के नौहराधार, हरिपुरधार, संगड़ाह, शिलाई, कफोटा, रोनहाट आदि क्षेत्रों की कई पंचायतों में गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। इसके अलावा सैनधार, धारटीधार व पच्छाद क्षेत्र की कई पंचायतों में भी सूखे की मार से फसलें लगातार सूख रही हैं। इन क्षेत्रों में ज्यादातर पंचायतें व गांव ऐसे हैं जो इंद्रदेव के रहमोकरम पर ही आश्रित हैं। इन क्षेत्रों में 60 फीसदी किसानों के पास सिंचाई की सुविधा नहीं है। महज 40-50 फीसदी किसान ही फसलों की समय पर सिंचाई कर पाते हैं।
विभाग की टीमें ले रहीं नुकसान का जायजा
जिला सिरमौर में सूखे की मार पड़ रही है। विभाग की टीमें फील्ड में जाकर नुकसान का जायजा लेने में जुटी हैं। गेहूं की 40 फीसदी फसल सूखे से प्रभावित हुई है। वहीं लहसुन व आलू आदि नकदी फसलों पर भी सूखे की मार पड़ने लगी है। फिलहाल, रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
- डॉ. विद्यासागर, उपनिदेशक कृषि विभाग सिरमौर
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नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में बारिश नहीं होने से किसान बैकफुट पर आ गए हैं। गेहूं, दालें और सब्जियां सूखे की चपेट में आने से तबाह हो गई। जबकि सेब, आड़ू, नाशपाती, प्लम, खुमानी आदि की फसल पर भी संकट के बादल मंडरा गए हैं।
कृषि और बागवानी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। अकेले गेहूं की फसल को ही 20 करोड़ से अधिक के नुकसान का आकलन है। जल्द बारिश नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है। गेहूं की करीब 50 फीसदी फसल तबाह हो गई है। गेहूं फसल पीली पड़ने के साथ सूखने नगी है। विभाग फील्ड से सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है।
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सिरमौर में लगभग 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की गई है। अब तक विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन किया है। विभाग के मुताबिक गेहूं को 20 करोड़, लहसुन व अन्य सब्जियों को 2.83 करोड़ का नुकसान आंका है। जबकि, 1.16 करोड़ की दलहनी फसलें प्रभावित हो चुकी हैं।
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सूखे से जिला के नौहराधार, हरिपुरधार, संगड़ाह, शिलाई, कफोटा, रोनहाट आदि क्षेत्रों की कई पंचायतों में गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। इसके अलावा सैनधार, धारटीधार व पच्छाद क्षेत्र की कई पंचायतों में भी सूखे की मार से फसलें लगातार सूख रही हैं। इन क्षेत्रों में ज्यादातर पंचायतें व गांव ऐसे हैं जो इंद्रदेव के रहमोकरम पर ही आश्रित हैं। इन क्षेत्रों में 60 फीसदी किसानों के पास सिंचाई की सुविधा नहीं है। महज 40-50 फीसदी किसान ही फसलों की समय पर सिंचाई कर पाते हैं।
विभाग की टीमें ले रहीं नुकसान का जायजा
जिला सिरमौर में सूखे की मार पड़ रही है। विभाग की टीमें फील्ड में जाकर नुकसान का जायजा लेने में जुटी हैं। गेहूं की 40 फीसदी फसल सूखे से प्रभावित हुई है। वहीं लहसुन व आलू आदि नकदी फसलों पर भी सूखे की मार पड़ने लगी है। फिलहाल, रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
- डॉ. विद्यासागर, उपनिदेशक कृषि विभाग सिरमौर