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बस चालक और यात्री जान जोखिम में डालकर खोल रहे सड़कें
Updated Thu, 13 Dec 2018 10:56 PM IST
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चालकों और यात्रियों ने खुद बहाल कीं सड़कें
लोनिवि ने मार्गों को बहाल करने में नहीं दिखाई मुस्तैदी
कई जगह मीलों सफर कर गंतव्य तक पहुंच रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
हरिपुरधार (सिरमौर)। जिले में बर्फबारी के बाद बंद पड़ी अधिकतर सड़कों पर वीरवार को यातायात बहाल हो गया है। बर्फ से अटी अधिकतर सड़कों को बस चालकों और यात्रियों ने जान जोखिम में डाल कर खुद ही बहाल किया है। सड़के बंद होने के कारण क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में 16 बसें फंस गई थीं। सड़कों की बहाली के लिए 15 घंटे तक बस चालक लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीनों का इंतजार करते रहे लेकिन विभाग की ओर से सड़कें बहाल करने के कोई प्रयास नहीं किए गए। इसके चलते बस चालकों और यात्रियों ने खुद ही सड़कों को बहाल करने का कार्य शुरू किया।
बस चालकों और यात्रियों की कड़ी मशक्कत के बाद सोलन-मीनस, हरिपुरधार-नाहन, हरिपुरधार-शिलाई समेत सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात बहाल हो गया है। हालांकि, हरिपुरधार-नाहन मार्ग पर फिलहाल निजी बसें ही चल रही हैं। नाहन से आने वाली सभी सरकारी बसें डल्यानु से ही वापस नाहन जा रही हैं। लोक विभाग की सुस्त कार्य प्रणाली को लेकर लोगों में रोष है। लोगों का आरोप है कि एसडीओ हरिपुरधार बंद सड़कों को बहाल करने में कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
कुपवी मार्ग दूसरे दिन बंद, मीलों पैदल चले लोग
भारी बर्फबारी के कारण बंद हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पर दूसरे दिन भी यातायात ठप रहा। लोक निर्माण विभाग की ओर से 34 घंटे तक इस सड़क को खोलने का कोई प्रयास नहीं किया गया। इसके चलते कुपवी क्षेत्र जाने वाले लोगों को हरिपुरधार से पंचभैया तक का 10 किमी का सफर पैदल चलकर ही तय करना पड़ा। कुपवी से नाहन और शिमला जाने के लिए यात्रियों को तराह सेंज खड्ड मार्ग से होते हुए लगभग 50 किमी का अतिरिक्त सफर तय करके हरिपुरधार आना पड़ा। क्षेत्र के लोगों में लोक निर्माण विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। हरिपुरधार-कुपवी मार्ग बुधवार सुबह करीब पांच बजे बंद हुआ था। इस सड़क को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग यदि समय पर जेसीबी भेज देता तो बुधवार दोपहर बाद ही इस सड़क पर यातायात बहाल हो सकता था। उधर, हरिपुरधार-लोहानधार मार्ग पर भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है। बाग, धमराह, लोहानधार व मंझोली आदि क्षेत्रों से लोगों को 10 से 15 किमी पैदल चलकर हरिपुरधार पहुंचना पड़ रहा है।
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यातायात के लिए प्रमुख सड़कें बहाल : एक्सईएन
एसडीओ हरिपुरधार से संपर्क करने के लिए भरसक प्रयास किए गए लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एक्सईएन संगड़ाह आरके शर्मा ने बताया कि सभी प्रमुख सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
दूसरे दिन भी हुई बर्फबारी
हरिपुरधार क्षेत्र में दूसरे दिन भी बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। दोपहर एक बजे तक रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। इससे लोगों को तापमान में आई गिरावट के कारण ठंड से ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ा। हरिपुरधार में दिन का अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान माइनस चार डिग्री तक पहुंच गया।
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लोनिवि ने मार्गों को बहाल करने में नहीं दिखाई मुस्तैदी
कई जगह मीलों सफर कर गंतव्य तक पहुंच रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
हरिपुरधार (सिरमौर)। जिले में बर्फबारी के बाद बंद पड़ी अधिकतर सड़कों पर वीरवार को यातायात बहाल हो गया है। बर्फ से अटी अधिकतर सड़कों को बस चालकों और यात्रियों ने जान जोखिम में डाल कर खुद ही बहाल किया है। सड़के बंद होने के कारण क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में 16 बसें फंस गई थीं। सड़कों की बहाली के लिए 15 घंटे तक बस चालक लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीनों का इंतजार करते रहे लेकिन विभाग की ओर से सड़कें बहाल करने के कोई प्रयास नहीं किए गए। इसके चलते बस चालकों और यात्रियों ने खुद ही सड़कों को बहाल करने का कार्य शुरू किया।
बस चालकों और यात्रियों की कड़ी मशक्कत के बाद सोलन-मीनस, हरिपुरधार-नाहन, हरिपुरधार-शिलाई समेत सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात बहाल हो गया है। हालांकि, हरिपुरधार-नाहन मार्ग पर फिलहाल निजी बसें ही चल रही हैं। नाहन से आने वाली सभी सरकारी बसें डल्यानु से ही वापस नाहन जा रही हैं। लोक विभाग की सुस्त कार्य प्रणाली को लेकर लोगों में रोष है। लोगों का आरोप है कि एसडीओ हरिपुरधार बंद सड़कों को बहाल करने में कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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कुपवी मार्ग दूसरे दिन बंद, मीलों पैदल चले लोग
भारी बर्फबारी के कारण बंद हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पर दूसरे दिन भी यातायात ठप रहा। लोक निर्माण विभाग की ओर से 34 घंटे तक इस सड़क को खोलने का कोई प्रयास नहीं किया गया। इसके चलते कुपवी क्षेत्र जाने वाले लोगों को हरिपुरधार से पंचभैया तक का 10 किमी का सफर पैदल चलकर ही तय करना पड़ा। कुपवी से नाहन और शिमला जाने के लिए यात्रियों को तराह सेंज खड्ड मार्ग से होते हुए लगभग 50 किमी का अतिरिक्त सफर तय करके हरिपुरधार आना पड़ा। क्षेत्र के लोगों में लोक निर्माण विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। हरिपुरधार-कुपवी मार्ग बुधवार सुबह करीब पांच बजे बंद हुआ था। इस सड़क को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग यदि समय पर जेसीबी भेज देता तो बुधवार दोपहर बाद ही इस सड़क पर यातायात बहाल हो सकता था। उधर, हरिपुरधार-लोहानधार मार्ग पर भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है। बाग, धमराह, लोहानधार व मंझोली आदि क्षेत्रों से लोगों को 10 से 15 किमी पैदल चलकर हरिपुरधार पहुंचना पड़ रहा है।
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यातायात के लिए प्रमुख सड़कें बहाल : एक्सईएन
एसडीओ हरिपुरधार से संपर्क करने के लिए भरसक प्रयास किए गए लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एक्सईएन संगड़ाह आरके शर्मा ने बताया कि सभी प्रमुख सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
दूसरे दिन भी हुई बर्फबारी
हरिपुरधार क्षेत्र में दूसरे दिन भी बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। दोपहर एक बजे तक रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। इससे लोगों को तापमान में आई गिरावट के कारण ठंड से ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ा। हरिपुरधार में दिन का अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान माइनस चार डिग्री तक पहुंच गया।